‘भारत बंद’ के दौरान रीवा में आगजनी, शहडोल में लाठीचार्ज, अनूपपुर में ट्रेन रोकी1 min read

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एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ महाकोशल-विंध्य के जिलों में बंद का असर देखा गया। स्कूल, कॉलेज, दुकानें और चाय-पान के ठेले तक बंद रहे। हालांकि दोपहर बाद कुछ छोटी-छोटी दुकानें खुल गई थीं। रीवा में आगजनी, शहडोल में लाठीचार्ज और अनूपपुर में ट्रेन रोकी गई।

कटनी में जनपद पंचायत अध्यक्ष कन्हैया तिवारी ने एससी-एसटी एक्ट के विरोध में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बालाघाट, डिंडौरी, उमरिया सहित अन्य जिलों में रैली, प्रदर्शन हुए और दोपहर तक स्कूल-कॉलेज, पेट्रोल पंप भी बंद रहे। हालांकि बंद शांतिपूर्ण रहा।

रीवा में आगजनी, पथराव, सांसद-मंत्री के यहां प्रदर्शन

यहां प्रदर्शनकारियों ने टायरों को जलाकर प्रदर्शन किया। वहीं मामले में 22 लोगों ने गिरफ्तारी भी दी है। रीवा-नई दिल्ली ट्रेन को भी रोककर विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया था लेकिन प्रशासन ने रोक लिया।

प्रदर्शनकारियों ने रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा, उद्योग और खनिज मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, पूर्व मंत्री व विधायक त्योंथर रमाकांत तिवारी के घरों का न केवल घेराव किया बल्कि उनसे बाहर निकलने की मांग कर रहते रहे। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व विधायक वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा के नेतृत्व में पथराव भी किया। इसमें एडीएम व एसडीएम के वाहन में तोड़फोड़ की गई। रीवा एसपी को भी पत्थर लगे हैं।

अनूपपुर: प्रदर्शनकारियों ने रोकी ट्रेन

अनूपपुर जिले में बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अंबिकापुर-शहडोल ट्रेन को हरद स्टेशन में कुछ समय के लिए रोक लिया और जमकर नारेबाजी भी की। इसके अलावा पूरा जिला बंद रहा।

शहडोल: एसपी ने किया लाठीचार्ज, कलेक्ट्रेट में 4 घंटे हंगामा

पुलिस अधीक्षक कुमार सौरभ के साथ पुलिसकर्मियों ने सवर्ण समाज के आंदोलनकारियों पर लाठीजार्च किया। यह सब तब हुआ जब कलेक्टर अनुभा श्रीवास्तव भी गांधी चौक में मौजूद थीं। उनसे इस बात की कोई परमिशन नहीं ली गई और एसपी खुद हाथ में लाठी लेकर लोगों को मारने दौड़ पड़े।

इनके लाठी घुमाते ही पुलिस बल ने भी लोगों की जमकर पिटाई कर दी। इस घटना में कई लोग घायल हुए और कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। घटना के बाद लोगों ने 4 घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और एसपी को हटाने की मांग की। घटना में शेखर मिश्रा उर्फ डब्बू महाराज सहित 17 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।

जबलपुर: मदन महल स्टेशन से पहले रोका आंदोलनकारियों को

गुरुवार को भारत बंद का असर जबलपुर में भी प्रभावी रूप से दिखा। सुबह से स्कूल-कॉलेज से लेकर बाजार व पेट्रोल पंप भी पूरी तरह बंद रहे। अधिकांश ऑटो और मेट्रो (सिटी) बसें बंद रहीं। कुछ इक्का-दुक्का चलीं तो प्रदर्शनकारियों ने उनमें से सवारियां उतरवा लीं। जगह-जगह रैली निकालकर विरोध हुआ। रानीताल में दोपहर को लोगों ने एकजुट होकर सभा की। प्रदर्शनकारी यहां से रेल रोकने के लिए मदन महल स्टेशन की ओर बढ़े लेकिन पुलिस ने पहले ही सभी रोक लिया।

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