Free Ration: करोड़ो राशनकार्ड धारियों के लिए सरकार का बड़ा ऐलान, इस बार नहीं मिलेगा फ्री गेहूं, चावल से करना होगा गुजारा

Free Ration: करोड़ो राशनकार्ड धारियों के लिए सरकार का बड़ा ऐलान, इस बार नहीं मिलेगा फ्री गेहूं, चावल से करना होगा गुजारा! Government big announcement for crores of ration card holders, this time will not get free wheat, will have to survive with rice

Update: 2022-06-19 15:09 GMT

Free Ration: गरीब कल्याण योजना के माध्यम से हर महीने गरीबों को दिए जाने वाले खाद्यान्न की अवस्था में परिवर्तन किया गया है। गरीबों को जहां पहले गेहूं और चावल दोनों दिया जाता था अब उसमें परिवर्तन कर दिया गया है। अब उत्तर प्रदेश में केवल चावल का वितरण किया जाएगा। ऐसा ही हाल देश के अन्य राज्यों में भी है। वहीं कई राज्यों में गेहूं और चावल दोनों का वितरण किया जाएगा। लेकिन वहां भी गेहूं की मात्रा घटा दी गई है गेहूं के स्थान पर चावल ज्यादा दिया जाएगा।

हुआ व्यवस्था में परिवर्तन

जानकारी के अनुसार गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से गरीबों को हर महीने 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल दिया जाता था। लेकिन इस बार सरकार ने इस व्यवस्था में कुछ परिवर्तन किया है। इस परिवर्तन के आधार पर अब उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में केवल 5 किलो चावल प्रति व्यक्ति की दर से वितरण किया जाएगा।

व्यवस्था परिवर्तन की वजह

गेहूं का कम उत्पादन और विदेश भेजे गए गेहूं की वजह से देश में गेहूं का भंडारण पूर्ण रूप से नहीं हो पाया है। समर्थन मूल्य पर की गई गेहूं की खरीदी लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में शासन द्वारा निर्धारित किया गया गेहूं खरीदी का लक्ष्य आधे के करीब भी नहीं पहुंचा। इसकी सबसे बड़ी वजह है यह है कि बाहर खुली मंडियों में गेहूं के दाम एमएसपी से ज्यादा मिल रहे थे।

व्यापारियों ने खरीदा शासन के हिस्से का गेहूं

रूस और यूक्रेन युद्ध की वजह से विश्व में भारत के गेहूं की मांग बढ़ गई। व्यापारिक समझौता होते ही देश के व्यापारी गेहूं के दाम बढ़ाकर खरीदने लगे और विदेश भेज रहे थे। हालत यह हो गई कि एमएसपी से ज्यादा किसानों को गेहूं के दाम बाहर मंडियों में मिल रहे थे। ऐसे में कहा जा सकता है कि सरकार के हिस्से का गेहूं व्यापारियों ने खरीद कर विदेश भेज दिया।

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