रीवा में अफसरों पर गिरी गाज: कलेक्टर प्रतिभा पाल का एक्शन, दो BMO को नोटिस, जनपद CEO पर ₹10,000 जुर्माना
रीवा जिले में लापरवाही पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सख्त कार्रवाई की है। आयुष्मान कार्ड की धीमी प्रगति पर दो बीएमओ को नोटिस जारी किया गया, वहीं लोक सेवा गारंटी में देरी पर जनपद सीईओ पर 10 हजार का जुर्माना लगाया गया।
- 🔹 आयुष्मान कार्ड की धीमी प्रगति पर सिरमौर और जवा के BMO को नोटिस
- 🔹 जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के CEO पर ₹10,000 का जुर्माना
- 🔹 कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए सख्त संकेत – अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं
- 🔹 लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत की गई सीधी कार्रवाई
Collector Action in Rewa | रीवा प्रशासन में सख्ती का दौर
रीवा जिले में अब शासकीय कार्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने साफ संदेश दे दिया है कि अब जनकल्याणकारी योजनाओं में ढिलाई किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग और पंचायत विभाग के अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई की गई है।
रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा की। इस दौरान सिरमौर और जवा विकासखंडों में आयुष्मान कार्ड बनाने की गति बेहद धीमी पाई गई, जबकि इन क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों की संख्या काफी अधिक है।
Ayushman Card Delay | आयुष्मान कार्ड में देरी बनी कारण
समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद ग्राउंड लेवल पर प्रगति नहीं हो रही है। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सिरमौर BMO डॉ. आनंद पाण्डेय और जवा BMO डॉ. रविंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया। दोनों अधिकारियों को 21 जनवरी तक अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर का स्पष्ट कहना है कि आयुष्मान भारत योजना सीधे तौर पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन से जुड़ी है। यदि पात्र व्यक्ति का कार्ड समय पर नहीं बनता, तो वह गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज से वंचित रह सकता है। यही वजह है कि इस योजना में लापरवाही को प्रशासन अब सीधी जिम्मेदारी के रूप में देख रहा है।
Lok Seva Guarantee Act | लोक सेवा गारंटी में देरी पर कड़ा एक्शन
कलेक्टर प्रतिभा पाल की सख्ती केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं रही। पंचायत विभाग में भी लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई की गई। जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) संजय सिंह पर 10 हजार रुपए का सीधा अर्थदंड लगाया गया है।
दरअसल, जनपद स्तर पर नागरिकों से जुड़े कई आवेदन – जैसे प्रमाण पत्र, पेंशन, योजनाओं से संबंधित सेवाएं – समय सीमा के भीतर निपटाए नहीं जा रहे थे। लगातार शिकायतें कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच रही थीं। जांच में पाया गया कि कई मामलों में तय समय सीमा पार हो चुकी थी, फिर भी आवेदकों को जवाब नहीं मिला।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य ही यह है कि आम नागरिक को समय पर सेवा मिले। यदि अधिकारी इसमें लापरवाही बरतते हैं, तो उन पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय होती है। इसी कानून के तहत जनपद CEO पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया गया, जो उनके वेतन से वसूला जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक कलेक्टर ने सभी विभागों को यह भी निर्देश दिए हैं कि साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए। विशेष रूप से आयुष्मान कार्ड, पेंशन योजनाएं, जाति-निवास-आय प्रमाण पत्र और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की मॉनिटरिंग अब और कड़ी की जाएगी।