रीवा : दोहरे हत्याकांड के तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने किया खुलासा चारों युवकों को मारने की फिराक में थे हत्यारे

रीवा। दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण का खुलासा करते हुए पुलिस ने

Update: 2021-02-16 06:18 GMT

रीवा। दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि नशीले कफ सिरप के लेन-देन के विवाद में दो युवकों की हत्या कर दी गई थी, जबकि एक युवक को नहर में मृत समझ कर फेक दिया गया था, जो फिलहाल बच गया है।

पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी चारों युवकों की हत्या करना चाहते थे। गौरतलब है कि गत दिवस दो युवकों की नृशंस हत्या और एक युवक को मारकर नहर में फेंकने की घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने हत्यारों तक पहुंचने का दावा किया है।

पुलिस ने तीन संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ किया है, जिन पर हत्या की आशंका है। हत्या की वजह नशीली कफ सिरप के व्यापार में लेनदेन को लेकर जुड़ा हुआ विवाद बताया गया है। चारों युवक इसी डील के लिए सिरमौर पहुंचे थे, जहां 2 की हत्या कर दी गई थी और दो युवक किस्मत से बच निकले थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार हत्या के पहले मनगवां थाना क्षेत्र से आए युवक सिरमौर स्थित अन्नू नाम के युवक के पान की गुमटी के पास बैठकर हत्यारों से डीलिंग की थी, और सिरमौर में ही दिन बिताया था। हत्यारों ने पहले से ही युवकों को मारने की योजना बना रखी थी। योजना के अनुसार ही सौदा करवाने के बहाने दो युवकों को पहले मोटरसाइकिल से ले जाकर मौत के घाट उतारा। इसके बाद तीसरे को ले जाकर मारा और नहर में फेंक दिया। अगर नहर में फेंका गया युवक शिवम नहीं बचता तो हत्यारों को पकडऩा मुश्किल हो जाता। शिवम का बचना और अमूल गौतम का डीलिंग के दौरान वापस लौट जाना, हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। जिसके बाद तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। जिनसे पूछतांछ की जा रही है। ज्ञात हो कि सिरमौर थाना क्षेत्र के घिनौची धाम स्थित विवेक तिवारी उर्फ अमन पिता बंशपती तिवारी और आशु उर्फ शीतल तिवारी पिता धीरेंद्र तिवारी की हत्या कर दी गई थी। वही तीसरे साथी शिवम को मारकर नहर में फेंक दिया गया था। जो किसी तरह से बचकर पुलिस के पास पहुंचा और पूरी घटना का खुलासा हुआ है।

व्यापार में पैसे को लेकर हुई हत्या

स्थानीय सूत्रों के अनुसार मृतक विवेक तिवारी उर्फ अमन, आशु उर्फ शीतल और शिवम तिवारी एक ही परिवार के युवक हैं और गांव का ही चौथा युवक अमूल गौतम इनके ग्रुप में शामिल था। चारों युवक सिरमौर के रहने वाले संजय यादव, प्रमोद यादव और अनु के साथ नशीली कफ सिरप खरीदने का सौदा किया था। जिसके लिए चारों युवकों ने हत्यारों को पैसा भी दे दिया था। घटना दिनांक को युवकों से बकाया पैसा लेने के बाद मैटेरियल सप्लाई करने और मुय डीलर से मिलवाने के लिए बुलाया गया था। जैसे ही लालच में युवक सिरमौर पहुंचे तो हत्यारों ने पैसा भी ले लिया और साक्ष्य मिटाने के लिए हत्या की योजना बना ली और दो की हत्या कर दी जबकि तीसरे को मारकर नहर में फेंक दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पकड़े गए संदिग्धों ने अपने जुर्म कबूल कर लिये हैं। पुलिस को दिए बयान में बताया है कि विवेक और अंशु को ले जाकर उन्होंने घिनौची धाम में हत्या कर दिया था, और इसके बाद शिवम को भी नशीली कफ सिरप के व्यापारी से मिलवाने के लिए ले गए और मारकर नहर में फेंक दिया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हत्यारों ने कितना पैसा पहले ले लिया था और घटना दिनांक को कितना लिया है। गौरतलब है कि हत्या के बाद मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने विवेक तिवारी के जेब में 5305 रुपये बरामद किया था। बताया गया है कि शीतल नेटबैंकिंग का कार्यकर्ता था, जिसके चलते उसके पास पैसे रहते थे, उन्ही पैसों से वह नशीली कफ सिरप का व्यापार करने के लिए पैसा लगा दिया था। जिसके चलते हत्यारों ने मौत के घाट उतार दिया था।

Similar News