राज्यसभा: क्या पारित हो पाएगा जनरल कोटा विधेयक? विपक्ष इस बात पर नाराज…1 min read

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नई दिल्ली : आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा ने मंगलवार को पारित कर दिया। इस संविधान संशोधन विधेयक के पक्ष में 323 वोट और विरोध में मात्र तीन वोट पड़े। अब यह विधेयक आज राज्यसभा में पेश होगा। राज्यसभा में इस विधेयक के पारित हो जाने और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह विधेयक तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा लेकिन राज्यसभा में इस विधयेक के पारित होने की राह आसान नहीं है। राज्यसभा में एनडीए को बहुमत नहीं है और उसे यहां विपक्ष के सहयोग की जरूरत पड़ेगी।

लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्टी इसे चयन समिति के पास भेजने की मांग की थी ऐसे में वह अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर विधेयक के पारित होने की राह में रोड़ा अटका सकती है। बता दें कि संविधान संशोधन के लिए सदन के आधे से ज्यादा सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। इसके अलावा विधेयक को दो तिहाई समर्थन से पास होना जरूरी होता है। राज्यसभा में सदस्यों की संख्या 245 है। ऐसे में सदन में कम से कम 123 सदस्यों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। राज्यसभा में भाजपा की संख्या 73 और और एनडीए की संख्या 89 के करीब है। ऐसे में उसे विधेयक को पारित कराने के लिए विपक्ष के सहयोग की जरूरत पड़ेगी।

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राज्यसभा की कार्यवाही का सत्र एक दिन और बढ़ाए जाने पर विपक्ष ने नाराजगी जाहिर की है। विपक्ष का कहना है कि सरकार बिना सलाह-मशविरा के उच्च सदन का सत्र बढ़ाया है। इसे लेकर सदन में विपक्ष का शोर-शराबा जारी है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश उम्मीद करता है कि सदन चलेगा। सामान्य दिनों की तरह हमें सदन में काम करना चाहिए था लेकिन सदन की कार्यवाही स्थगित हुई। विधयकों पर चर्चा के लिए आज अतिरिक्त दिन है।

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सदन में गतिरोध बनने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। राज्यभा में विपक्ष के नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सदन चलाने की पहली जिम्मेदारा सरकार की होती है। किसी भी मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए सरकार को सभी राजनीतिक दलों से बातचीत करनी चाहिए। शर्मा ने कहा कि स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि सरकार और विपक्ष में संवादहीनता की स्थिति आ गई है।

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