अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति पर रोड़ा, जानिए सरकार की किस लापरवाही का है असर1 min read

Rewa

रीवा : शासकीय स्कूलों में नियुक्ति पाने को लेकर न्यायालय का आदेश प्राप्त करने वाले अतिथि शिक्षकों की राह में शासन स्तर से रोड़ा अटकाया बताया जा रहा है। स्कूल में पद रिक्त होने के बावजूद एजूकेशन पोर्टल में भरा हुआ शो करने के पीछे स्कूल शिक्षा विभाग की लापरवाही मानी जा रही है।

ऑनलाइन रिकॉर्ड में पद रिक्त नहीं
अतिथि शिक्षकों की ओर से नियुक्ति की मांग किए जाने के बाद शिक्षा अधिकारियों की ओर से कुछ ऐसा ही तर्क दिया जा रहा है। शिक्षा अधिकारियों की दलील है कि स्कूलों में रिक्त पदों की जानकारी शासन स्तर से ऑनलाइन भरी जाती है। ऐसे में जब तक ऑनलाइन रिकॉर्ड में पद रिक्त नहीं शो करता है, नियुक्ति कर पाना संभव नहीं है।

रिक्त पदों की शुरू हुई जांच पड़ताल
अतिथि शिक्षकों की ओर से बुधवार को डीइओ कार्यालय में धरना प्रदर्शन किए जाने के बाद शिक्षा अधिकारी स्कूलों में रिक्त पदों की जांच पड़ताल में जुट गए हैं। शिक्षा अधिकारियों की ओर से संकुल प्राचार्यों से स्कूलों में रिक्त पदों की जानकारी दोबारा मांगे जाने का निर्णय लिया गया है।

संशोधन के बाद ही हो सकेगी नियुक्ति
कोर्ट से आदेश प्राप्त करने वाले अतिथि शिक्षकों की स्कूलों में नियुक्ति अब तभी संभव हो सकेगी, जब एजूकेशन पोर्टल के डाटा में संशोधन हो सकेगा। क्योंकि पोर्टल में बिना पद रिक्त शो किए प्राचार्यों ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति किया तो उनका मानदेय प्राचार्यों का वेतन काटकर दिया जाएगा।

सिरमौर को आईटीआई की सौगात
प्रदेश सरकार ने चुनाव से पहले सिरमौर क्षेत्र को एक और सौगात दी है। आईटीआई की स्थापना की मंजूरी दी गईहै। ये मांगे कई वर्षों से की जा रही थी। विधानसभा में भी विधायक दिव्यराज सिंह ने इस विषय को उठाया था। अब तक लंबित चल रही इस मांग को गत दिवस कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। विधायक दिव्यराज सिंह ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पानी की समस्या को लेकर कई मांगे रखी थी, जिसमें अधिकांश पूरी हो गई हैं। क्षेत्र की कुछ और भी समस्याएं हैं जो प्रशासनिक प्रतिवेदन के इंतजार में हैं। इसकी प्रक्रिया पूरी होते ही उनका भी समाधान होगा।

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