रीवा के पुरवा वाटरफॉल पर ढाई घंटे थमीं रही सबकी सांसे: बिना मर्जी शादी से नाराज़ युवती मुहाने तक पहुंची, पुलिस की समझाइश से बची जान

रीवा के पुरवा वाटरफॉल पर बिना मर्जी शादी के दबाव से परेशान युवती आत्महत्या करने पहुंची। सेमरिया पुलिस ने ढाई घंटे की संवेदनशील समझाइश से उसकी जान बचाई।

Update: 2026-01-23 13:23 GMT
  • रीवा के पुरवा वाटरफॉल पर युवती ने आत्महत्या का प्रयास किया
  • रेलिंग पार कर मुहाने (डेड लाइन) तक पहुंच गई थी
  • पुलिस ने ढाई घंटे की समझाइश के बाद बदला फैसला
  • बिना मर्जी शादी के दबाव से थी मानसिक रूप से परेशान

Rewa Purva Waterfall Incident

रीवा न्यूज़ — जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित पुरवा वाटरफॉल पर शुक्रवार को ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भीतर तक झकझोर दिया। एक युवती, जो अपने पारिवारिक तनाव से टूट चुकी थी, आत्मघाती कदम उठाने के इरादे से वाटरफॉल घूमने पहुंची। कुछ ही देर में वह रेलिंग पार कर मुहाने (डेड लाइन) तक पहुंच गई, जहां नीचे गहरी खाई और तेज गिरता पानी था।

स्थिति इतनी गंभीर थी कि वहां मौजूद सैलानियों की सांसें थम गईं। युवती का एक गलत कदम उसकी जिंदगी खत्म कर सकता था। रीवा के इस लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर पल भर में सन्नाटा छा गया और हर कोई उसे बचाने की कोशिश में जुट गया।

रेलिंग पार करते ही बढ़ा खतरा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवती सामान्य पर्यटक की तरह ही वाटरफॉल क्षेत्र में पहुंची थी। लेकिन कुछ देर बाद उसने अचानक रेलिंग पार की और खतरनाक हिस्से की ओर बढ़ गई। नीचे गहरी खाई और उफनता पानी देखकर लोग समझ गए कि मामला गंभीर है। कुछ सैलानियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह अपने फैसले पर अड़ी रही।



युवती को इस हालत में देखकर तुरंत सेमरिया थाना को सूचना दी गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। हर गुजरता पल खतरे को और बढ़ा रहा था।

पुलिस पहुंची, शुरू हुआ संवाद

सूचना मिलते ही सेमरिया थाना प्रभारी विकास कपीस अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना किसी जल्दबाजी के स्थिति को संभालना शुरू किया। सबसे पहले युवती से संवाद स्थापित किया गया, ताकि वह खुद को अकेला महसूस न करे। पुलिस और स्थानीय लोग बारी-बारी से उससे बात करते रहे।

इस दौरान युवती बार-बार पीछे हटने से इनकार कर रही थी। एक क्षण ऐसा भी आया जब उसने हाथ हिलाकर अलविदा कहा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गईं और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।

संयम, संवेदनशीलता और समय की परीक्षा

पुलिस टीम ने पूरे संयम और संवेदनशीलता के साथ युवती से बातचीत जारी रखी। उसे उसके परिजनों, मां-बाप और भविष्य की याद दिलाई गई। किसी ने डांटा नहीं, किसी ने दबाव नहीं बनाया। सिर्फ यह समझाने की कोशिश की गई कि हर समस्या का समाधान होता है और एक फैसला पूरी जिंदगी को खत्म नहीं कर सकता।

करीब ढाई घंटे तक यह जद्दोजहद चली। हर मिनट पुलिस के लिए चुनौती था, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी। आखिरकार युवती के चेहरे पर बदलाव दिखा और उसने धीरे-धीरे पीछे हटने का मन बनाया।

पारिवारिक तनाव की कहानी: अपनी पसंद से शादी चाहती थी युवती

पुलिस से बातचीत के दौरान युवती ने बताया कि वह रीवा जिले की ही निवासी है और लंबे समय से मानसिक तनाव में जी रही थी। उसका कहना था कि वह अपनी पसंद से शादी करना चाहती है, लेकिन परिवार इसके खिलाफ है और उस पर कहीं और शादी करने का दबाव बनाया जा रहा है। यही तनाव उसके भीतर टूटन पैदा कर रहा था।

युवती ने कहा कि वह खुद को बेबस महसूस कर रही थी। उसे लग रहा था कि उसकी बात कोई नहीं सुन रहा। इसी घुटन में उसने वह रास्ता चुना, जो उसे जिंदगी से दूर ले जा सकता था। यह सुनकर पुलिस और मौके पर मौजूद लोगों ने और अधिक संवेदनशीलता के साथ उससे संवाद जारी रखा।

कैसे बाहर निकाली गई युवती

जब युवती का मन थोड़ा बदला और उसने पीछे हटने के संकेत दिए, तब पुलिस टीम ने बेहद सावधानी के साथ उसे सुरक्षित स्थान की ओर बढ़ाया। आसपास मौजूद लोगों ने भी घेरा बनाकर मदद की, ताकि वह फिसले नहीं। कुछ ही पलों में वह खतरनाक मुहाने से दूर सुरक्षित जगह पर पहुंच गई।

जैसे ही युवती सुरक्षित बाहर आई, मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। कई लोगों की आंखें नम थीं। ढाई घंटे से चला तनाव एक पल में खत्म हो गया। पुलिस टीम की संवेदनशीलता और धैर्य की हर ओर सराहना हुई।

परिजनों को सौंपा गया

घटना की जानकारी मिलते ही युवती के परिजन भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया और युवती को उनके सुपुर्द कर दिया। साथ ही परिजनों को भी समझाइश दी गई कि वे उसकी भावनाओं को समझें और किसी भी तरह का दबाव न बनाएं।

सेमरिया थाना प्रभारी विकास कपीस ने बताया कि समय रहते सूचना मिलने और सही तरीके से संवाद बनाए रखने से युवती की जान बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता ही सबसे बड़ा हथियार होती है।

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