रीवा के शांति विलास कॉलोनी के गेट में गुंडागर्दी: दर्जनों बदमाशों ने किसानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, VIDEO में दिखी बर्बरता
रीवा में ठेकेदार और उसके साथियों ने किसानों पर जानलेवा हमला किया। बीच सड़क दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, वीडियो वायरल। FIR में देरी से पुलिस पर सवाल खड़े हो गए हैं।
- रीवा में बीच सड़क किसानों पर प्राणघातक हमला
- तीन गाड़ियों में आए दर्जनों बदमाश, दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
- VIDEO और CCTV फुटेज सामने आने से मचा हड़कंप
- चोरहटा थाना क्षेत्र में दहशत, पुलिस पर उठे सवाल
Brutality in Rewa – सड़कों पर खुली गुंडागर्दी, किसानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में इन दिनों बदमाशों और असामाजिक तत्वों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे कानून को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत शांति विलास कॉलोनी गेट के पास देर रात ऐसी वारदात हुई, जिसने पूरे शहर को हिला दिया। बाईपास निर्माण से जुड़े एक ठेकेदार और उसके साथियों ने दो किसानों पर जानलेवा हमला कर दिया।
किटवारिया निवासी सच्चू तिवारी और रघु तिवारी, जो पेशे से किसान हैं, उन्हें बीच सड़क दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। आरोप है कि कई गाड़ियों में भरकर पहुंचे लोगों ने पहले उनका पीछा किया, फिर सच्चू तिवारी को अर्धनग्न कर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। इस पूरी हैवानियत का वीडियो और CCTV फुटेज रविवार को सामने आया, जिसने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
रीवा में बीच सड़क किसानों पर प्राणघातक हमला: दर्जनों बदमाशों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
रीवा (Rewa): चोरहटा थाना क्षेत्र में अपराधियों ने कानून को ताक पर रख दिया है। शांति विलास कॉलोनी के पास बाईपास निर्माण से जुड़े ठेकेदार और उसके साथियों ने दो किसानों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया, जिसका CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
प्रमुख बिंदु:
- वारदात: 3 गाड़ियों में सवार बदमाशों ने सच्चू और रघु तिवारी को घेरकर पीटा।
- विवाद: खेत की पाइप टूटने पर मुआवजे की मांग को लेकर बुलाकर किया हमला।
- पुलिस की भूमिका: पीड़ितों का आरोप- 3 घंटे थाने में बिठाया, FIR में हुई देरी।
खेत में नुकसान और समझौते का बहाना
घायल किसानों के अनुसार, बाईपास निर्माण के दौरान उनके खेत की पाइप तोड़ दी गई थी। जब उन्होंने नुकसान की भरपाई मांगी, तो प्रोजेक्ट मैनेजर आरिफ और ठेकेदार ने उन्हें समझौते के लिए बुलाया और वहां पहले से घात लगाए गुंडों ने हमला कर दिया।
| स्थान | शांति विलास कॉलोनी गेट, रीवा |
|---|---|
| थाना | चोरहटा पुलिस स्टेशन, रीवा |
| स्थिति | पीड़ित अस्पताल में भर्ती |
रीवा की ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें
Rewa Riyasat NewsWhere It Happened – शांति विलास कॉलोनी गेट पर दहशत
यह वारदात शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। स्थान था चोरहटा थाना क्षेत्र के अमवा स्थित शांति विलास कॉलोनी गेट, जहां बाईपास निर्माण का कार्य चल रहा है। अचानक तीन गाड़ियों में सवार दर्जनों लोग मौके पर पहुंचे और किसानों को घेर लिया।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे बदमाश सड़क पर किसानों के पीछे दौड़ते हैं, उन्हें पकड़ते हैं और लाठी-डंडों से पीटते हैं। यह दृश्य केवल एक हमला नहीं, बल्कि पूरे इलाके में खौफ पैदा करने का प्रयास लगता है।
विवाद की जड़ – खेत में नुकसान और समझौते का बहाना
घायल किसानों के भाई रविंद्र तिवारी ने बताया कि उनके खेत के पास बाईपास निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान निर्माण में लगे लोगों ने खेत में लगी पाइप तोड़ दी। जब किसान भाइयों ने नुकसान की भरपाई की बात कही, तो ठेकेदार पक्ष ने समझौते के नाम पर उन्हें शांति विलास कॉलोनी बुलाया।
आरोप है कि वहां पहले से मौजूद प्रोजेक्ट मैनेजर, आरिफ और अन्य कर्मचारी व गुंडों ने अचानक हमला कर दिया। लाठी-डंडों से दोनों सगे भाइयों को बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए रीवा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सड़क से अस्पताल तक – किसानों की हालत गंभीर
हमले के बाद आसपास के लोगों ने किसी तरह दोनों भाइयों को संभाला और अस्पताल पहुंचाया। शरीर पर गहरे घाव, सूजन और फ्रैक्चर जैसी चोटें आई हैं। परिवार का कहना है कि यह हमला केवल मारपीट नहीं, बल्कि जान से मारने की नीयत से किया गया था।
वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश है। लोग पूछ रहे हैं कि जब बीच सड़क इतनी बेरहमी से किसानों को पीटा जा सकता है, तो आम नागरिक कितना सुरक्षित है?
FIR में देरी – पीड़ितों का आरोप, पुलिस पर सवाल
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद वे शनिवार सुबह चोरहटा थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन करीब तीन घंटे तक बैठाए जाने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। थाने में टालमटोल से परेशान होकर किसान परिवार को मजबूरन एसपी कार्यालय जाना पड़ा, जहां उन्होंने पूरे मामले की शिकायत सौंपी।
परिजनों का कहना है कि यदि वीडियो सामने नहीं आता, तो शायद यह मामला दबा दिया जाता। उनका आरोप है कि आरोपी प्रभावशाली हैं और पुलिस पर दबाव बनाकर कार्रवाई से बचना चाहते हैं।
पुलिस का पक्ष – मेडिकल रिपोर्ट बनी बाधा
इस पूरे मामले पर चोरहटा थाना प्रभारी आशीष मिश्रा ने कहा कि जांच जारी है। पीड़ित पक्ष गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कराना चाहता है, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट के बिना गंभीर धाराओं में केस दर्ज करना संभव नहीं है।
हालांकि, इस बयान के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि जब वीडियो और प्रत्यक्षदर्शी मौजूद हैं, तो प्रारंभिक एफआईआर दर्ज करने में इतनी देरी क्यों की गई। स्थानीय लोग मानते हैं कि देरी से आरोपियों को फरार होने और सबूत मिटाने का मौका मिल सकता है।
इलाके में दहशत – खुलेआम गुंडागर्दी से भय
इस घटना के बाद शांति विलास कॉलोनी और आसपास के इलाकों में डर का माहौल है। लोग कह रहे हैं कि जब दर्जनों बदमाश तीन गाड़ियों में भरकर आ सकते हैं और बीच सड़क किसानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीट सकते हैं, तो आम नागरिक कितना सुरक्षित है?
वीडियो में खुलेआम गुंडागर्दी देख लोग स्तब्ध हैं। यह केवल दो किसानों पर हमला नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए चेतावनी है कि अपराधी अब बेखौफ हो चुके हैं।
❓ FAQs – पाठकों के सवाल
यह हमला कहां हुआ?
यह वारदात रीवा के चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत शांति विलास कॉलोनी गेट के पास हुई।
पीड़ित कौन हैं?
पीड़ित सच्चू तिवारी और रघु तिवारी हैं, जो किटवारिया गांव के निवासी और पेशे से किसान हैं।
हमला क्यों किया गया?
खेत में हुए नुकसान की भरपाई मांगने पर किसानों को समझौते के बहाने बुलाया गया और वहीं उन पर हमला कर दिया गया।
पुलिस ने अब तक क्या किया?
पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराएं तय की जाएंगी और जांच जारी है।