
सुप्रीम कोर्ट ने EVM-VVPAT पर भरोसा जताया: बैलेट पेपर से चुनाव की मांग खारिज, मशीनों को बताया सुरक्षित और भरोसेमंद

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए EVM और VVPAT मशीनों पर भरोसा जताया है। सुप्रीम कोर्ट ने EVM और VVPAT पर्चियों की 100% क्रॉस-चेकिंग की मांग और बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की याचिकाएं खारिज कर दीं।
EVM-VVPAT मशीनें सुरक्षित और भरोसेमंद, याचिकाएं खारिज
मामले की सुनवाई कर रहे दोनों जज- जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता ने 24 अप्रैल की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। बेंच ने 40 मिनट की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि EVM और VVPAT मशीनें सुरक्षित और भरोसेमंद हैं। इन मशीनों में गड़बड़ी की कोई आशंका नहीं है।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने
जस्टिस खन्ना ने कहा कि "हमने इस मामले में पहले भी सुनवाई की थी और सभी पक्षों की दलीलें सुनी थीं। आज हमने कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे और हमें वो मिल गए हैं। हम इस बात से संतुष्ट हैं कि EVM और VVPAT मशीनें सुरक्षित और भरोसेमंद हैं।"
क्या थीं याचिकाएं
विपक्ष के कई नेताओं ने EVM और VVPAT मशीनों में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए याचिकाएं दाखिल की थीं। इन नेताओं ने मांग की थी कि सभी वोटों की 100% क्रॉस-चेकिंग VVPAT पर्चियों से की जाए और भविष्य में चुनाव बैलेट पेपर से करवाए जाएं। इस केस में याचिकाकर्ताओं की तरफ से एडवोकेट प्रशांत भूषण, गोपाल शंकरनारायण और संजय हेगड़े पैरवी कर रहे हैं। प्रशांत एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की तरफ से हैं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से अब तक एडवोकेट मनिंदर सिंह, अफसरों और केंद्र सरकार की ओर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता मौजूद रहे हैं।
चुनाव आयोग ने क्या कहा
चुनाव आयोग ने इन याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा था कि EVM और VVPAT मशीनें पूरी तरह सुरक्षित हैं और इनमें गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। आयोग ने यह भी कहा कि 100% क्रॉस-चेकिंग करना व्यावहारिक रूप से असंभव है और इससे चुनाव प्रक्रिया में देरी होगी।
VVPAT क्या है?
यह एक वोट वेरिफिकेशन सिस्टम है, जिससे पता चलता है कि कि वोट सही तरीके से गया है या नहीं।
इसमें दो हिस्से होते हैं
प्रिंटर और डिस्प्ले यूनिट। प्रिंटर वोटर्स के सेलेक्शन का रिकॉर्ड देता है। डिस्प्ले यूनिट किसी भी गलती को दिखाती है।
यह कैसे काम करता है?
EVM में वोट डालने के बाद VVPAT एक स्लिप प्रिंट करती है, जो 7 सेकेंड तक दिखती है। इसके बाद VVPAT मशीन के अंदर चली जाती है।
स्लिप में होता क्या है?
वोटर जिसे वोट करते हैं, उस कैंडिडेट/पार्टी का नाम, सीरियल नंबर और चुनाव चिन्ह।
Aaryan Puneet Dwivedi
Aaryan Puneet Dwivedi is a senior editor and an experienced journalist who has been active in the news industry since 2013. He has extensive experience covering and editing news across multiple fields, including politics, national and international affairs, sports, technology, business, and social issues. He is a state-level accredited journalist recognized by the Madhya Pradesh government. Known for his in-depth understanding of news and current affairs, he focuses on delivering accurate, reliable, and reader-friendly information across all major news categories.




