मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने सशक्त निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मध्य प्रदेश, राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में मौसम सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 5 सितंबर को पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 से 6 सितंबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और खेतों में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।
## उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश में निम्न दबाव क्षेत्र का असर
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना Well Marked Low Pressure Area शनिवार तक लगभग स्थिर रह सकता है। इसके प्रभाव से आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव के कारण मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। मौसम की इस स्थिति को देखते हुए किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
## मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 से 6 सितंबर तक व्यापक बारिश हो सकती है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
5 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। खेतों में जलभराव होने से फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ सकती है। ऐसे में किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करनी चाहिए।
## राजस्थान में भी भारी बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश के साथ पूर्वी राजस्थान में भी भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है।
पूर्वी राजस्थान के उन इलाकों में जहां लगातार बारिश हो रही है, वहां लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
## बिहार में 5 से 8 सितंबर तक बारिश
पूर्वी भारत में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बिहार में 5 से 8 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ इलाकों में भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है।
बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर पानी जमा होने जैसी स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।
## झारखंड और ओडिशा में भी बारिश
झारखंड में 9 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा में 9 और 10 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है।
इन राज्यों में रहने वाले लोगों को तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान बिजली चमकने की स्थिति में खुले स्थानों पर रहने से बचना चाहिए।
## पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 सितंबर तक बारिश
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 8 सितंबर तक कई स्थानों पर तेज बारिश होने का अनुमान है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
मौसम खराब होने पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जाती है।
## पूर्वोत्तर राज्यों में 10 सितंबर तक बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने इन राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है।
## कोंकण और गोवा में 10 सितंबर तक बारिश
कोंकण और गोवा में 10 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में पानी जमा हो सकता है।
यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
## गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बारिश
गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत और ऊंचे स्थानों पर जाने से बचना जरूरी है।
## दिल्ली में 5 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार 5 सितंबर को दिल्ली में आसमान सामान्य तौर पर बादलों से ढका रह सकता है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के एक-दो दौर हो सकते हैं।
दोपहर से शाम के बीच कुछ स्थानों पर फिर बारिश और बिजली चमकने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
## 6 सितंबर को दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा?
6 सितंबर को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
इस दिन अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
## भारी बारिश में किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
भारी बारिश के दौरान किसानों के लिए सबसे जरूरी है कि खेत में पानी जमा न होने दिया जाए। इसके लिए खेत की मेड़ और पानी की निकासी वाली नालियों की पहले से जांच कर लेनी चाहिए।
जहां पानी ज्यादा जमा हो रहा हो, वहां अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करनी चाहिए। खासकर सब्जियों, दलहनी फसलों और ऐसी फसलों में जलभराव से बचाव जरूरी है जिनमें ज्यादा पानी रुकने पर जड़ गलने की समस्या हो सकती है।
निचले इलाकों में स्थित खेतों का बारिश के बाद निरीक्षण करना जरूरी है। यदि खेत में लंबे समय तक पानी जमा रहता है तो फसल को नुकसान हो सकता है।
## कटाई के लिए तैयार फसल को सुरक्षित रखें
यदि किसी किसान की फसल कटाई के लिए तैयार है तो उसे खुले खेत में रखने से बचना चाहिए। बारिश की संभावना को देखते हुए तैयार फसल को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए।
तेज बारिश और हवा से फसल के गिरने की स्थिति में मौसम सामान्य होने के बाद ही खेत में जरूरी कृषि कार्य करना बेहतर है।
## गरज-चमक के दौरान खेत में जाने से बचें
गरज-चमक के दौरान किसानों को खेत में काम करने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के समय खुले खेत में रहना जोखिम भरा हो सकता है।
ऐसी स्थिति में किसी सुरक्षित और पक्के स्थान पर चले जाना चाहिए। पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली के खंभों, तारों और पानी भरे स्थानों से भी दूरी बनाए रखना जरूरी है।
## पशुओं की सुरक्षा का भी रखें ध्यान
बारिश और आकाशीय बिजली की स्थिति में पशुओं को खुले खेत या पेड़ के नीचे बांधकर नहीं रखना चाहिए। उन्हें सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखना बेहतर है।
पशुओं के चारे को भी बारिश से बचाकर रखना चाहिए, ताकि वह खराब न हो। तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान पशुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
## किसानों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश की संभावना को देखते हुए किसान खेत में जल निकासी की व्यवस्था की जांच कर लें। खेत की नालियों और मेड़ों को साफ रखें, ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके।
गरज-चमक के दौरान खेत में काम करने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें। मौसम सामान्य होने के बाद ही आवश्यक कृषि कार्य करें।
## मौसम विभाग की चेतावनी पर रखें नजर
मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम विभाग तथा प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों से बाहर निकलना सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है।
## निष्कर्ष
मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को अति भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। पूर्वी राजस्थान में भी भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
इसके अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। ऐसे में किसानों को फसल और पशुओं की सुरक्षा के साथ-साथ खुद की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।















