Rewa ECO Park: रीवा में घूमने के लिए एक और शानदार जगह तैयार! जानें कब से होगा शुरू ईको पार्क?

Rewa ECO Park News: सफेद बाघ के लिए विश्व विख्यात रीवा हर दिन विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। रीवा में मौजूद प्राकृतिक धरोहरों को भी कुछ इस तरह सजाया जा रहा है की रीवा किसी महानगर से कम न लगे।

Update: 2023-04-17 12:23 GMT

सफेद बाघ के लिए विश्व विख्यात रीवा हर दिन विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अगर आप रीवावासी हैं लेकिन काम धंधे की वजह से कहीं परदेश में रह रहे हैं। अगर वापस आपका रीवा आना एक 2 वर्ष बाद होता है तो आप रीवा को पहचान नहीं पाएंगे। आपको लगेगा कि क्या यह वही रीवा है जिसे हम 2 वर्ष पहले छोड़कर गए थे। यूं कहे कि अब रीवा हर दिन अपने विकास के लिए कुछ न कुछ नया कर रहा है। रीवा में मौजूद प्राकृतिक धरोहरों को भी कुछ इस तरह सजाया जा रहा है की रीवा किसी महानगर से कम न लगे। आज हम इको पार्क रीवा की बात कर रहे हैं।

शुरू है निर्माण कार्य

इको पार्क रीवा जो बिहार नदी के द्वारा बन रहे टापू पर तैयार हो रहा है। टापू के पूर्वी और आरटीओ ऑफिस के पुराने कार्यालय को कुछ ऐसे सजा दिया गया है मानो यह ताजमहल हो। इको पार्क के लिए बना हुआ गेट पुराने नेशनल हाईवे 7 से सटा हुआ है। वहां से गुजरने वालों की नजर अनायास ही पड़ जाती है। बाहर से आने वाले लोग ठिठक कर कुछ देर इको पार्क रीवा की ओर देखते हैं और अनायास ही उनके मुंह से निकल जाता है कि वास्तव में शहर सज रहा है।

25 करोड़ होंगे खर्च

बिहार नदी के टापू पर बन रहे इको पार्क बहुत जल्दी रीवा वासियों को सौगात के रूप में प्राप्त होने वाली है। इसके लिए रीवा इको लाइटर प्राइवेट लिमिटेड मुंबई तेजी के साथ कार्य करने में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार इस इको पार्क को बनाने में करीबन 25 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

पहले ही पूरा हो जाता कार्य

इको पार्क रीवा का कार्य बहुत पहले पूरा हो जाता। लेकिन 2016 में आई बाढ़ ने इको पार्क के निर्माण को ध्वस्त कर दिया। पुराने आरटीओ ऑफिस से बिहार नदी पार कर टापू तक पहुंचने के लिए झूला पुल बनाया जा रहा था। काम अधूरा ही था की बरसात का मौसम शुरू हुआ और बाढ़ में पूरा का पूरा झूला बह कर नीचे आ गया।

इसके बाद सत्ता परिवर्तन भी मध्यप्रदेश में हो गया। कांग्रेस की सरकार ने इको पार्क बना रही कंपनी के ऊपर हर्जाना भरने का नोटिस काट दिया। जबकि की कंपनी स्वयं सरकार से अपनी लागत का पैसा मांग रही थी। मामला न्यायालय में पहुंचा वहां विचाराधीन था कि सरकार बदल गई। अब एक बार फिर कंपनी कार्य करने में जुटी हुई है।

इको पार्क मिलेंगी यह सुविधाएं

ईको पार्क में पहुचने वाले आमलोगों को कई सुविधाएं प्राप्त होंगी। लोगों को परिवार के साथ घूमने और समय बिताने के लिए इससे बेहतर इंतजाम किया जारहा है। सस्पेंशन ब्रिज को अत्याधुनिक तरीके से सजाया जा रहा है।

बताया गया है कि यहां सिटआउट एरिया, गेटबोस, सिगनागेस, सोलर लाइटिंग, लैंड स्केपिंग, स्टाफ हट, इंटरप्रिटेशन सेंटर, लाइब्रेरी, सोवेयर शॉप, साइकिल ट्रैक्स, बटर फ्लाई पार्क, स्पॉ, हर्बल शॉप नर्सरी, कैफेटेरिया, ट्री हाउस, चिल्ड्रेन प्ले एरिया,रोप वाल्किंग, ट्रेजर हंटिंग, आर्चरी ग्राउंड, पेंट बाल, आर्टिफिशियल रॉक, बर्मा ब्रिज, रिवैल्युएट क्रासिंग, योगा केन्द्र की जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

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