रीवा के PK स्कूल में 9वीं की छात्रा से छेड़छाड़, पीछा करता आरोपी पकड़ा गया; प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप

रीवा के PK स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर मामला दबाने का आरोप लगाया है। आरोपी को सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ लिया, पुलिस जांच जारी है।

Update: 2026-01-31 13:10 GMT
  • PK स्कूल रीवा में 9वीं कक्षा की छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप
  • आरोपी पिछले 3 महीने से छात्रा का पीछा कर रहा था
  • स्कूल परिसर में शोर मचने पर मचा हड़कंप
  • परिजनों का आरोप – स्कूल प्रबंधन ने दबाने की कोशिश की

रीवा शहर के PK स्कूल में पढ़ने वाली 9वीं कक्षा की छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना उस समय सामने आई जब स्कूल परिसर में छात्रा ने शोर मचाया। छात्रा के चिल्लाने पर शिक्षक, सुरक्षाकर्मी और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे, जिससे आरोपी घबरा गया और अपनी बाइक छोड़कर भाग गया

बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले तीन महीनों से छात्रा का पीछा कर रहा था। छात्रा ने परिजनों को बताया कि वह स्कूल आते-जाते समय लगातार उसका पीछा करता था और परेशान करता था। घटना वाले दिन भी आरोपी स्कूल के आसपास मौजूद था, जिससे छात्रा डर गई और उसने शोर मचाया।

शिक्षिका की सतर्कता से पकड़ा गया आरोपी

विद्यालय की शिक्षिका नेहा ने बताया कि छात्राओं की शिकायत मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचीं। जब उन्होंने आरोपी की फोटो लेने की कोशिश की, तो वह घबरा गया और अपनी बाइक वहीं छोड़कर फरार हो गया। कुछ समय बाद जब वह बाइक लेने वापस लौटा, तो सुरक्षाकर्मियों ने उसे घेर लिया और पकड़ लिया।

इसके बाद शिक्षिका ने ही छात्रा के परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने तत्काल पुलिस को बुलाने की मांग की। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

आरोपी की पहचान और उसका पक्ष

पकड़े गए संदिग्ध की पहचान संजय कुमार पांडेय (उम्र लगभग 40–42 वर्ष) के रूप में हुई है। छात्रा के अनुसार, आरोपी पहले 112 वाहन चलाता था, लेकिन वर्तमान में वह निजी वाहन चालक के रूप में काम करता है।

वहीं, आरोपी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि उसे समझ नहीं आ रहा कि छात्राएं उस पर इस तरह के आरोप क्यों लगा रही हैं। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया है और छेड़खानी से इनकार किया है।

प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप, “स्कूल की गरिमा” का दिया हवाला

इस पूरे मामले में अब विद्यालय प्रबंधन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रा के परिजनों का आरोप है कि स्कूल के प्रिंसिपल वरुणेंद्र प्रताप सिंह ने घटना को गंभीरता से लेने के बजाय इसे दबाने की कोशिश की। परिजनों का कहना है कि प्रिंसिपल ने उनसे कहा कि यदि वे पुलिस में शिकायत करेंगे तो इससे स्कूल की “गरिमा” और छात्रा की बदनामी होगी।

परिजनों का आरोप है कि उन्हें समझाने की कोशिश की गई कि मामला स्कूल के अंदर ही सुलझा लिया जाए। हालांकि, परिजन इस बात पर अड़े रहे कि यह मामला किसी समझौते का नहीं है और कानूनी कार्रवाई होना जरूरी है। उनका कहना है कि यदि शुरुआत में ही मामले को दबा दिया जाता, तो आरोपी के हौसले और बढ़ सकते थे।

परिजनों का सवाल: बच्ची की सुरक्षा या संस्थान की छवि?

परिजनों ने सवाल उठाया है कि किसी स्कूल की छवि ज्यादा महत्वपूर्ण है या वहां पढ़ने वाली बच्चियों की सुरक्षा। उनका कहना है कि यदि एक नाबालिग छात्रा के साथ ऐसी घटना होती है और उस पर भी पर्दा डालने की कोशिश की जाए, तो यह बेहद चिंताजनक है। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि शिक्षिका ने तत्परता नहीं दिखाई होती, तो शायद आरोपी मौके से फरार हो जाता।

ग्रामीणों और अभिभावकों का भी कहना है कि स्कूल परिसर के आसपास बाहरी लोगों की आवाजाही पर कोई ठोस निगरानी नहीं है। सुरक्षा गार्डों की तैनाती होने के बावजूद इस तरह की घटना सामने आना स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

तीन महीने पहले भी लगा था अश्लीलता का आरोप

इस घटना ने इसलिए भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि तीन महीने पहले इसी स्कूल में एक शिक्षक पर छात्राओं के साथ अश्लील व्यवहार का आरोप लग चुका है। उस समय भी मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने पहले इसे आंतरिक रूप से सुलझाने की कोशिश की थी। बाद में कार्रवाई के डर से संबंधित शिक्षक ने इस्तीफा दे दिया था।

लगातार दूसरी बार इस तरह की घटना सामने आने से अभिभावकों में डर और नाराजगी दोनों हैं। लोगों का कहना है कि यदि पहली घटना के बाद ही स्कूल ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत किया होता, तो शायद आज एक और बच्ची को इस स्थिति से नहीं गुजरना पड़ता।

स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद रीवा के अन्य अभिभावकों में भी चिंता फैल गई है। लोगों का कहना है कि स्कूलों के बाहर और आसपास सीसीटीवी, प्रवेश-निकास नियंत्रण और बाहरी व्यक्तियों की पहचान जैसी व्यवस्थाएं मजबूत होनी चाहिए। बच्चियों की सुरक्षा केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखनी चाहिए।

यह मामला अब केवल एक आरोपी या एक स्कूल तक सीमित नहीं रहा। यह पूरे शिक्षा तंत्र के लिए चेतावनी है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति होती रहेगी।

पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया

मामले के तूल पकड़ने के बाद रीवा पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस का कहना है कि छात्रा के बयान, शिक्षिका और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी, तथा घटनास्थल से जुड़ी परिस्थितियों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नाबालिग से जुड़े मामलों में कानून बेहद सख्त है, इसलिए पुलिस हर पहलू को सावधानी से दर्ज कर रही है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी स्कूल परिसर के आसपास कितने समय से मौजूद रहता था और क्या इससे पहले भी उसने किसी छात्रा को परेशान किया था। यदि लगातार पीछा करने या डराने-धमकाने के सबूत मिलते हैं, तो मामले में कड़ी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

प्रशासन की भूमिका और आगे की जांच

घटना के बाद जिला प्रशासन की भी नजर इस पूरे मामले पर है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यदि स्कूल प्रबंधन द्वारा मामला दबाने या कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ भी जांच की जा सकती है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन यह भी देख रहा है कि स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था मानकों के अनुरूप थी या नहीं। सीसीटीवी कैमरे, गेट सुरक्षा, बाहरी व्यक्तियों की एंट्री और गार्ड की तैनाती जैसे बिंदुओं की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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FAQs: रीवा PK स्कूल छेड़छाड़ मामला

घटना कहां हुई?

यह मामला रीवा के PK स्कूल परिसर से जुड़ा है, जहां 9वीं कक्षा की छात्रा ने शोर मचाकर घटना की जानकारी दी।

आरोपी को कैसे पकड़ा गया?

शिक्षिका द्वारा फोटो लेने पर आरोपी बाइक छोड़कर भाग गया, बाद में बाइक लेने लौटा तो सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया।

परिजनों का मुख्य आरोप क्या है?

परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्राचार्य  ने संस्थान की गरिमा का हवाला देकर मामले को दबाने की कोशिश की।

क्या पहले भी स्कूल में ऐसी घटना हुई थी?

हां, तीन महीने पहले एक शिक्षक पर अश्लीलता के आरोप लगे थे, जिसके बाद उसने इस्तीफा दे दिया था।

आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?

पुलिस जांच के आधार पर आरोपी पर कड़ी कानूनी धाराएं लग सकती हैं और स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा होगी।

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