रीवा में खाकी का मानवीय चेहरा: IG और थाना प्रभारी ने रक्तदान कर बचाई दो महिलाओं की जान, जिला अस्पताल में पेश की मिसाल

रीवा जिला अस्पताल में खून की कमी से जूझ रही दो महिलाओं के लिए देवदूत बने IG और थाना प्रभारी। खाकी के इस मानवीय कदम ने बचाई जान। जानिए पूरी प्रेरणादायक कहानी।

Update: 2026-03-25 04:39 GMT

रीवा: मानवता की मिसाल पेश करते हुए आईजी और थाना प्रभारी

रीवा: समाज में अक्सर पुलिस की छवि सख्त अनुशासन वाली होती है, लेकिन रीवा में खाकी का एक ऐसा मानवीय चेहरा सामने आया है जिसने सबका दिल जीत लिया है। जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही दो महिला मरीजों के लिए खुद आईजी (IG) और एक थाना प्रभारी ने रक्तदान कर उनकी जान बचाई है।


जब अस्पताल में पड़ी खून की जरूरत, तो देवदूत बने आईजी

मामला रीवा जिला अस्पताल का है, जहाँ एक महिला मरीज को ऑपरेशन के लिए तत्काल खून की आवश्यकता थी। काफी तलाश के बाद भी जब उनके दुर्लभ ब्लड ग्रुप का इंतजाम नहीं हो पाया, तब रीवा आईजी ने खुद जिम्मेदारी संभाली।

आईजी को जैसे ही सूचना मिली कि उनके ब्लड ग्रुप की जरूरत एक मरीज को है, वे बिना देरी किए अस्पताल पहुंचे और रक्तदान किया। उनके इस कदम से न केवल मरीज की जान बची, बल्कि अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिली।

थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने प्रसूता के लिए किया रक्तदान

इसी तरह का एक और मामला सामने आया जहाँ प्रसव (Delivery) के लिए भर्ती एक महिला का ऑपरेशन होना था। महिला के शरीर में रक्त की कमी थी और परिजनों के पास कोई डोनर नहीं था।

सूचना मिलते ही अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल जिला अस्पताल पहुंचे और उन्होंने रक्तदान किया। पुलिस अधिकारी के इस त्वरित सहयोग की वजह से महिला का सफल ऑपरेशन हो सका और जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।

आईजी का संदेश: 'रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं'

रक्तदान करने के बाद आईजी ने जनता को एक खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि:

"रक्तदान महादान है। यह किसी मरते हुए व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। समाज में रक्तदान को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और डर हैं, लेकिन यह पूरी तरह सुरक्षित है। हर स्वस्थ व्यक्ति को आगे आकर रक्तदान करना चाहिए।"

समाज के लिए खाकी की बड़ी मिसाल

आमतौर पर अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने वाली पुलिस जब इस तरह के सेवा भाव दिखाती है, तो जनता का पुलिस पर विश्वास और बढ़ जाता है। रीवा के इन अधिकारियों ने साबित कर दिया कि वर्दी के अंदर भी एक संवेदनशील दिल धड़कता है, जो समाज की रक्षा के साथ-साथ जान बचाने के लिए भी हमेशा तैयार रहता है।

एक छोटा सा कदम, एक बड़ी जिंदगी

जिला अस्पताल में हुई इस घटना की पूरे शहर में चर्चा हो रही है। आईजी और थाना प्रभारी के इस नेक काम ने उन परिवारों के घर की खुशियां वापस लौटा दी हैं जो अपनों की जान को लेकर चिंतित थे। RewaRiyasat.Com इन जांबाज और संवेदनशील अधिकारियों के जज्बे को सलाम करता है।

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