जयपुर-इटावा के बाद रीवा में भी SIR विवाद, सैकड़ों मुस्लिम वोटर्स के नाम काटने का आरोप
Rewa SIR Controversy: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद रीवा में सैकड़ों वोटर्स के नाम काटने के आरोप लगे हैं। मुस्लिम समाज ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायत की, कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए।
- रीवा जिले में SIR के बाद वोटर लिस्ट से नाम कटने पर विरोध
- सैकड़ों मुस्लिम वोटर्स के नाम हटाने का आरोप
- कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग, निष्पक्ष जांच की मांग
- कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जांच के आदेश दिए
जयपुर और इटावा के बाद अब मध्य प्रदेश के रीवा जिले में भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। SIR प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट से सैकड़ों नाम हटाए जाने का मामला सामने आया है, जिससे प्रभावित लोगों में नाराजगी और असंतोष देखने को मिल रहा है। आरोप है कि बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के वोटर्स के नाम बिना ठोस वजह के काटे जा रहे हैं।
क्या: वोटर लिस्ट से नाम हटाने का विवाद
कहां: रीवा जिला, मध्य प्रदेश
किसके खिलाफ: SIR प्रक्रिया पर सवाल
क्यों: बिना जानकारी नाम कटने का आरोप
Hundreds Reach Collectorate in Rewa
मिली जानकारी के अनुसार, रीवा जिले के कई गांवों में वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने की सूचना मिलने के बाद लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और पुस्तैनी निवासी हैं, इसके बावजूद गलत जानकारी के आधार पर उनके नाम काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
Names Deleted Under Form-7
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, विधानसभा गुढ़ की एक पंचायत से फॉर्म-7 के तहत 46 लोगों के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। बरहदी में 73, रायपुर करछुलिया में 125, ग्राम रामनई में 62 और जुगनिहई से 33 वोटर्स के नाम काटने की जानकारी सामने आई है। लोगों का आरोप है कि नाम हटाने की कोई ठोस वजह नहीं बताई गई।
Allegations of Fake Form Filling
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना फॉर्म-7 भरे गए। आरोप है कि एक व्यक्ति के नाम से 40 और दूसरे के नाम से 25 फॉर्म भरे गए, जबकि संबंधित लोगों ने ऐसे किसी भी आवेदन से साफ इनकार किया है।
Rewa Collector Orders Probe
इस पूरे मामले पर रीवा जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि फॉर्म 6, 7 और 8 से जुड़े सभी मामलों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि SIR प्रक्रिया के तहत फेज-1 की मैपिंग पूरी हो चुकी है और ड्राफ्ट लिस्ट पर आई आपत्तियों की सुनवाई जारी है। एक व्यक्ति द्वारा कई फॉर्म भरने के मामले की ERO स्तर पर जांच कराई जाएगी।
Etawah BLO Attack Case
उत्तर प्रदेश के इटावा में भी SIR प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया था। BLO अश्विनी कुमार ने आरोप लगाया कि मुस्लिम वोटरों के नाम हटाने से इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच जारी है।
Jaipur Pressure Allegations
राजस्थान के जयपुर में भी SIR प्रक्रिया के दौरान दबाव बनाए जाने का आरोप लगा था। हवा महल विधानसभा क्षेत्र से जुड़े BLO ने दावा किया कि 450 से अधिक वोटरों के नाम हटाने का दबाव डाला गया। हालांकि, बीजेपी नेताओं ने इन आरोपों से इनकार किया है।
FAQs
SIR प्रक्रिया क्या है?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, जिसके तहत वोटर लिस्ट का सत्यापन किया जाता है।
रीवा में कितने नाम कटने का आरोप है?
शिकायतकर्ताओं के अनुसार करीब 500 वोटर्स के नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
कलेक्टर ने क्या कहा?
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सभी मामलों की जांच और पारदर्शी कार्रवाई की बात कही है।
क्या नाम वापस जुड़ सकते हैं?
हां, फॉर्म 6 और आपत्ति प्रक्रिया के माध्यम से नाम जोड़े जा सकते हैं।
क्या यह मामला सिर्फ रीवा तक सीमित है?
नहीं, जयपुर और इटावा जैसे अन्य जिलों में भी SIR को लेकर विवाद सामने आए हैं।