सेक्स के पहले वियाग्रा गोली का कर रहे इस्तेमाल, तो ये खबर पढ़ चौक जायेंगे आप…

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सेक्स परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए वियाग्रा जैसी ड्रग का इस्तेमाल पूरी दुनिया में किया जाता है. लेकिन पिछले कुछ समय से इस तरह की दवाइयों से लोगों का भरोसा उठने लगा है. ऐसे कई शोध हुए हैं जो दवाइयों के जरिए सेक्स परफॉर्मेंस बढ़ाने के दावों को खारिज करते हैं. ऐसे में लोगों का विश्वास जीतने के लिए वियाग्रा की पेरेंट कंपनी एक नया प्रयोग करने जा रही है.

दरअसल, वियग्रा को अब एक नए रूप में पेश किया जा रहा है. वियाग्रा का नया अवतार न सिर्फ बेडरूम में आपकी परफॉर्मेंस को सुधारेगा बल्कि वर्कप्लेस पर भी काम आएगा.

अमेरिका की फार्मेसी कंपनी Pfizer के वैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया है कि लोगों के सेक्सुअल डिसफंक्शन का दफ्तर में के ‘एब्जेंटिज्म’ (किसी और दुनिया में खोए रहना) और ‘प्रेजेंटिज्म’ से सीधा संबंध होता है. सेहत से जुड़ी समस्याओं के चलते लोग वर्कप्लेस पर होते हुई भी कहीं खोए रहते हैं और काम पर पूरी तरह से ध्यान नहीं दे पाते हैं.

अमेरिका की फार्मेसी कंपनी Pfizer के वैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया है कि लोगों के सेक्सुअल डिसफंक्शन का दफ्तर में के ‘एब्जेंटिज्म’ (किसी और दुनिया में खोए रहना) और ‘प्रेजेंटिज्म’ से सीधा संबंध होता है. सेहत से जुड़ी समस्याओं के चलते लोग वर्कप्लेस पर होते हुई भी कहीं खोए रहते हैं और काम पर पूरी तरह से ध्यान नहीं दे पाते हैं.

जबकि 22.5% पुरुष ‘प्रेजेंटिज्म’ का शिकार पाए गए जिनमें से कुल 10.1% बिना किसी कारण वर्कप्लेस से मानसिक तौर पर गायब रहते हैं. अमेरिका में इस डिसफंक्शनैलिटी का असर लोगों की ऑफिस लाइफ पर पड़ रहा है.

सेक्सुअल डिसफंक्शन आपकी वर्क परफॉर्मेंस को खराब कर रहा है, ये बात सुनने में आपको शायद थोड़ी अजीब लग रही हो. हालांकि, पहले भी कई रिसर्च में जोड़ों में दर्द, एलर्जी और डिप्रेशन (मानसिक अवसाद) की वजह से वर्क परफॉर्मेंस पर असर पड़ने की बात कही गई है.

इस शोध में वियाग्रा को इरेक्टाइल डिसफंक्शन के इलाज का सबसे बेहतर ड्रग बताया गया है. लोगों में बढ़ते इरेक्टाइल डिसफंक्शन से राहत मिलने के बाद कंपनी के मालिक का मुनाफा भी बढ़ सकता है.

इस बात पर भी गौर करना जरूरी है कि इस स्टडी में हिस्सा लेने वाले शोधकर्ता वियाग्रा बनाने वाली कंपनी से जुड़े हुए हैं. शोध में इस ड्रग को इरेक्टाइल डिसफंक्शन को दूर करने की सबसे प्रभावी दवा माना गया है.

बता दें कि यह शोध ऐसे वक्त में किया गया है जब वियाग्रा पूरी दुनिया में अपनी जमीन खोती जा रहा है. साल 2019 की शुरुआत में ही अमेरिका में इसकी बिक्री में 9% की गिरावट दर्ज की गई थी. 2019 के समाप्त होते-होते कई बाजारों से यह ड्रग पूरी तरह गायब हो चुका है.

शोध में यह भी दावा किया गया है कि जब तक लोगों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसी शिकायतें सामने आती रहेंगी तब तक इसके इलाज के लिए लोग वियाग्रा का इस्तेमाल करते रहेंगे. यह शोध ‘द इंटरनेशनल जर्नल ऑफ क्लीनिक प्रैक्टिस’ में प्रकाशित हुआ है.

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