मध्‍य प्रदेश की पंचायतों में प्रधान प्रशासकीय समिति करेगी काम

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायतों में कार्यों के संचालन के लिए प्रधान प्रशासकीय समिति की व्यवस्था लागू कर दी है।

Update: 2022-01-05 06:04 GMT

भोपाल (Bhopal) मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव निरस्त होने के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायतों में कार्यों के संचालन के लिए प्रधान प्रशासकीय समिति की व्यवस्था लागू कर दी है। जनपद और जिला पंचायत स्तर पर भी यही व्यवस्था रहेगी। इनके संयुक्त हस्ताक्षर से बैंक खातों का संचालन किया जायेगा।

प्रदेश में मार्च 2020 में ही 22, 604 पंचायतों में सरपंच और पंच का कार्यकाल पूरा हो चुका है। इसी तरह 841 जिला और 6774 जनपद पंचायत सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। नियमानुसार यहां चुनाव हो जाने चाहिए थे पर किसी न किसी कारण से ये टलते रहे हैं। अब कब तक चुनाव हो पाएगा कुछ कहा नहीं जा सकता। लोगों का मानना है कि अब सालों के लिए चुनाव टल गए हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग ने जनवरी में चुनाव कराने की तैयारी की थी लेकिन ये भी नहीं हो पाए। आदर्श आचार संहिता भी समाप्त हो चुकी है। पंचायतों में कार्य प्रभावित न हों इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पूर्व सरपंच को ही प्रधान बनाकर अधिकार दिए हैं। इसके लिए प्रशासकीय समिति बनाने की व्यवस्था बनाई है। पंचायत सचिव और प्रधान प्रशासकीय समिति के संयुक्त हस्ताक्षर से पंचायत के खातों का संचालन किया जाएगा।

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