रीवा के शासकीय विधि महाविद्यालय में नेशनल सेमीनार का शुभारंभ
शासकीय विधि महाविद्यालय रीवा में भारतीय संविधान में लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा, वर्तमान स्थिति चुनौतियाँ एवं संभावनाएँ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ।
रीवा के शासकीय विधि महाविद्यालय में नेशनल सेमीनार का शुभारंभ
रीवा। शासकीय विधि महाविद्यालय रीवा में भारतीय संविधान में लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा, वर्तमान स्थिति चुनौतियाँ एवं संभावनाएँ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. मोना पुरोहित रही जिन्होने विषय पर गंभीरता पूर्वक विचार प्रस्तुत करते हुए बताया कि किस प्रकार से राज्य लोक कल्याणकारी स्वरूप को फलीभूत कर रहा है तथा क्या- क्या चुनौतियाँ है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रीवा विधायक राजेन्द्र शुक्ल ने राज्य लोक कल्याणकारी स्वरूप का व्यवहारिक पक्ष प्रस्तुत करते हुए रीवा के बदलते स्वरूप का जिक्र किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रीवा संभाग ( उच्च शिक्षा विभाग) के अतिरिक्त संचालक डॉ. पंकज श्रीवास्तव तथा शा. विधि महा. इंदौर के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. निर्मल कुमार पगारिया रहे।
सत्र की अध्यक्षता शा. विधि महावि. रीवा के जनभागीदारी समिति के सदस्य अजय सिंह ने की। महाविद्यालय के प्राचार्य डा. योगेन्द्र कुमार तिवारी ने कार्यक्रम में समस्त अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की उपलब्धियों को बताया। कार्यक्रम में लगभग 400 प्रतिभागियों ने वास्तविक अथवा वर्चुअल माध्यम से शामिल होकर संगोष्ठी का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. भारतेन्दु मिश्रा, डॉ. बेनू माधव पाण्डेय, डॉ. उपेन्द्र पाण्डेय, डॉ. नित्यानंद मिश्रा, सचिन द्विवेदी, रावेन्द्र मिश्रा, डॉ. रविप्रकाश पाठक, डॉ. श्रद्धा सिंह, डॉ. आलोक मिश्रा आदि प्रमुख रूप उपस्थित रहे।