रीवा में 6 माह पहले बनकर तैयार हुआ एमपी का सबसे बड़ा 'मोहनिया टनल', अब उद्घाटन का इंतजार

Rewa Mohania Tunnel News: 'मोहनिया टनल' का कार्य निर्धारित समय से 6 माह पहले पूर्ण हो गया।

Update: 2022-08-23 08:18 GMT

Rewa Mohania Tunnel News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा (Rewa) और सीधे जिले (Sidhi District) को जोड़ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 39 में मोहनिया में बनने वाले टनल का कार्य निर्धारित समय से 6 माह पहले पूर्ण हो गया। यह मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)की सबसे लंबी सुरंग है। मात्र अभी फिनसिंग का कार्य थोड़ा बहुत बचा हुआ है। इसके पूरा होते ही लोकार्पण की तैयारी होगी।यह टनल रीवा और सीधी दोनों जिलों के लिए काफी अहम है।

6 माह पहले पूर्ण हुआ कार्य

मोहनिया घाटी पर बन रहा ट्विन ट्यूब रोड टनल अपने निर्धारित समय से 6 माह पूर्व बनकर तैयार हो गया है। निश्चित तौर पर यह कार्य करने वाली एजेंसी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। 2.29 किलोमीटर की दो टनल अप और डाउन इतने कम समय में तैयार होना अपने आप में महत्वपूर्ण है। जानकारी के अनुसार टनल निर्माण का कार्य 14 दिसंबर 2018 को शुरू हुआ था। कार्य पूर्ण करने की अवधि 12 मार्च 2023 रखी गई थी। 12 मार्च 2023 आने में अभी 6 माह से अधिक का समय शेष है। टनल में फिनसिंग का कार्य पूर्ण हाते ही इसका उद्घाटन किया जायेगा। इसके लिए भी प्रशासनिक स्तर पर तैयारी शुरू हो चुकी हैं। लेकिन अभी कोई डेट फिक्स नही किया गया है। लेकिन सम्भावना जताई जा रही है कि बहुत जल्दी ही टनल का लोकर्पण कर आम जन के आने जोन के लिए यह मार्ग खोल दिया जायेगा।

घट जाएगी रीवा-सीधी की दूरी

मोहनिया में टनल बन जाने के बाद जैसे ही शुरू हो जाएगा रीवा से सीधी और सीधी से रीवा आने जाने वाले लोगों को बहुत बड़ी सुविधा प्राप्त होगी। एक तो 7 किलोमीटर की दूरी रीवा सीधी के बीच कम हो जाएगी। क्योंकि वर्तमान समय में सड़क मार्ग से होते हुए पहाड़ पार कर जाने में रीवा से सीधी की दूरी 82 किलोमीटर के करीब है। लेकिन टनल के बन जाने से यह दूरी मात्र 75 किलोमीटर की रह जाएगी।

झांसी से रांची तक सफर होगा सुगम

टनल बन जाने से नेशनल हाईवे 39 जो झांसी से रांची तक जाता है। इसमें सिंगरौली जैसा मध्य प्रदेश का सिंगरौली जिला है जहां बड़े कोल माइंस और थर्मल पावर है। लगातार बड़े वाहनों का आना-जाना बना ही रहता है। पहाड़ में घुमावदार सड़कें, खड़ी चढ़ाई आवागमन में दिक्कत पैदा करता था। ऐसे में टनल का बनना यातायात के लिएं मील का पत्थर साबित होगा।

टनल में है बेहतर सुविधाएं

6लेन इस टनल में बेहतर से बेहतर सुविधाओं को शामिल किया गया है। 1004 करोड रुपए की लागत से बनाया गया यह टनल कई खूबियां लिए हुए हैं। आने और जाने वाले दोनों टनल में 7 स्थानों पर इंटर पासिंग की व्यवस्था की गई है। अगर किसी कारणवस आने-जाने वाले वाहन को वापस मुड़ना पड़ रहा है तो इन 7 स्थानों से वह मुड सकते हैं। और वापस आ सकते हैं। वहीं वाहन के रूते ही कंट्रोल रूम के पता लग जायेगा।

टनल की लम्बाई

टनल की कुल लंबाई 4580 मीटर है। जिसमें सीधी जाने वाली 2290 और सीधी से रीवा आने वाली 2290 की दो अलग-अलग टनल बनी हुई। टनल की चौड़ाई 13 मीटर है। वही टनल की ऊंचाई 6 मीटर रखी गई है। जिससे भारी वाहन भी आसानी के साथ पार हो सके।

फाइनलेग कंक्रीट से बनी है नाली

टनल में लगभग 10 किलोमीटर कि नाली का निर्माण करवाया गया है। बताया गया है कि नाली फाइनलेग कंक्रीट से बना हुआ है। ऐसी व्यवस्था की गई है कि टनल से सीपेज होने वाला पानी यह नाली में जाएगा। इसके बाद इस नाली के पानी को एक बड़े गड्ढे में एकत्र कर शुद्धीकरण के बाद छोड़ा जाएगा। नाली के निर्माण में रेत का उपयोग बिलकुल नहीं किया गया है।

लगें है सीसीटीवी कैमरे

बताया गया है कि टनल में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जो उच्च गुणवत्ता वाले है। टनल की पूरी निगरानी के लिए पूरा कंट्रोल रूम काम करेगा। चैनल के अंदर की हर छोटी-बड़ी हरकत कैमरे में कैद होगी। किसी भी समस्या पर कंट्रोल रूम तुरंत अनाउंस कर जानकारी देने के साथ ही सहायता उपलब्ध करवाएगा। अगर टनल के अंदर कोई हादसा होता है तो दो 4 मिनट के अंदर ही सहायता उपलब्ध हो जाएगी।

सोलर प्लांस से मिलेगी बिजली

टनल के पास ही एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट लगा हुआ है। इसी सोलर प्लांट के माध्यम से टनल को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। टनल के अंदर अंधेरा ना हो इसकी पूरी व्यवस्था की गई है। जानकारी के अनुसार हर 20 से 30 मीटर की दूरी पर विधिवत प्रकाश फैलाने वाली लाइटिंग लगी हुई है।

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