रीवा में जूनियर डॉक्टर फिर हड़ताल पर जाएंगे: 10 को विरोध, 11-12 को रुटीन सेवाएं बंद करेंगे; 13 से इमरजेंसी सेवाओं में भी नहीं होंगे शामिल जूडा

बैठक के बाद श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा के जूनियर डॉक्टरों ने लिया फैसला।

Update: 2024-01-09 05:21 GMT

रीवा। जूनियर डॉक्टर फिर हड़ताल की राह पर हैं। बैठक में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। 10 जनवरी को काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 11 और 12 जनवरी को आपोडी, रूटीन सेवाएं बंद कर देंगे। 13 जनवरी से एमरजेंसी सेवाओं से भी तौबा कर लेंगे।

मेडिकल कॉलेज बजट संकट से जूझ रहा है। पिछले कई महीनों से शासन से दवाइयों का बजट नहीं मिला है। दवाइयां खत्म हो गई हैं। किसी तरह से स्थानीय स्तर पर व्यवस्था कर अस्पताल में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इस समस्या से अस्पताल प्रबंधन निपट नहीं पाया था कि अब जूनियर डॉक्टरों ने भी टेंशन दे दी है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन रीवा ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।

सोमवार को श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के छात्र संगन ने एक बैठक आयोजित की। बैठक में जूनियर डॉक्टर के अधिकार एवं मासिक वेतनमान को लेकर आवश्यक चर्चा की गई। चर्चा के बाद तीन बिंदुओं पर निर्णय लिया गया। छात्र संगठन ने निर्णय लिया है कि यदि उनका जनवरी माह के पहले से स्टाय पेड नहीं दिया जाता है तो वह काम बंद हड़ताल पर चले जाएंगे। जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह से चौपट हो जाएंगी।

11 से बंद कर देंगे सेवाएं

जूनियर डॉक्टरों ने बैठक में चर्चा के बाद निर्णय लिया है कि वह 10 जनवरी को प्रतिकात्मक रूप से मांगों को पूरा करने के लिए काली पट्टी बांधकर चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान करेंगे। इसके बाद 11 और 12 जनवरी को रुटीन सेवाएं बंद कर देंगे। इसके बाद 13 जनवरी से आकस्मिक सेवाएं भी बंद कर देंगे।

बैठक में छात्र संगठन ने निर्णय लिया है कि सभी जूनियर डॉक्टरों का जनवरी माह के पहले का रुका हुआ वेतन का भुगतान तत्काल प्रभाव से किया जाए। प्रथम वर्ष के जनूधिर डॉक्टर्स का 3 से 4 माह का बकाया वेतन का भुगतान तत्काल प्रभाव से किया जाए। इसके अलावा लिखित में आश्वासन मांगा गया है कि प्रत्यक महीने की 5 तारीख तक सभी जूनियर डॉक्टरों को वेतन का भुगतान सुचारु रूप से किया जाए।

करीब 400 जूडा हैं प्रभावित

समय पर वेतन नहीं मिलने से करीब 400 जूनियर डॉक्टर प्रभावित हैं। पिछले कई महीनों से यह जूनियर डॉक्टर स्ट्रगल कर रहे हैं। ऐसा पहली मर्तबा नहीं हुआ है कि जूनियर डॉक्टरों को चार महीने से वेतन नहीं मिला हो। हर बार तीन से चार महीने इंतजार और विरोध के बाद ही वेतन मिलता है। महीने में वेतन वितरण का समय ही निर्धारित नहीं है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पूरी तरह से हाथ खड़े कर देता है। शासन पर जिम्मेदारी लाद देता है। वहीं शासन बजट नहीं होने का बहाना बनाकर कन्नी काट लेता है। इसकी मार जूनियर डॉक्टरों को झेलनी पड़ती है। संजय गांधी अस्पताल की पूरी बागडोर इन्हीं के हाथ में है और इन्हें ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

पिछले चार महीनों से नहीं मिली फूटी कौड़ी

श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों को पिछले चार महीनों से स्टाय पेड के नाम पर एक फूटी कौड़ी नहीं मिली। छात्र बिना मासिक वेतनमान के ही काम करने को मजबूर हैं। कई मर्तबा प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई लेकिन कोई हल नहीं निकला। यही वजह है कि जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।

यह हर बार जूनियर डॉक्टरों के साथ किया जाता है। तीन से चार महीने तक वेतन नहीं देते। विरोध करने पर ही दिया जाता है। 10 को काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे। इसके बाद हड़ताल पर चले जाएंगे। काम पूरी तरह से बंद कर देंगे। - डॉ आशय द्विवेदी, अध्यक्ष, जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन रीवा

सेकेण्ड और थर्ड बैच का स्टाय पेड रिलीज कर दिए हैं। प्रथम वर्ष के छात्रों में 60 छात्रों को जारी कर दिया गया है। शेष छात्रों की जानकारी गलत है। उनसे जानकारी मांगी गई है। जल्द ही सभी का रुका हुआ स्टाय पेड जारी कर दिया जाएगा। विभागाध्यक्षों को भी नोटिस जारी किया गया है कि हर माह की 5 तारीख के पहले तक सभी विभागों के अटेंडेंस भेज दिए जाएंगे। जिससे ट्रेजरी में बिल लगाया जा सके। - डॉ मनोज इंदुलकर, डीन, श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा

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