MP Ladli Behna Yojana e-KYC Link: कहीं गलत लिंक से तो नहीं कर रहे प्रक्रिया?

•4 मिनट पढ़ने का समय
MP Ladli Behna Yojana e-KYC Link: कहीं गलत लिंक से तो नहीं कर रहे प्रक्रिया?

मुख्य बिंदुQuick Read

  • व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर घूम रहे फर्जी लिंक्स से रहें सावधान, जानें सुरक्षित ई-केवाईसी का असली सरकारी पोर्टल और प्रोसेस.

गूगल ट्रेंड्स (Google Trends) पर इन दिनों "MP Ladli Behna Yojana e-KYC Link" और इससे जुड़े कीवर्ड्स काफी ज्यादा सर्च किए जा रहे हैं। योजना की मासिक किस्त से पहले समग्र और आधार ई-केवाईसी पूरी करने की होड़ मची रहती है। लेकिन इसी बीच साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं और व्हाट्सएप, टेलीग्राम, एसएमएस तथा सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए फर्जी व क्लोन लिंक्स फैला रहे हैं। कई महिलाएं व उनके परिजन अनजाने में इन संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करके वित्तीय धोखाधड़ी या निजी डेटा चोरी का शिकार हो रहे हैं।

फर्जी लिंक्स (Phishing Scams) का क्या है खेल?

साइबर अपराधी आधिकारिक सरकारी पोर्टल जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइटें बनाकर यूजर्स को गुमराह करते हैं। इनके काम करने का तरीका आमतौर पर ऐसा होता है:

  • भ्रामक संदेश: "लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त पाना चाहते हैं तो तुरंत नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर ई-केवाईसी पूरी करें, वरना खाता बंद हो जाएगा।"
  • असुरक्षित URL डोमेन: इन लिंक्स के अंत में .gov.in या .nic.in नहीं होता, बल्कि .xyz, .top, .online, .club, .site या blogspot जैसे अनधिकृत एक्सटेंशन लगे होते हैं।
  • गोपनीय डेटा मांगना: फर्जी पेज पर समग्र आईडी के साथ-साथ आधार ओटीपी, बैंक खाता विवरण, यूपीआई पिन या डेबिट कार्ड की जानकारी तक मांगी जाती है।
  • पैसे कटने का जोखिम: ओटीपी दर्ज करते ही बैंक खाते से रकम कटने का खतरा रहता है।

असली (Official) और सुरक्षित लिंक की पहचान कैसे करें?

मध्य प्रदेश शासन की योजनाओं के लिए ई-केवाईसी केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल्स पर ही मान्य होती है। किसी भी बाहरी लिंक पर क्लिक करने से पहले इन बातों की जांच करें:

  1. डोमेन एक्सटेंशन: असली सरकारी वेबसाइट के यूआरएल (URL) में हमेशा gov.in या nic.in अनिवार्य रूप से शामिल होता है।
  2. आधिकारिक पोर्टल:
    • लाड़ली बहना योजना का मुख्य पोर्टल: cmladlibehna.mp.gov.in
    • समग्र ई-केवाईसी का मुख्य पोर्टल: samagra.gov.in
  3. सुरक्षित कनेक्शन (HTTPS): ब्राउज़र एड्रेस बार में लॉक (ताले का निशान) और https:// अवश्य जांचें।
  4. कोई गोपनीय बैंकिंग डेटा नहीं: असली सरकारी पोर्टल कभी भी आपका पासवर्ड, एटीएम पिन या यूपीआई पिन नहीं मांगता।

सुरक्षित तरीके से e-KYC करने का सही तरीका

किसी भी सोशल मीडिया लिंक पर भरोसा करने के बजाय नीचे दिए गए सुरक्षित चरणों का पालन करें:

स्टेप 1: खुद ब्राउज़र में टाइप करें
अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में सीधे samagra.gov.in टाइप करके पोर्टल खोलें। किसी थर्ड-पार्टी लिंक के जरिए रीडायरेक्ट होने से बचें।

स्टेप 2: 'e-KYC करें' विकल्प चुनें
होमपेज पर मौजूद 'समग्र प्रोफाइल अपडेट करें' मेनू में "e-KYC करें" पर क्लिक करें।

स्टेप 3: आधार व ओटीपी सत्यापन
अपनी 9 अंकों की समग्र सदस्य आईडी दर्ज करें, पंजीकृत मोबाइल पर आया ओटीपी भरें और आधार सत्यापन पूरा करें।

स्टेप 4: कियोस्क / सीएससी सेंटर का सहारा लें
यदि ऑनलाइन प्रक्रिया में कोई तकनीकी दिक्कत आ रही हो, तो अपने नजदीकी एमपी ऑनलाइन कियोस्क, सीएससी (CSC) सेंटर या ग्राम पंचायत/वार्ड कार्यालय जाकर अधिकृत ऑपरेटर से बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराएं।

सावधानी ही सुरक्षा है

यदि आपको व्हाट्सएप या एसएमएस पर कोई अनजान लिंक मिला है जिसमें ई-केवाईसी कराने का दावा किया जा रहा है, तो उस पर क्लिक न करें और न ही उसे किसी अन्य ग्रुप में फॉरवर्ड करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

संपादकीय लेखक एवं रिपोर्टर
संपादकीय मंडल (Board)
Shashank Dwivedi | रीवा रियासत
सह-संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक • रीवा रियासत

द सिटी एक्सप्रेस के सह-संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक। नीतिगत विश्लेषण, समसामयिक विषयों पर गहन दृष्टिकोण और क्षेत्रीय समाचार समन्वय। डिजिटल मीडिया आचार संहिता व शिकायत निवारण (Grievance Redressal) के प्रभारी।

पाठकों की प्रतिक्रियाएं

खुला मंच
इस खबर पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सबसे पहले अपनी राय साझा करें!

मध्य प्रदेश की अन्य खबरें

15 खबरें प्रदर्शित

📍मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से समाचार (District Dispatches)

आस-पास के जिले

इंदौर की बड़ी खबरें

इंदौर का पूरा पेज >