रीवा में रामलला मंदिर की करोड़ों की जमीन की विक्री एवं खरीद-फरोख्त करने वालों को न्यायालय से तगड़ा झटका, कोर्ट ने लगाया स्टे

रीवा जिला न्यायालय ने महसांव स्थित रामलला मंदिर की करोड़ों की जमीन की खरीदी विक्री करने पर रोक लगा दी है।

Update: 2021-08-07 13:55 GMT

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रीवा। जिले के गुढ़ तहसील अंतर्गत महसांव में स्थित रामलला मंदिर ट्रस्ट की साढ़े 19 एकड़ जमीन विक्री मामले कोर्ट ने स्टे जारी कर दिया है। जिला न्यायालय के विद्वान द्वितीय व्यावहार न्यायाधीश ने संज्ञान में लेते हुये मंदिर की की उक्त साढ़े 19 एकड़ जमीन की बिक्री करने पर रोक लगा दी है।

न्यायालय के निर्णय की जानकारी देते हुये अधिवक्ता एन के सिंह सिकरवार ने बताया कि अमित चौरसिया तनय नरेशचंद्र चौरसिया, अभिषेक चौरसिया, महेश चौरसिया समेत अन्य लोगों के द्वारा मंदिर की जमीन की विक्री की जा रही थी। जिसको लेकर एक याचिका रीवा न्यायालय में उनके द्वारा प्रस्तुत की गई थी। इसी याचिका पर न्यायालय ने स्टे आर्डर जारी किया है।

न्याय की जीत

अधिवक्ता ने कहा कि यह न्याय की जीत है। भगवान के मंदिर की जमीन की खरीदी बेंची करना न सिर्फ कानूनी तौर पर गलत है बल्कि सामाजिक तौर पर भी सही नही है। जिसके चलते उक्त जमीन को भू-माफियाओं से बचाने के लिये न्यायायल का दरवाजा खटखटाया गया और न्यायालय ने जमीन विक्री पर रोक लगाई है।

मंदिर के मंहत से लिया था जमीन

अधिवक्ता ने बताया कि मंदिर के मंहत दमोदर दास उक्त जमीन की देखरेख करते थे। मंहत को मिला पटाकर और सांठगांठ कर फर्जी तरीके से डॉक्टर चौरसिया परिवार के द्वारा विक्री नामा लिखवाया गया था। अब उस जमीन को एक बार फिर उसे 10 करोड़ रूपये में बेचने की तैयारी चौरसिया परिवार के द्वारा की जा रही थी। लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद अब जमीन विक्री रूक गई है और जो भी उक्त जमीन की खरीदी करेगा वह सावधान रहे।

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