Shastri breaks silence over Dhoni | धोनी के मामले में कोच शास्त्री ने तोड़ी चुप्पी, दिया ऐसा बयान 1

Shastri breaks silence over Dhoni | धोनी के मामले में कोच शास्त्री ने तोड़ी चुप्पी, दिया ऐसा बयान

Sports National

महेंद्रसिंह धोनी को न्यूजीलैंड के खिलाफ क्रिकेट वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में देरी से भेजे जाने को लेकर बहस अभी भी जारी है। हर कोई यह जानने को बेकरार है कि ऐसी विषम परिस्थिति में धोनी को सातवें क्रम पर क्यों भेजा गया। इस मामले में टीम के चीफ कोच रवि शास्त्री ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए अपना पक्ष रखा।

शास्त्री ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि धोनी को सातवे क्रम पर भेजने का फैसला पूरी टीम का था। अगर धोनी को जल्दी भेजा जाता और वे आउट हो जाते तो लक्ष्य हासिल करने का पूरा प्लान ही अधर में लटक जाता। यह तय किया गया था कि उन्हें सातवें क्रम पर भेजा जाए ताकि वे निचले क्रम के बल्लेबाजों को लेकर खेले। हम उनके अनुभव का लाभ उठाना चाहते थे, वो दुनिया के सबसे बड़े फिनिशर हैं और अगर हम उनका सही उपयोग नहीं करते तो यह अन्याय होता।

उन्होंने कहा कि धोनी अद्भुत खिलाड़ी है और वे सही तरीके से टारगेट की तरफ बढ़ रहे थे। उन्हें पता था कि अंतिम ओवर जिमी नीशम डालेंगे और वे उसी हिसाब से मैच में आगे बढ़ रहे थे। वे दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से गप्टिल के डायरेक्ट थ्रो पर रन आउट हुए और इस हार की निराशा उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी।

उल्लेखनीय है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप सेमीफाइनल मे 240 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए भारत ने 24 रनों पर 4 विकेट खो दिए थे। धोनी से पहले बल्लेबाजी के लिए जब दिनेश कार्तिक और हार्दिक पांड्या उतरे तो फैंस को आश्चर्य हुआ था। टीम इंडिया 49.3 ओवरों में 221 रनों पर सिमट गई थी और उसे 18 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।

वैसे मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कप्तान विराट कोहली ने भी यह कहा था कि धोनी को सातवें क्रम पर भेजने का टीम का फैसला था और वे चाहते थे कि धोनी एक छोर थामे रखकर निचले क्रम के बल्लेबाजों को साथ लेकर खेले।

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