Global Oil Supply Risk: ईरान बोला – एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाएगा, भारत ने बताया कितना है तेल का स्टॉक
ईरान ने कहा एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाएगा। होर्मुज स्ट्रेट पर नई शर्त से वैश्विक तेल संकट का खतरा, भारत ने बताया 8 हफ्तों का स्टॉक।
Iran Israel War Oil Supply Crisis: ईरान बोला – एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाएगा
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का अब 11वां दिन चल रहा है और इस बीच ईरान ने दुनिया को बड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने कहा है कि मौजूदा हालात में वह एक लीटर तेल भी देश से बाहर नहीं जाने देगा।
इसी के साथ ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग Hormuz Strait से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई शर्त भी रख दी है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है और कई देशों में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर आशंकाएं बढ़ रही हैं। इस बीच भारत ने भी देशवासियों को आस्वस्त करते हुए बताया है की देश में अभी कितना कच्चा तेल है।
Hormuz Strait Shipping Condition: जहाजों के लिए ईरान की नई शर्त
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान की सेना Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कहा है कि कुछ देशों के जहाजों को ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने दिया जाएगा।
लेकिन इसके लिए उन देशों को पहले अपने देश से इजराइल और अमेरिका के राजदूतों को निकालना होगा।
ईरान के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह कदम वैश्विक तेल और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को प्रभावित कर सकता है।
Global Oil Supply Route Hormuz Strait: दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग
Hormuz Strait दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग माना जाता है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है।
दुनिया के कुल करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से गुजरती है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत और अन्य खाड़ी देशों का अधिकांश तेल निर्यात इसी मार्ग पर निर्भर करता है।
अगर इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होती है तो इसका असर सीधे वैश्विक तेल बाजार और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है।
Security Tax on Oil Tankers: जहाजों पर सिक्योरिटी टैक्स लगाने की योजना
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान Hormuz Strait से गुजरने वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों पर Security Tax लगाने की योजना बना रहा है।
यह शुल्क खास तौर पर उन जहाजों पर लगाया जा सकता है जो अमेरिका के सहयोगी देशों से जुड़े हुए हैं।
अगर ऐसा होता है तो अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लागत बढ़ सकती है और इसका असर वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर भी पड़ सकता है।
India Crude Oil Reserve Stock: भारत के पास 4000 करोड़ लीटर तेल
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि फिलहाल तेल की कोई कमी नहीं होगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत के पास इस समय 25 करोड़ बैरल से अधिक कच्चा तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का स्टॉक मौजूद है।यह मात्रा लगभग 4000 करोड़ लीटर तेल के बराबर है, जो देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
India Energy Security Backup: 7 से 8 हफ्तों का तेल स्टॉक
सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक यदि अंतरराष्ट्रीय सप्लाई पूरी तरह रुक भी जाए तो भी भारत की पूरी सप्लाई चेन 7 से 8 हफ्तों तक बिना किसी परेशानी के चल सकती है।
इसका मतलब है कि आने वाले समय में देश में पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की तत्काल कमी होने की संभावना नहीं है।
सरकार का कहना है कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी ऊर्जा सुरक्षा नीति को मजबूत किया है, जिससे देश अब किसी एक रूट या एक देश पर निर्भर नहीं है।
Global Energy Crisis Impact: दुनिया के कई देशों में तेल संकट
ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष के कारण कई देशों में तेल की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है।
कई देशों में पहले ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की जा चुकी है और ऊर्जा संसाधनों को सीमित करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार दोनों पर पड़ सकता है।