विन्ध्य : CM शिवराज की जन आशीर्वाद यात्रा पर भारी पथराव, ऐसे बचे ….1 min read

Madhya Pradesh

भोपाल
केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी ऐक्ट में किए गए संशोधन के विरोध का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश में केंद्रीय मंत्रियों से लेकर बड़े नेताओं तक के घेराव के बाद अब इस विरोध की आंच प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंच गई है, जिनके रथ पर रविवार रात को पथराव किया गया।

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान जन आशीर्वाद यात्रा पर निकले हैं, जहां रविवार को सीधी जिले के चुरहट में उनके रथ पर अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया। हालांकि इस पथराव में किसी को भी चोट नहीं पहुंची है और मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। सीएम जिस गाड़ीनुमा रथ में सवार थे, उसके शीशे जरूर चटक गए।

सूत्रों के अनुसार इस पथराव के पीछे एससी-एसटी ऐक्ट में संशोधन के खिलाफ विरोध कर रहे लोग शामिल रहे। हालांकि सत्तारुढ़ बीजेपी ने इसे कांग्रेस की साजिश करार दिया है। लेकिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह ने इसे बेबुनियाद आरोप करार दिया है। सवर्ण कर्मचारियों का संगठन सपाक्स लंबे समय से प्रमोशन में आरक्षण का विरोध कर रहा है। अपनी इस मुहिम में उसने समाज को भी जोड़ा है। इस मुहिम का सीधा असर कई जिलों में देखने को मिला। नीमच जिले में बड़ी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतर कर विरोध किया।

केंद्रीय मंत्रियों का घेराव, प्रदर्शन
ग्वालियर में सवर्ण समाज के लोगों ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर के घर का घेराव किया। उनसे इस्तीफा मांगा। प्रदर्शनकारी एससी-एसटी ऐक्ट में संशोधन का विरोध कर रहे थे। इससे पहले केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत शनिवार को गुना में थे, उनके साथ सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे। सपाक्स के लोगों ने मंत्री और सांसद को सर्किट हाउस में घेर लिया, उनके खिलाफ नारेबाजी की। हालात ऐसे बने कि पुलिस को इन दोनों को सर्किट हाउस के पिछले दरवाजे से बाहर निकालना पड़ा।

कुछ ऐसे ही हालात का सामना विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संसदीय क्षेत्र विदिशा में करना पड़ा। सपाक्स कार्यकर्ताओं ने सर्किट हाउस में अकबर और बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन को वापस लेने की मांग की। विरोध कर रहे लोगों ने अकबर को एक ज्ञापन भी दिया।

भिंड से बीजेपी सांसद भगीरथ प्रसाद को भी अपने क्षेत्र में लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालत यह बनी कि संसद एसपी को लेकर पोस्ट ऑफिस के कार्यक्रम स्थल पर पंहुचे। मुरैना में शिवराज के मंत्री रुस्तम सिंह को काले झंडे दिखाए गया। लोगों ने उनका रास्ता रोका, काले झंडे दिखाए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर मंत्री को निकाला।

4 सितंबर को ग्वालियर में बुलाई गई बड़ी रैली
गौरतलब है कि सपाक्स का आंदोलन पूरे प्रदेश में फैल रहा है, इसकी शुरुआत ग्वालियर से हुई थी। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सबसे ज्यादा हिंसा ग्वालियर संभाग में हुई थी। तब सवर्ण अफसरों को निशाना बनाया गया था, उसके बाद सवर्ण समाज एकजुट हुआ। 4 सितंबर को सपाक्स ने ग्वालियर में एक बड़ी रैली का आयोजन किया है, जिसमें पूरे प्रदेश से लोगों को बुलाया गया है। सपाक्स के इस आंदोलन ने बीजेपी और कांग्रेस दोनो की नींद उड़ा रखी है क्योंकि इस मुद्दे पर दोनों साथ हैं। सपाक्स ने विधानसभा चुनाव में दोनों का विरोध करने का ऐलान किया है। प्रदेश में ढाई महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं।

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