मध्यप्रदेश में मानसून का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। सामान्यत: 15 जून तक प्रदेश में पहुंचने वाला मानसून इस बार 6 दिन से ज्यादा लेट हो चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अब 25 जून के आसपास मानसून मध्यप्रदेश में दस्तक दे सकता है। इस देरी का सबसे ज्यादा असर रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग सहित पूर्वी जिलों में दिखाई दे रहा है।
रविवार को प्रदेश के 37 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, सतना, कटनी, उमरिया और शहडोल जैसे जिले भी शामिल हैं। हालांकि इन क्षेत्रों में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज हुई है।
रीवा संभाग में 65% तक कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की स्थिति सबसे ज्यादा खराब बनी हुई है। रीवा, शहडोल, जबलपुर और सागर संभाग के 24 जिलों में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
जून महीने में अब तक प्रदेश में औसत बारिश का आंकड़ा काफी नीचे बना हुआ है। इससे जलस्तर, खेती और पेयजल व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है।
25 जून तक पहुंच सकता है मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मानसून फिलहाल तेलंगाना क्षेत्र में धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। 23 जून तक इसके छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना है। इसके बाद परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 25 जून के आसपास मध्यप्रदेश में मानसून प्रवेश कर सकता है।
पिछले वर्ष मानसून 16 जून तक प्रदेश में पहुंच गया था, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार काफी धीमी बनी हुई है।
| क्रम | शहर | अधिकतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| 1 | खजुराहो (छतरपुर) | 42.4 |
| 2 | नौगांव (छतरपुर) | 41.8 |
| 3 | दतिया | 40.6 |
| 4 | मंडला | 40.5 |
| 5 | मलाजखंड (बालाघाट) | 40.0 |
| 6 | दमोह | 39.8 |
| 7 | उमरिया | 39.5 |
| 8 | नरसिंहपुर | 39.4 |
| 9 | सतना | 39.3 |
| 10 | रीवा | 39.2 |
| 11 | खंडवा | 39.1 |
| 12 | खरगोन | 39.0 |
| 13 | छिंदवाड़ा | 39.0 |
| 14 | नर्मदापुरम | 38.6 |
| 15 | टीकमगढ़ | 38.5 |
| 16 | रतलाम | 38.0 |
| 17 | बैतूल | 37.8 |
| 18 | श्योपुर | 37.4 |
| 19 | सागर | 37.2 |
| 20 | सिवनी | 36.4 |
| 21 | रायसेन | 36.0 |
| 22 | राजगढ़ | 35.0 |
| 23 | शाजापुर | 35.0 |
| 24 | पचमढ़ी (नर्मदापुरम) | 35.4 |
| 25 | शिवपुरी | 34.0 |
| 26 | धार | 32.8 |
रीवा समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार को रीवा संभाग के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। रीवा, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और मैहर में बादल छाने के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश खरीफ फसलों की व्यापक बुवाई के लिए अभी पर्याप्त नहीं मानी जा सकती।
किसानों की बढ़ी चिंता
मानसून में देरी के कारण किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है। रीवा संभाग सहित प्रदेश के कई हिस्सों में किसान धान, सोयाबीन, उड़द, मूंग और अरहर की बुवाई का इंतजार कर रहे हैं। पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नमी नहीं बन पा रही है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित बुवाई के लिए कम से कम 4 इंच बारिश आवश्यक होती है। इससे मिट्टी में पर्याप्त नमी आती है और बीज अंकुरण की संभावना बेहतर रहती है।
बीज खराब होने का खतरा
कुछ जिलों में किसानों ने मानसून आने की उम्मीद में पहले ही सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई कर दी थी। अब बारिश नहीं होने से इन बीजों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
यदि अगले कुछ दिनों में पर्याप्त वर्षा नहीं होती है तो कई किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है, जिससे लागत बढ़ेगी और आर्थिक दबाव भी बढ़ सकता है।
अगले चार दिन रहेंगे महत्वपूर्ण
मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले चार से पांच दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। यदि मानसून की रफ्तार बढ़ती है तो जून के अंतिम सप्ताह में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल रीवा सहित पूरे पूर्वी मध्यप्रदेश की नजरें मानसून की अगली गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।
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