रीवा: कांग्रेस का बड़ा आरोप, पुलिस कप्तान को बताया भाजपा का एजेंट1 min read

Rewa

कांग्रेस नेताओं ने पूछा- बंद के दौरान किसके आदेश पर हुआ लाठीचार्ज


रीवा। जिले की पुलिसिंग को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कांगे्रस नेताओं ने कहा, पुलिस के अधिकारी भाजपा एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। बीते ६ सितंबर को भारत बंद के दौरान रेलवे स्टेशन में आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। इस पर कलेक्टर का कहना है कि उन्होंने कोई आदेश नहीं दिया, ऐसे में सवाल उठता है कि किसके आदेश पर लाठियों से पीटा गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी ने कहा, पुलिस अधीक्षक जिले के मुखिया हैं लेकिन वह राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं। विपक्ष और जनता की आवाज को दबाने के कई मामले आए हैं जिसमें उनकी भूमिका संदिग्ध है। रेलवे स्टेशन में जब कलेक्टर या उनके किसी प्रतिनिधि ने लाठीचार्ज करने का आदेश नहीं दिया तो एसपी बताएं कि ऐसी कौन सी अदृश्य शक्ति है जिसके कहने पर लाठियां चलाई गई।

विधायक ने कहा कि कांग्रेस ग्रामीण कमेटी के अध्यक्ष त्रियुगीनारायण शुक्ला ने आरटीआई के तहत आवेदन कर जानकारी मांगी है कि किसके आदेश पर लाठीचार्ज हुआ और उक्त घटना पर एसपी ने शासन को क्या रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज की घटना की ज्यूडिशियल जांच हाईकोर्ट के जज से कराई जाए और एसपी को हटाया जाए, क्योंकि उनके रहते निष्पक्ष चुनाव नहीं कराए जा सकते।

जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा ने कहा, भारत बंद के दौरान रेलवे स्टेशन में घटना की सूचना पर मैं भी पहुंचा था। कई युवक चोटिल थे, वहां पर कलेक्टर भी मौजूद थीं जब उनसे पूछा कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति रही कि लाठी चलवाना पड़ा तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया। मिश्रा ने एसपी के कार्यकलाप को लेकर सवाल उठाए और कहा कि वह भाजपा के एजेंट के रूप में काम करना चाह रहे हैं।

शहर अध्यक्ष गुरमीत सिंह मंगू ने कहा कि पुलिस के साथ ही अन्य कई विभागों में ऐसे अधिकारी हैं जो केवल भाजपा नेताओं की इच्छा के अनुसार काम कर रहे हैं।

चुनाव आयोग से शिकायत करेगा प्रतिनिधिमंडल
कांग्रेस नेताओं ने कहा, चुनाव आयोग से रीवा जिले के अधिकारियों की शिकायत की जाएगी। वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हैं, कुछ महीने के लिए दूसरी जगह गए और फिर वापस आ गए हैं। इसकी सूची तैयार की जा रही है। सुंदरलाल तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिलेगा और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों को हटाने की शिकायत की जाएगी।

 घटना की जांच हम भी करा रहे हैं : एसपी
कांग्रेस नेताओं के आरोप पर पुलिस अधीक्षक सुशांत सक्सेना का कहना है कि ६ सितंबर को भारत बंद के दौरान जिले में धारा 144 लगी हुई थी। हम भी यही पता लगा रहे हैं कि किसके षड्यंत्र से उपद्रवी रेलवे की संपत्ति और रेल यात्रियों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे। धारा 144 का पालन कराया जाना था। घटना की जांच की जा रही है, रिपोर्ट आने के बाद ही वस्तुस्थिति सामने आएगी।


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