Rewa NDPS Case: TI सहित 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड, आरोपियों को छोड़ने पर बड़ा एक्शन

रीवा के सेमरिया में NDPS केस में लापरवाही पर TI सहित 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड। आरोपियों को बिना कार्रवाई छोड़ा, जांच में मिली पुष्टि।

Update: 2026-04-02 05:39 GMT

रीवा में NDPS केस में बड़ा एक्शन: TI सहित 3 पुलिसकर्मी निलंबित

मध्यप्रदेश के रीवा जिले में NDPS एक्ट से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। सेमरिया थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि नशे के गंभीर आरोपियों को पकड़ने के बाद भी पुलिसकर्मियों ने उन्हें बिना वैधानिक कार्रवाई के छोड़ दिया।

मामले की शिकायत सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच कराई, जिसमें पुलिसकर्मियों की लापरवाही और नियमों की अनदेखी सामने आई।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने राहुल सिंह (निवासी शिवपुरवा) और संदीप उर्फ हेमंत सिंह (निवासी वार्ड क्रमांक 10, सेमरिया) को NDPS एक्ट के तहत पकड़ा था।

लेकिन आरोप है कि दोनों आरोपियों को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए छोड़ दिया गया। यह मामला सामने आने के बाद पूरे पुलिस महकमे में सवाल उठने लगे।

जांच में सामने आई लापरवाही और मिलीभगत

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गोपनीय जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने अपने पद का दुरुपयोग किया और नियमों को दरकिनार किया।

साथ ही, आरोपियों को छोड़ने में मिलीभगत की भी आशंका जताई गई, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

TI सहित 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाहक थाना प्रभारी (TI) विकास कपीस, उपनिरीक्षक रामयश रावत और आरक्षक सुजीत शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

यह कार्रवाई आईजी के निर्देश पर एसपी द्वारा की गई है, जिससे यह साफ संकेत गया है कि विभाग में अनुशासन को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि NDPS जैसे गंभीर मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नशे के खिलाफ अभियान में सख्ती

रीवा सहित पूरे प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं अभियान की साख पर सवाल खड़े करती हैं।

अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई में पारदर्शिता और सख्ती जरूरी है, ताकि समाज में इसका सही संदेश जाए।

आगे क्या होगी कार्रवाई

फिलहाल निलंबन की कार्रवाई की गई है, लेकिन मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच के आधार पर आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

अगर आरोप पूरी तरह साबित होते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

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