एमपी में 15 हजार मास्टर ट्रेनर्स तैयार, 90 हजार शिक्षकों को पीपीटी के जरिए पढ़ाई कराने की देंगे ट्रेनिंग

पढ़ाई के पुराने तौर तरीकों को बदलने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग नया प्रयोग करने जा रहा है। जिसके तहत अब शिक्षक छात्रों को रटे रटाए तरीकों से पढ़ाएंगे नहीं बल्कि टेबलेट के माध्यम से पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन (पीपीटी) के जरिए समझाइश देंगे।

Update: 2023-02-02 08:27 GMT

पढ़ाई के पुराने तौर तरीकों को बदलने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग नया प्रयोग करने जा रहा है। जिसके तहत अब शिक्षक छात्रों को रटे रटाए तरीकों से पढ़ाएंगे नहीं बल्कि टेबलेट के माध्यम से पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन (पीपीटी) के जरिए समझाइश देंगे। जिसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा राज्य स्तर पर 15 हजार मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए गए हैं जो प्रदेश के सभी ब्लाक लेवल पर पहुंचकर 90 हजार शिक्षकों को ट्रेनिंग प्रदान करेंगे।

पहली से तीसरी कक्षा तक होगा प्रयोग

मध्यप्रदेश में अभी तक पहली से तीसरी कक्षा के छात्रों को शिक्षकों द्वारा रटे-रटाए तरीकों से पढ़ाई करवाई जाती थी। किंतु अब शिक्षा विभाग इन तौर तरीकों को बदलने की कवायद में जुट गया है। बताया गया है कि पहली से तीसरी कक्षा तक के 63 हजार 681 सरकारी स्कूलों में लगभग 28 लाख 73 हजार छात्र पढ़ाई करते हैं। जिसमें शिक्षक अब इन छात्रों को पढ़ाएंगे नहीं बल्कि टेबलेट के माध्यम से पीपीटी के जरिए समझाइश देंगे। रोल प्ले के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया जाएगा। जिसके लिए 15 हजार मास्टर ट्रेनर्स ब्लाक लेवल पर पहुंचकर शिक्षकों को इस संबंध में ट्रेनिंग देंगे। ऐसी ट्रेनिंग के लिए शिक्षा विभाग द्वारा स्पेशल माड्यूल तैयार किया गया है।

22 फरवरी तक करेंगे प्रशिक्षित

राज्य शिक्षा केन्द्र के डायरेक्टर धनराजू एस के मुताबिक अप्रैल से जून माह तक मास्टर ट्रेनर्स को ट्रेनिंग दी गई। यह मास्टर ट्रेनर्स 22 फरवरी तक ट्रेनिंग प्रदान करेंगे। जिसमें प्रदेश के अलग-अलग ब्लाक में जाकर 90 हजार शिक्षिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति और निपुण भारत अभियान के तहत नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। जिसमें विद्यार्थियों को रटने नहीं बल्कि समझने की थीम पर मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान विकसित किया जाएगा।

बड़े लेवल पर पहली बार हो रहा प्रयोग

यह पूरी कवायद मिशन अंकुर के तहत की जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत केन्द्र सरकार के निपुण भारत अभियान को मध्यप्रदेश में मिशन अंकुर के नाम से लांच किया गया है। राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक का कहना है कि प्रदेश में इस तरह का प्रयोग पहली बार किया गया है। इतने बड़े लेवल पर स्पेशल ट्रेनिंग का भी यह पहला प्रयास है। इस माड्यूल में शिक्षक क्षमता निर्माण पर भी फोकस किया गया है। ये शिक्षक बच्चों को पढ़ने-लिखने और गणित के साधारण सवालों को हल करने में निपुण बनाने में अपनी महती भूमिका निभाएंगे।

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