रीवा में डकैत बबली ने बढ़ाया अपना कुनबा, एक दर्जन से अधिक हथियार बंद डकैतो ने बनवाया खाना और फैलाई दहशत 1

रीवा में डकैत बबली ने बढ़ाया अपना कुनबा, एक दर्जन से अधिक हथियार बंद डकैतो ने बनवाया खाना और फैलाई दहशत

Rewa Crime Madhya Pradesh Satna

रीवा. दस्यु बबली कोल के एक बार अपनी धमक दिखाते हुए रिहायसी इलाके में घुस कर पुलिस को चुनौती दे दिया है। खबर यह भी मिली है कि उसने अब अपनी ताकत बढ़ाने के साथ ही अपना कुनबा भी बढ़ा लिया है। गनीमत यह रही कि जिस व्यक्ति के घर हथियार बंद बदमाश पहुंचे और उससे पूछा कि यह घर किसका है, तब रखवारी कर रहा व्यक्ति बताया कि वह आदिवासी है और घर भी आदिवासी का है तो बदमाश धमकाते हुए बोले कि तुहे नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, लेकिन तुम हम सभी को खाना बनाकर खिलाओ। इतना कह कर दो हथियार बंद डकैत रखवाली कर रहे व्यक्ति के पास बैठ गए, जबकि अन्य घर से दूर बैठकर पहरा देते रहे। डकैत लगभग तीन घंटे गांव में मौजूद रहे लेकिन पुलिस को भनक नही लगी और इनामी डकैत का गिरोह खाना खाकर निकल गया। दूसरे दिन मालिक के आने पर रखवाली करने वाला थाना पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई और पूरी घटना पुलिस को बताई।

जानकारी मिलते ही एसडीओपी और थाना प्रभारी मौके पर पहुंच कर आसपास के लोगों से पूछतांछ की है। जिसमे मिली जानकारी के अनुसार दो सितबर की दरयानी रात्रि लगभग दो बजे खेत की रखवाली कर रहे रामबहादुर यादव पिता रामनिवास यादव उम्र 43 वर्ष निवासी ग्राम खोहरा थाना सेमरिया अहरी में बने पोर्च में सो रहा था। अचानक उसके पास बर्दीधारी दो हथियार बंद डकैत आये और उसका हाथ पकड़ कर जगाते हुये बंदूक तान दी और हिदायत दी की शोर नही करना वर्ना गोली मार देंगे। हथियार बंद लोगों को देख रामबहादुर को समझते देर नही लगी कि वह बड़ी आफत में फंस चुका है। रामबहादुर स्थानीय जंगल के किनारे रहने वाला था और यह जानता था कि यहां बबली कोल का आतंक है। जिसके चलते उसने होशियारी दिखााई और जब डकैतों ने उससे उसका नाम पूछा तो उसने अपने नाम के आगे जाति कोल बताया।

डकैतों के द्वारा जब पूछा गया कि तुम यहां क्या कर रहे हो तो उसने बताया कि वह मालिक के खेत के साथ अपने खेत की रखवाली कर रहा है। मालिक का नाम पूछने पर भी रामबहादुर वास्तविक मालिक की जाति की जगह कोल बताया तो डकैतो ने बन्दूक उसके सर से हटा लिया और कहा कि मै तुहें नही मारूंगा, लेकिन तुहें हम सबके लिए खाना बनाकर खिलाना हेागा और पानी की व्यवस्था करनी होगी। डरा सहमा रामबहादुर अपने पास रखी खाने की सामग्री से भोजन तैयार किया। इस दौरान दो हथियार बन्द डकैत उस पर नजर रख रहे। लगभग भोर में साढ़े तीन बजे खाना बना और सभी डकैतों ने अहरी से दूर रामबहादुर बना खाना लेकर गये और खाना खाया। इस दौरान रामबहादुर सभी को पानी की व्यवस्था किया। डकैत खाना खाकर फुर्सत ही हुए थे कि उन्हें गांव की तरफ से टार्च जलती हुई उनके तरफ आती दिखी तो डकैत आग बबूला हो गये और रामबहादुर के साथ मारपीट करते हुये कहा कि तू पुलिस को सूचना दे दिया है। अब इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इतना सुनते ही रामबहादुर डकैतों के पैर पकड़ लिया और कहा कि मैं तो आप लोगों के साथ हूं कि किसी को सूचना नही दिया है। रामबहादुर के गिड़गिड़ाने के बाद डकैत उसे लेकर गिरमाइन के पहाड़ पर चढ़ गये और कुछ दूरी ले जाकर रामबहादुर को छोड़ दिया। दहशत में रामबहादुर भागते हुये अहरी के मालिक के यहां पहडिय़ा गांव पहुंचा और पूरी घटना बताई। जिसके बाद दोनो सेमरिया थाना पहुंच कर पुलिस को पूरी घटना बताया और लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है।

दो साल पहले कर चुका है अपहरण
इसी गांव के समीपी गांव कटाई के निवासी लल्लू सिंह का डकैतों ने खेत में बनी अहरी से अपहरण कर लिया था और पांच लाख की फिरौती लेकर उन्हे छोड़ा था। इसके पहले भी लल्लू सिंह का अपहरण हो चुका था। उस समय भी फिरोती देकर छूटने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद पुलिस का इस गांव मे मुखबिर तंत्र फेल रहा और एक दर्जन से ज्यादा हथियार बंद डकैत गांव में तीन घंटे बिता कर चले गये और पुलिस को भनक तक नही लगी।

अत्याधुनिक हथियार से लेस थे कई डकैत
रामबहादुर की माने तो सभी डकैत खाकी बर्दी मे थे और सभी के पास हथियार के रूप में बन्दूकें थीं, परंतु कुछ के पास बड़ी और आधुनिक बन्दूकें थीं। डकैतों में एक कठिले बदन का लगभग तीस वर्ष का व्यक्ति था, जिसके पास बड़ी बन्दूक थी और सभी उसके पीछे चलते थे। रामबहादुर की माने तो हो सकता है कि गैग का लीडर बबुली कोल रहा हो और पुलिस ने एक बार फिर मौका छोड़ दिया है।

अपहरण के बाद तैनात था पुलिस बल, आईजी जोगा ने हटा दिया था
कटाई निवासी लल्लू सिंह के हुये दो बार अपहरण के बाद एक-चार की गार्ड तैनात की गई थी। जिसे आईजी उमेश जोगा ने अपने कार्यकाल मे यह कह कर हटा दिया था कि अब यहां डकैतों का भय समाप्त हो चुका है। इतना ही नही, जब तक पुलिस बल तैनात था, पीडि़त अपने घर से उन्हें भोजन-पानी की व्यवस्था कराता रहा है। डकैतों के द्वारा धमकी दिये जाने के बाद पीडि़त ने कई बार पुलिस से फरियाद की, लेकिन गांव में पुलिस तैनात नही की गई ।

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