विन्ध्य: अपनी सरकार से ही नाराज हुआ जसो भाजपा मंडल, दिया सामूहिक इस्तीफ़ा
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सतना। मिशन-2018 की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी के संगठन में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा, आम कार्यकर्ताओं की संगठन व सत्ता में सुनवाई नहीं हो रही। इसी का परिणाम है कि समय-समय पर कार्यकर्ताओं का आक्रोश सार्वजनिक हो जाता है, जिसके चलते पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
कुछ ऐसा ही मामला नागौद में सामने आया है, जहां पार्टी फोरम में अपनी सुनवाई न होने से नाराज जसो मण्डल अध्यक्ष के नेतृत्व में मण्डल की समूची कमेटी ने सामूहिक रूप से गुरुवार को अपने पद इस्तीफा दे दिया। मण्डल अध्यक्ष के मुताबिक पार्टी के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र त्रिपाठी के शहर से बाहर होने के कारण सोशल मीडिया में इस्तीफा दिया गया है। शुक्रवार को व्यक्तिगत तौर पर जिलाध्यक्ष को इस्तीफा सौंपा जाएगा।
शीर्ष नेतृत्व को घटनाक्रम से अवगत कराया
जसो मण्डल अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय के मुताबिक पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों द्वारा की गई अभद्रता से पार्टी के प्रदेश सह संगठन महामंत्री अतुल राय, संभागीय संगठन मंत्री जितेन्द्र लटोरिया एवं रीवा संभाग के प्रभारी व प्रदेश महामंत्री बीडी शर्मा को अवगत कराया गया, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मजबूरन इस्तीफे का फैसला लेना पड़ा।
16 पदाधिकारी, 60 लोगों की कमेटी
बताया जाता है कि भाजपा के एक मण्डल में 16 पदाधिकारी व 60 लोगों की कमेटी होती है, जिसमें एक अध्यक्ष, तीन महिला व तीन पुरूष समेत 6 उपाध्यक्ष, दो महामंत्री, 6 मंत्री व एक कोषाध्यक्ष होता हैं। जसो मण्डल अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय समेत मण्डल की समूची कार्यकारिणी में सामूहिक इस्तीफा दिया है। सामूहिक इस्तीफे के बाद भाजपा के अंदर ही अंदर चल रहे आक्रोश का लावा बाहर आने लगा है।
व्यक्तिगत विरोध
इधर सूत्रों के मुताबिक जसो मण्डल अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय जिस अभद्रता के मुद्दे पर इस्तीफा दे रहे हैं, वह मामला पूरी तरह से व्यक्तिगत हैं। बताया जाता है कि माध्यमिक शाला झिंगोदर का हाईस्कूल में उन्नयन का कार्यक्रम था, जिसकी जानकारी स्थानीय न लोगों को न दिए जाने से नाराज लोगों ने विरोध-प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया था। इसी बात को दो दिनों बाद हवा दी जा रही है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अभद्रता व गाली-गलौज हुआ। इसके बावजूद कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। अपने साथ हुए घटनाक्रम से पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराया गया, दो दिनों के इंतजार के बावजूद जब पार्टी नेतृत्व द्वारा कोई रिस्पांस नहीं दिया गया, तो मजबूरन इस्तीफे का कदम उठाना पड़ा। - ज्ञानेन्द्र पाण्डेय, मण्डल अध्यक्ष-जसो