रीवा का 'चिरहुला मंदिर' जहां लगती है भगवान की अदालत, जानें रोचक जानकारी
Rewa Chirahulanath Mandir Ki Kahani: कलयुग के देवता भगवान बजरंगबली को माना जाता है। माना जाता है कि संकटमोचन बजरंगबली ऐसे देवता है जो न सिर्फ अपने भक्तों की अर्जी को जल्दी सुनते हैं बल्कि उसे दूर भी करते हैं।
Rewa Chirahulanath Mandir Ki Kahani: कलयुग के देवता भगवान बजरंगबली को माना जाता है। माना जाता है कि संकटमोचन बजरंगबली ऐसे देवता है जो न सिर्फ अपने भक्तों की अर्जी को जल्दी सुनते हैं बल्कि उसे दूर भी करते हैं। शायद यही कारण है कि रीवा शहर के चिरहुला में स्थित भगवान बजरंगबली की इतनी मान्यता है। प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को भक्तों की भीड़ खुद ही भगवान की महिमा का वर्णन करने के लिए काफी है।
कुछ भक्त तो ऐसे हैं जो कि निरंतर वर्षो से मंगलवार और शनिवार को भगवान का दर्शन करने पहुंचते है। मान्यता है कि चिरहुला मंदिर में भगवान की अदालत लगती है। अदालत के न्यायाधीश खुद भगवान बजरंगबली ही है। भगवान बजरंगबली हर भक्तों के कष्टों का निवारण करते हैं।
कैसे हुई स्थापना
बताते हैं कि चिरहुला मंदिर स्थित भगवान संकटमोटचन बजरंग बली की स्थापना 500 वर्ष पूर्व की गई थी। भगवान की स्थापना चिरौल दास बाबा द्वारा की गई थी। उन्हीं के नाम से मंदिर का नाम चिरहुला नाथ पड़ा। चिरहुला तालाब के किनारे स्थित मंदिर की महिमा अपने आप में ही निराली है।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी भक्तों की होती है सुनवाई
चिरहुला मंदिर को जहां जिला अदालत का दर्जा दिया गया है वहीं रामसागर मंदिर के समीप स्थित हनुमान जी के मंदिर को हाईकोर्ट माना जाता है। इस मंदिर के आंगे स्थित खेम सागर स्थित हनुमान मंदिर को सुप्रीम कोर्ट कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जिन भक्तों की पीड़ा जिला न्यायालय से दूर नहीं होती वह हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के नाम से विख्यात हनुमान जी के मंदिर में जाकर अपनी अर्जी लगाते हैं। अब इसे आस्था कहें या कुछ और कि यहां आने वाले हर भक्तों की पीड़ा दूर हो जाती है। गौरतलब है कि तीनों ही मंदिर एक ही दिशा में स्थित है।
मान्यता पूरी होने पर मानस-भण्डारा
चिरहुला मंदिर में रामचरित मानस का पाठ और भण्डारा आम बात है। मान्यता पूरी होने पर यहां भक्तों द्वारा मानस पाठ और भण्डारे का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा बच्चों का मुण्डन, बरहौं या अन्य संस्कार में भी इस तरह के आयोजन किए जाते हैं, जो कि मंदिर की महिमा को चार चांद लगाते हैं।