रीवा बायपास पुल में दरार: उत्तर-दक्षिण कनेक्शन टूटा, ट्रैफिक हुआ बेहाल
रीवा बायपास पुल में दरार से उत्तर-दक्षिण संपर्क टूटा, भारी वाहन डायवर्ट, शहर में ट्रैफिक 20% बढ़ा, लोगों और ट्रक चालकों को परेशानी।
रीवा. मध्यप्रदेश के रीवा जिले में एक बड़ी समस्या सामने आई है, जहां बीहर नदी पर बने बायपास पुल में दरार आने के कारण उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच सीधा संपर्क टूट गया है। रविवार शाम से प्रशासन ने इस पुल को पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके बाद हाईवे से आने-जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है, जिससे पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
रीवा बायपास 'बीहर पुल में दरार'
रीवा बायपास बीहर पुल में अचानक दरार आने के बाद प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। यह कदम सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। पुल बंद होने से हाईवे का पूरा ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा, जिससे कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई।
अनजान ट्रक चालक बिना जानकारी के रीवा तक पहुंच गए, जहां उन्हें पुलिस द्वारा रोका गया। कई चालक घंटों तक सड़क किनारे खड़े रहे और उन्हें वैकल्पिक मार्ग अपनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
डायवर्जन से बढ़ी मुश्किलें, लंबा सफर तय करने को मजबूर
पुल बंद होने के बाद प्रशासन ने सतना और मैहर से आने वाले भारी वाहनों को डायवर्ट कर दिया है। अब ये वाहन सतना, चित्रकूट होते हुए प्रयागराज की ओर भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों के प्रवेश पर भी अस्थायी रोक लगाने की सिफारिश की गई है।
इस डायवर्जन के कारण यात्रियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। जहां पहले रीवा से प्रयागराज की दूरी लगभग 60 किलोमीटर थी, अब यह दूरी बढ़कर 70 किलोमीटर से ज्यादा हो गई है।
शहर के अंदर बढ़ा ट्रैफिक दबाव
बायपास बंद होने के कारण छोटे वाहनों को शहर के अंदर से गुजरने की अनुमति दी गई है। इससे रतहरा-चोरहटा मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया है। सोमवार को सामान्य दिनों की तुलना में करीब 20% ज्यादा वाहन सड़कों पर नजर आए।
रात 11 बजे नो-एंट्री खुलने के बाद भारी वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई, जिससे शहर में जाम की स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने हालात को देखते हुए सख्ती नहीं दिखाई और वाहनों को निकलने दिया।
धूल और प्रदूषण से लोगों की बढ़ी परेशानी
डायवर्जन के चलते सेमरिया मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। ओवरलोडिंग के कारण सड़कों पर धूल उड़ रही है, जिससे स्थानीय लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। दुकानदारों और राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डायवर्जन मार्ग भारी वाहनों के लिए नहीं है सही
प्रशासन द्वारा तय किए गए वैकल्पिक मार्ग भारी वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। कई रास्ते खराब और गड्ढों से भरे हुए हैं, जिससे ट्रकों की गति धीमी हो गई है। इससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
व्यवस्था में लापरवाही भी आई सामने
रतहरा इलाके में डायवर्जन के दौरान पुलिस की अनुपस्थिति भी देखने को मिली। सही मार्गदर्शन न मिलने के कारण कई वाहन गलत रास्ते से बायपास तक पहुंच गए। बाद में जब जाम की स्थिति बनी, तब पुलिस पहुंची और बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद किया गया।
ट्रक चालकों की परेशानी, सुविधाओं का अभाव
ट्रक चालकों का कहना है कि उन्हें पुल बंद होने की कोई जानकारी नहीं थी। कई चालक सुबह से ही फंसे हुए हैं और उन्हें खाने-पीने जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
एक ट्रक चालक रामप्रसाद शर्मा ने बताया कि वे पूरी रात यात्रा कर रहे थे, लेकिन यहां आकर फंस गए। वहीं हिदायत खान ने कहा कि भारी लोड के साथ लंबा सफर तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और मेहनत दोनों बढ़ रहे हैं।
आगे क्या होगा?
प्रशासन फिलहाल पुल की स्थिति का निरीक्षण कर रहा है और मरम्मत कार्य की योजना बनाई जा रही है। जब तक पुल पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक डायवर्जन जारी रहेगा।