मध्यप्रदेश : बिन लिफाफा लिए काम नहीं करते पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल समेत 12-13 मंत्री : सपा विधायक राजेश शुक्ला 1

मध्यप्रदेश : बिन लिफाफा लिए काम नहीं करते पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल समेत 12-13 मंत्री : सपा विधायक राजेश शुक्ला

Madhya Pradesh

भोपाल. दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार को लेकर कांग्रेस सरकार में चल रही राजनीतिक कलह गुरुवार को पांचवें दिन और बढ़ गई। राज्य सरकार को समर्थन दे रहे सपा विधायक राजेश शुक्ला ने गृहमंत्री बाला बच्चन, स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट और पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल समेत 12-13 मंत्रियों पर गंभीर आरोप लगाया है कि वे बिना लिफाफों के कोई काम नहीं कर रहे। शुक्ला के अलावा कांग्रेस विधायक गिर्राज दंडोतिया, बैजनाथ सिंह कुशवाह व बाबूलाल जंडेल समेत कुछ विधायकों ने दूसरे मंत्रियों को घेरा है।

इधर, अनर्गल बयानबाजी कर रहे मंत्रियों को बर्खास्त करने की भी मांग उठी है। तराना से विधायक महेश परमार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिख दिया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अक्षय तिवारी ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को मंत्री सिंघार का पक्ष नहीं लेना था। इससे असंतुष्टों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री सिंघार को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाएं। 

विधायकों को भी सुन रहे हैं : गृहमंत्री
गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि जो भी अनुशासनहीनता के मामले सामने आए हैं वह आलाकमान तक पहुंच चुके हैं। जहां तक विधायकों की नाराजगी की बात है तो चाहे वे कांग्रेस विधायक हो या फिर सपा-बसपा या निर्दलीय विधायक हों, सभी की सुनवाई हो रही है। वे साथ 

सिलावट बोले- जहां बोलना है वहां बोलूंगा
गोहद विधायक रणवीर जाटव व अंबाह विधायक कमलेश जाटव के आरोपों पर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ये परिवार का मामला है। इसमें कुछ भी टिप्पणी नहीं करना चाहता। जहां बात करना है, वहां अपनी बात रखूंगा। 

अवैध खनन नहीं, अवैध वसूली हो रही : जायसवाल
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद खनिज मंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में रेत का अवैध उत्खनन नहीं, बल्कि अवैध वसूली हो रही है। नई रेत नीति आने के बाद सब ठीक हो जाएगा। जहां तक मौजूदा दौर में हो रही बयानबाजी का सवाल है तो सुर्खियां बटोरने और महत्वाकांक्षी होने के कारण एेसा हो रहा है। नेता खनिज विभाग को कठघरे में खड़ा कर रहे। जबकि एेसा नहीं है। मैंने तो कांग्रेस सरकार को समर्थन दिया है। मुख्यमंत्री और अध्यक्ष तो एक-एक ही होगा। एेसे में सार्वजनिक रूप से बयानबाजी कहां तक उचित है। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी सरकार पर ही नेता सवाल खड़ा कर रहे।  

विधायकों के तीखे आरोप: खुद को भगवान समझने लगे हैं मंत्री

  • बिजावर विधायक राजेश शुक्ला  ने कहा कि कई मंत्री खुद को भगवान समझने लगे हैं। वे सहयोग नहीं दे रहे। सरकार को बदनाम करने में तुले हैं। इसमें गृहमंत्री बाला बच्चन, पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल और स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट समेत 12-13 मंत्री शामिल हैं। इन्हें विधायकों से नहीं, लिफाफों से मतलब है। 
  • दिमनी विधायक गिर्राज दंडौतिया ने कहा कि मंत्रियों के पास मेरे भी कई काम पेंडिंग हैं। मेरे विधानसभा क्षेत्र के 200 गांवों में कहीं पोल हैं तो ट्रांसफार्मर नहीं। पोल-ट्रांसफार्मर लगे हैं तो लाइन चालू नहीं की गई है। ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह को बता दिया है कि 15 दिन में बिजली की समस्या हल नहीं हुई तो आंदोलन करूंगा।
  • सबलगढ़ विधायक बैजनाथ कुशवाह ने कहा कि स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम से स्कूलों के उन्नयन के लिए कहा तो उन्होंने टाल दिया। सिंघार ने भी अटार घाट पुल निर्माण के लिए वन विभाग की जमीन के तीन करोड़ रुपए माफ करने की प्रक्रिया में दो महीने लगा दिए। मंत्री गोविंद राजपूत भी ट्रांसफर के मामले अटका रहे हैं। 
  • श्योपुर विधायक बाबूलाल जंडेल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट गुटबाजी के चलते श्योपुर में डॉक्टर नहीं भेज रहे हैं। वे बार-बार सिर्फ जल्द डॉक्टर भेजने की बात कह रहे हैं। अब ऐसे में विधायक अपनी बात क्यों न रखें। 

कमलनाथ आरोपों पर गंभीर, बयानबाजी पर लग सकती है लगाम
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पूरे मसले को गंभीरता से लिया है। अवैध रेत उत्खनन से जुड़े आरोपों को लेकर गुरुवार सुबह उन्होंने खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल से बात की। माना जा रहा है कि अब जल्द ही मुख्यमंत्री क्षेत्र के प्रभारी मंत्री, कलेक्टर और एसपी को सख्त कार्रवाई के निर्देश दे सकते हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने देर शाम राजनीतिक मामलों की कैबिनेट सब कमेटी के साथ अनौपचारिक चर्चा में कई मसलों पर बात की। उम्मीद है कि अब तमाम बयानबाजी पर लगाम लग सकती है। इस बीच वन मंत्री उमंग सिंघार की विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति से एक घंटे तक गोपनीय चर्चा हुई।

चार मंत्रियों को हटाएं : कंसाना
सुमावली विधायक ऐंदल सिंह कंसाना ने कहा कि मंत्री सिंघार ने दिग्विजय के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी की है। सहकारिता मंत्री डाॅ. गोविंद सिंह सरकार पर अवैध खनन का आरोप लगा चुके हैं। परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत व मंत्री इमरती देवी जरा-जरा सी बात पर इस्तीफे की धमकी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री चारों को बर्खास्त करें।

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