रीवा : सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए 87 डॉक्टरों की जरूरत, तीन विभागों की शुरू हुई सेवा 1

रीवा : सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए 87 डॉक्टरों की जरूरत, तीन विभागों की शुरू हुई सेवा

Rewa

रीवा : डेढ़ सौ करोड़ की लागत से बनकर तैयार सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की ओपीडी को और पहले चालू हो जाना चाहिए था, लेकिन कभी डॉटरों की नियुक्ति न हो पाना तो कभी निर्माण कार्य का पूरा न होना, इसके चालू होने में रोड़ा बन रहा था। बीते माह प्रमुख सचिव स्वास्थ्य द्वारा रीवा आगमन पर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान कई कमियों को दूर करने के लिए चिन्हित किया गया। उनके बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने भी निर्माण एजेंसी को फटकार लगाई।

वहीं ओपीडी चालू होने के दो माह पूर्व आईं डीएमई ने ाी अस्पताल के निर्माण कार्य की प्रगति एवं उसकी गुणवाा पर सवाल खड़े किये। हालांकि उन कमियों को ाी दूर करने का प्रयास किया गया है। अस्पताल की ओपीडी सेवायें देर से चालू होने का प्रमुख कारण निर्माण एजेंसी की लापरवाही मानी जा रही है। महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यहां जितने डॉटरों की भर्ती होनी थी, नहीं हो पाई है। इसके लिए एसएस मेडिकल कॉलेज प्रबंधन एवं प्रशासनिक अमला सक्रियता से प्रयासरत है। बताया गया है कि अाी तक अस्पताल को केवल 12 डॉटर ही मिल पाये हैं। इन्हीं के जिम्मे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की ओपीडी सुविधायें प्रारंभ कर दी गई हैं। हालांकि इसे ट्रायल के तौर पर प्रारंभ किया गया है, लेकिन संतोषजनक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इसलिए यह माना जा रहा है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा इसे कंाटीन्युअस किया जायेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो दिनों में करीब सवा सौ मरीजों का इलाज यहां किया जा चुका है। तीन विभागों की शुरू हुईं सेवाएं सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 1 नवंबर से तीन विभागों की ओपीडी सेवायें प्रारंभ की गई हैं। इनमें न्यूरो सर्जरी, हृदय रोग एवं मूत्र रोग विभाग प्रमुख हैं।

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