रीवा लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: चचाई चौकी प्रभारी रामपाल दाहिया 30 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, ड्राइवर भी ट्रैप हुआ
रीवा लोकायुक्त ने चचाई चौकी प्रभारी रामपाल दाहिया और चालक को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। शिकायत पर ट्रैप कार्रवाई, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज।
मुख्य बिंदु
- लोकायुक्त रीवा ने 30,000 रुपये की रिश्वत लेते ASI और चालक को पकड़ा।
- चचाई चौकी प्रभारी पर 1 लाख रुपये मांगने का आरोप।
- शुक्रवार देर शाम ट्रैप कार्रवाई संपन्न।
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज।
रीवा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चचाई चौकी प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक रामपाल दाहिया और उनके वाहन चालक अंकुर कुमार को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। शुक्रवार देर शाम की गई इस ट्रैप कार्रवाई ने स्थानीय पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है।
Rewa Lokayukta Trap: क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता ने समझौते के बदले 1 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया था। सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप बिछाया और 30 हजार रुपये लेते चालक को पकड़ा।
शिकायत से ट्रैप तक की पूरी प्रक्रिया
शिकायतकर्ता शिवकुमार कोल ने लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी ने एक मामले में समझौता कराने के नाम पर 1 लाख रुपये की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने प्रारंभिक सत्यापन किया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई।
टीम गठन और कार्रवाई
लोकायुक्त रीवा के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम में उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार, निरीक्षक उपेंद्र दुबे और दो स्वतंत्र गवाह शामिल थे। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को 30,000 रुपये लेकर भेजा गया।
रंगे हाथ पकड़ा गया चालक
ट्रैप के दौरान आरोपी के वाहन चालक अंकुर कुमार को शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इसके बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की गई। कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को नियमानुसार जमानत पर रिहा किया गया।
कानूनी धाराएं और आगे की प्रक्रिया
आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन अधिनियम 2018) की धारा 7 (क) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है। लोकायुक्त टीम आगे की जांच कर रही है और प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर असर
इस कार्रवाई के बाद रीवा जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। स्थानीय नागरिकों ने लोकायुक्त की तत्परता की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
रीवा भ्रष्टाचार ट्रैप अपडेट
- 1 लाख की मांग का आरोप
- 30 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तारी
- लोकायुक्त की टीम ने किया सत्यापन
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
रीवा लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई में पुलिस अधिकारी और चालक को रिश्वत लेते पकड़ा गया। मामले की जांच जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रीवा में लोकायुक्त ट्रैप कब हुआ?
कार्रवाई शुक्रवार देर शाम को की गई।
कितनी राशि लेते हुए पकड़ा गया?
30,000 रुपये रिश्वत लेते हुए आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा गया।
किस कानून के तहत मामला दर्ज हुआ?
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 (क) के तहत अपराध दर्ज हुआ है।
शिकायत किसने की थी?
शिवकुमार कोल नामक शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
क्या आरोपी फिलहाल हिरासत में हैं?
कार्रवाई के बाद नियमानुसार उन्हें जमानत पर रिहा किया गया है।