विधानसभा अध्यक्ष ने रीवा में कहां वाद-विवाद से नही संवाद से निकलता है निष्कर्ष
रीवा। कोई भी निर्ष्कष संवाद से ही हो सकता है न कि विवाद करने से कुछ होने वाला है। यह बाते विधानसभा अध्यक्ष गिरिश गौतम ने मीडिया से चर्चा करते हुये कही है। उन्होने कहां कि विधानसभा में कई बार वाद-विवाद की स्थित आती है तो विधानसभा की कार्रवाई रोकनी पड़ती है, जबकि जरूरत है कि संवाद किया जाना चाहिये और इससे समस्या का निदान हो पायेगा।
रीवा। कोई भी निर्ष्कष संवाद से ही हो सकता है न कि विवाद करने से कुछ होने वाला है। यह बाते विधानसभा अध्यक्ष गिरिश गौतम ने मीडिया से चर्चा करते हुये कही है। उन्होने कहां कि विधानसभा में कई बार वाद-विवाद की स्थित आती है तो विधानसभा की कार्रवाई रोकनी पड़ती है, जबकि जरूरत है कि संवाद किया जाना चाहिये और इससे समस्या का निदान हो पायेगा।
विंध्य की मांग में जनता की भागीदारी जरूरी
विंध्य प्रदेश को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि यह बहुत पुराना आंदोलन है और 1956 में विंध्य को बचाने के लिये आदोलन किया गया। गंगा चितांली ने शहादत भी दी थी। अब विंध्य बनाये जाने की मांग उठी, लेकिन इसमें जनता की भागीदारी होनी चाहिये। उन्होने बताया कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री निवास तिवारी ने विध्य प्रदेश के लिये सकल्प पत्र तैयार करवाया था। उस पत्र की तलाश करवाई जा रही है। जिससे स्थित का पता चल सके।
कैंसर इस्टीट्रयूट का प्रयास
विधानसभा अध्यक्ष ने कहां कि यहां के लोगो में कैसर की बिमारी ज्यादा पाई जा रही है। कारण चाहे जो भी लेकिन उसके ईलाज की सुविधा के लिये प्रयास किया जा रहा है। जिससे यहां के लोगो को बिमारी से राहत मिल सकें।
शहीद को दी श्रद्धाजलि
अपने प्रवास के दौरान गिरिश गौतम शहीद के गांव बरछा पहुचे और उन्होने दंतेवाड़ा में शहीद हुये लक्ष्मीकांत द्धिवेदी को अपनी श्रद्धाजलि अर्पित किये। इस दौरान उन्होने परिवार जनों से मिलकर ढ़ाढस बघाया।