रीवा : अजाक जिला संयोजक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में आया नया मोड़
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रीवा। सतना में पदस्थ आजाक जिला संयोजक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में जहरीला इंजेशन देकर उनकी हत्या किये जाने का आरोप लगाया गया है। मामले में परिजनों की मांग पर शव का पीएम रीवा में कराया गया। संजय गांधी अस्पताल में श्यामशाह मेडिकल कॉलेज की 7 सदस्यीय टीम द्वारा शव का पीएम किया गया। पुलिस ने पीएम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। घटना सतना जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सरकारी बंगला क्रमांक आर-265 में हुई थी। जानकारी के मुताबिक सतना स्थित सरकारी बंगले में रहने वाले आजाक जिला संयोजक अभिषेक सिंह की सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
मंगलवार सुबह उनका शव उनके बेडरूम में मिला, जिसकी सूचना बंगले के कर्मचारी द्वारा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सूचना परिजनों को दी। सूचना के बाद दोपहर तकरीबन 12 बजे सतना पहुंचे परिवार के सदस्यों के होश उड़ गए। परिजनों ने मामले में हत्या का संदेह जाहिर करते हुये शव का पीएम सतना में कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद शव को रीवा संजय गांधी अस्पताल लाया गया, जहां 15 अगस्त की सुबह मेडिकल कॉलेज की टीम ने शव का पीएम किया।
बिस्तर में मिले इंजेशन और टैबलेट :
घटनास्थल का निरीक्षण के दौरान पुलिस ने अभिषेक के बिस्तर से इंजेशन और टैबलेट जत किये हैं। पुलिस इस पूरे मामले को संदिग्ध मान रही है। पुलिस का मानना है कि अभिषेक को इंजेशन का हाई डोज दिया गया है। यह इजेशन इंसुलिन का था, जिससे शरीर में शुगर की मात्रा अत्यधिक घट गई। जबकि मृतक को शुगर जैसी कोई बीमारी नहीं थी। घटना के पीछे किसी शातिर दिमाग का हाथ होना माना जा रहा है। जानकारों की मानें तो इंजेशन में टैबेलेट को भी मिलाया गया था। सूत्रों की मानें तो हत्या करने वाले आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के बाद भागने के लिए पीछे के दरवाजे का इस्तेमाल किया। जिस तरह की पूरी कहानी सामने आ रही है उससे संदेह हो रहा है कि हत्या में कोई जानकार ही संलिप्त है। वहीं दूसरी ओर पड़ोसियों द्वारा और कई तरह की बातें कही जा रही हैं।