MP News: शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, सभी कलेक्टरों को जारी किया निर्देश, जानिए!

MP News: प्रवासी श्रमिकों को लेकर शिवराज सरकार ने लिया फैसला.

Update: 2022-02-02 06:50 GMT

MP News: प्रवासी श्रमिकों को लेकर एमपी (MP) की शिवराज सरकार (Shivraj Singh) ने बड़ा फैसला लेते हुए जिले स्तर पर सर्वे कराने का निर्देश जारी किए है। जिसके तहत एक जनवरी के बाद मध्यप्रदेश लौट रहे प्रवासी श्रमिकों का पंजीयन किया जाने के लिए समस्त कलेक्टर्स को कहा गया है।

दिया जाएगा लाभ

बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि दूसरे राज्यों में रह कर काम कर रहे मजदूरों की घर वापसी के बाद उन्हे भी शासन की विभिन्न योजनाओं का पात्रतानुसार लाभ दिया जा सकें है। इसके लिये इनके सर्वे, सत्यापन तथा पंजीयन की कार्यवाही की जानी है।

दरअसल, मध्यप्रदेश के मूल निवासी प्रवासी श्रमिक, जो एक जनवरी 2022 को या उसके बाद मध्यप्रदेश लौट रहे हैं, ऐसे प्रवासी श्रमिको का पोर्टल एवं रोजगार सेतु पोर्टल पर पंजीयन किया जा रहा है। श्रम विभाग ने इसके लिए समस्त कलेक्टर्स को निर्देश जारी किये हैं।

ये करेगे सत्यापन

प्रवासी मजूदरों के सत्यापन कार्य के लिए ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवों एवं ग्राम रोजगार सहायकों द्वारा तथा नगरीय क्षेत्रों में नगरीय निकाय के वार्ड प्रभारियों द्वारा किया जाएगा। प्रवासी श्रमिक जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी नहीं है।

ऐसे पात्र श्रमिकों को मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना अथवा मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल योजना में पंजीयन के लिये पात्रता रखते हैं। साथ ही अन्य राज्यों में कारखानों-उद्योगों में नियोजित मप्र के मूल निवासी श्रमिक, जो मध्यप्रदेश लौट रहे हैं, का भी सर्वे एवं सत्यापन किया जाएगा।

इस श्रेणी के मजदूरों को लाभ

सरकार ने अंसगठित मजदूरों की 40 श्रेणी तैयार की है। जिसमें साईकिल रिक्शा चालक, हाथठेला चालक, शहरी घरेलू कामकाजी महिला, हॉकर, फेरीवाले, कृषि कार्य, हम्माल एवं तुलावटी, बुनकर, केश शिल्पी, मत्स्य पालक, दुकान, रेस्टोरेंट व्यापार में संलग्न, परिवहन कार्य, मनरेगा कार्य, पत्थर तोड़ने तथा दलने वाले, पक्की ईंट तथा टाइल्स बनाने वाले, सिलाई करने वाले, सुगंधित तीलीयाँ एवं अगरबत्ती बनाने वाले, पापड़ अचार जेम्स आदि बनाने वाले, खिलौने बनाने वाले, चमड़े का शोधन करने वले, जूतू तथा कपड़े की वस्तु एवं मरम्मत कने वाले, साफ-सफाई तथा झाडू बहारू करने वाले, रैगपिकर्स, कढ़ाई, कढ़ाई की सजावट आदि शामिल है।

इसके अलावा वस्त्र बनाने मेंनियोजित, आटा तेल दाल तथा चावल मिल में नियोजित, प्राइवेट सुरक्षा सेवा, प्लास्टिक उद्योग, बर्तन बनाने वाले, लकड़ी का कार्य करने वाले, दरी तथा कारपेट बनाने वाले, आतिशबाजी तथा माचिस उद्योग, डब्बे तथा पैकिंग कार्य, कबाड़ी, दुग्ध उद्योग, वनोपज कार्य, रेशम उत्पादन, कपड़ो की रंगाई, रेत खदान मिट्टी खदान, लदाई, उतराई, ठेर लगाई, पैकिंग करने, वहन करने, तौलने, मापने में नियोजित, खदानों में नियोजित, खादी हाथकरघा तथा पॉवर लूप उद्योगों में तथा शिप्ली जैसे बढ़ई, लोहार, गारा बनाने वाले कुम्हार आदि को भी इस श्रेणी में जोड़ा गया है।

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