कौन हैं उदय भानु चिब? AI समिट विवाद में गिरफ्तार IYC अध्यक्ष की पूरी प्रोफाइल
AI समिट प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब कौन हैं? छात्र राजनीति से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक की पूरी राजनीतिक यात्रा पढ़ें।
अहम बातें
- उदय भानु चिब वर्तमान में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं
- छात्र राजनीति से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
- AI समिट प्रदर्शन मामले में नाम आया सामने
- जम्मू-कश्मीर से आते हैं और NSUI से जुड़े रहे
दिल्ली में AI समिट 2026 के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब का नाम सामने आने के बाद उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन की रणनीति में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि उदय भानु चिब कौन हैं और उनका राजनीतिक सफर क्या रहा है।
मुख्य खबर पढ़ें: AI समिट हंगामा मामला: IYC अध्यक्ष गिरफ्तार
कौन हैं उदय भानु चिब
उदय भानु चिब वर्तमान समय में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनका संबंध जम्मू-कश्मीर से है और वे जम्मू के पलौड़ा क्षेत्र के निवासी बताए जाते हैं। छात्र राजनीति से जुड़े रहने के बाद उन्होंने कांग्रेस की युवा इकाई में सक्रिय भूमिका निभाई।
उनके पिता हरि सिंह चिब भी जम्मू-कश्मीर कांग्रेस से जुड़े वरिष्ठ नेता रहे हैं। परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि के बीच चिब ने छात्र संगठनों के जरिए अपनी पहचान बनाई।
छात्र राजनीति से राष्ट्रीय नेतृत्व तक
उदय भानु चिब ने अपनी राजनीतिक यात्रा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) से शुरू की। शुरुआत में सदस्य के तौर पर कार्य किया, बाद में जम्मू-कश्मीर NSUI के अध्यक्ष बने। इसके बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर NSUI के महासचिव बने।
इसके बाद उन्होंने इंडियन यूथ कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभाई। पहले जम्मू-कश्मीर IYC के अध्यक्ष बने, फिर राष्ट्रीय महासचिव और अंततः राष्ट्रीय अध्यक्ष पद तक पहुंचे।
AI समिट प्रदर्शन में नाम कैसे जुड़ा
दिल्ली के भारत मंडपम में AI समिट 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के पीछे संगठित योजना की जांच की जा रही है। इसी संदर्भ में उदय भानु चिब से पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तारी की गई।
पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, उनके वकील और कांग्रेस नेताओं ने आरोपों को राजनीतिक कार्रवाई बताया है।
उदय भानु चिब का पक्ष
AI समिट के दौरान विरोध पर पहले दिए गए बयान में चिब ने कहा था कि युवा वर्ग ट्रेड समझौतों और रोजगार जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज उठा रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताया था।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए कहा है कि लोकतांत्रिक विरोध को दबाया जा रहा है। पार्टी ने कहा है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सच सामने आएगा। वहीं IYC के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने कहा कि AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुआ प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और उसे देश विरोधी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भाजपा इस विरोध को ‘एंटी-इंडिया’ बताकर प्रचार कर रही हैं। ओझा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के खिलाफ आवाज उठाना अधिकार है। उन्होंने सवाल किया कि क्या हर विरोध को ‘एंटी-इंडिया’ बताकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाया जा सकता है।
राजनीतिक प्रभाव
इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। एक ओर पुलिस जांच की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहा है। आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही और जांच की दिशा इस मामले को आगे तय करेगी।
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