रीवा में बच्चा चोर गिरोह का सच: अंगों की तस्करी का मामला पूरी तरह फर्जी

MP Rewa News: बच्चा चोरी के नाम पर मारपीट भरी घटना में मध्य प्रदेश (MP) राज्य में भी कई मामले दर्ज किए गए हैं।

Update: 2022-09-11 06:37 GMT

Child Thief Fake News Exoposed: इन दिनों में देश के कई राज्यों में बच्चा चोरी होने की अपुष्ट खबरें सोशल मीडिया (Social Media) में वायरल हो रही हैं। लेकिन अभी तक बच्चा चोरी कर ले जाने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। संदेह तौर पर अनभिज्ञ व्यक्ति के साथ मारपीट जैसी घटनाएं जरूर सामने आई है। बच्चा चोरी के नाम पर मारपीट भरी घटना में मध्य प्रदेश (MP) राज्य में भी कई मामले दर्ज किए गए हैं। दिनों-दिन यह अफवाह फ़ैल रही है। प्रशासन इस पर लगाम लगाने मे जुटा हुआ है। हकीकत तो यह है कि बच्चा चोरी का कोई मामला अभी तक सामने नहीं आया है। कुल मिलाकर यह मामला बिल्कुल ही निराधार है।

बढ़ रही मारपीट की घटनाएं

बच्चा चोरी के मामले में शक के आधार पर भीड़ किसी अनजान व्यक्ति पर हमला कर देती है। हकीकत जानने के बजाय लोगों के साथ मारपीट करने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस मामले में देश में हुई कई घटनाओं में देखा गया है कि कंपनी के लोग कार्य से क्षेत्र भ्रमण में थे। लोगों ने संदेह के आधार पर रोका और उनके साथ मारपीट की। ऐसे में प्रशासन द्वारा कहा जा रहा है कि बिना किसी पुख्ता जानकारी के किसी के साथ मारपीट करना अनुचित है इससे बचें।

इसे बता रहे शक का कारण

आम लोगों द्वारा कहा जा रहा है कि बच्चा चोर गिरोह सक्रिय है। जो बच्चों को अगवा कर उनके अंगों की तस्करी कर रहे हैं। लेकिन यह बात बिल्कुल ही गलत है। ऐसा किसी भी तरह से संभव नहीं हो सकता। सोशल मीडिया में कई ऐसे उटपटांग फोटो भी वायरल हैं जिसमें बच्चे के अंग निकालते हुए दिखाया गया है।

असम्भव है अंगों को निकालना, इन प्रश्नों पर दे ध्यान

  • ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या ऑपरेशन कर अंगों को निकाल लेना इतना सहज है़
  • अगर इस बारे में आप नहीं जानते हैं तो यह जान ले कि अंगों को निकाल कर 1 मिनट भी बाहर नहीं रखा जा सकता।
  • एक तो अंगो को निकालना सम्भव ही नहीं है। वहीं दूसरी ओर अंगो को निकालने और रखने तथा दूसरे के शरीर में लगाने के लिए विशेष व्यवस्था होनी चाहिए।
  • क्या आज तक किसी डॉक्टर को पकड़ा गया जो इस तरह के कार्य में सहयोगी हुआ
  • बच्चा चोरी के मामले में आज तक किसी डॉक्टर को नहीं पकड़ा गया।
  • जान लें बिना डॉक्टर के अंगों का निकालना संभव ही नहीं है। लेकिन आज तक इस तरह से किसी भी डॉक्टर या गिरोह को नहीं पकड़ा गया। यह मामला पूरी तरह से फर्जी है।
  • लोगों को यह भी जानना चाहिए कि अंगों को निकालकर रखना संभव ही नहीं है। ऐसे में बच्चों के अंग निकालकर उसका क्या उपयोग किया जाएगा।
  • अंग प्रत्यर्पण के लिए विशेष व्यवस्था करनी होती है। जिसके लिए ग्रीन कॉरीडोर बनाया जाता है।
  • डॉक्टरों की विशेष टीम आपरेशन कर अंग लेकर एक निश्चित समय में अस्पताल पहुंचकर उसका प्रत्यर्पण करती है।

क्या कहते हैं चिकित्सक

बच्चा चोरी और उनके अंगों की तस्करी के मामले में मध्य प्रदेश के रीवा जिले (Rewa District) में संचालित एसएस मेडिकल कालेज (SS Medical College) के सीएमओ डॉ.यत्नेश त्रिपाठी से बात की गई। जिस पर डॉ. त्रिपाठी का कहना है कि अंगो की तस्करी करना असम्भव है। अंगो को साधारण तरीके से नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए विशेष आपरेशन थियेटर की आवश्यकता होती है। जो केवल महानगरों में है। यह आमतौर पर असम्भव है।

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