कोर्ट ने कहा- प्रेम प्रसंग में सहमति से बने संबंध को दुष्कर्म का…1 min read

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नई दिल्ली। प्रेम प्रसंग में सहमति से बने संबंध को दुष्कर्म का नाम क्यों दिया जा रहा है। बालिग और पढ़ी लिखी युवती अपने भले-बुरे के बारे में भली-भांति जानती है। शादी से पहले बने शारीरिक संबंधों का युवती ने विरोध नहीं किया जिससे जाहिर है कि संबंध युवती की सहमति से बने।

सहारनपुर निवासी एक युवती यमुनानगर में नौकरी करती थी। उसका दिनेश के साथ वर्ष 2013 से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परिजनों की सहमति से दोनों की 17 अप्रैल 2016 को सगाई हो गई और 8 नवंबर 2016 शादी भी तय की गई। शादी के लिए युवक के परिजनों ने हॉल भी बुक करा लिया।

इसी बीच एक दिन दिनेश ने युवती के मोबाइल में दूसरे लड़कों के साथ आपत्तिजनक फोटो देखने के बाद शादी से इन्कार कर दिया। इस पर युवती ने दिनेश पर शादी का दबाव भी बनाया। जब वह नहीं माना तो युवती ने 22 अक्टूबर, 2016 को महिला थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया।
युवती ने पुलिस और कोर्ट में जो बयान दिए उन्हें वह जिरह के दौरान साबित नहीं कर पाई। युवती के मुताबिक 20 मार्च, 2016 को दिनेश ने रुड़की में उसके साथ गलत काम किया जबकि इस घटना के करीब एक महीने बाद दोनों की सगाई हुई थी। वहीं युवती ने किसी से भी स्वयं से हुए दुराचार के बारे में चर्चा भी नहीं की। युवती वारदात की सही तारीख और समय भी बता नहीं पाई। कोर्ट ने माना कि आरोपित की मंशा युवती से शादी करने की थी इसीलिए उसने सगाई और शादी की तारीख तय की थी।

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