MP Electricity Bill Hike: मध्य प्रदेश में बिजली 4.80% महंगी, अब 200 यूनिट पर देने होंगे ₹80 ज्यादा!

MP में बिजली 4.80% महंगी! 3 अप्रैल 2026 से नया टैरिफ लागू। जानें 100 से 500 यूनिट तक कितना बढ़ेगा आपका बिल और किन उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

Update: 2026-03-27 05:01 GMT

मध्य प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा झटका देने वाली खबर सामने आई है। मप्र विद्युत नियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की नई दरें (टैरिफ) जारी कर दी हैं। प्रदेश में बिजली की कीमतों में औसतन 4.80% की बढ़ोतरी की गई है। यह नया टैरिफ 3 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएगा, जिसका सीधा असर 10 अप्रैल के बाद आने वाले आपके मासिक बिलों में दिखाई देगा।

आपकी जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ?

इस बढ़ोतरी से प्रदेश के लगभग 1.90 करोड़ उपभोक्ता प्रभावित होंगे, जिनमें 1.50 करोड़ घरेलू बिजली उपभोक्ता शामिल हैं। बिजली कंपनियों ने शुरुआत में 10.19% वृद्धि की मांग की थी, लेकिन आयोग ने इसे सीमित रखते हुए 4.80% पर मंजूरी दी है। अगर आप महीने में 200 यूनिट बिजली खर्च करते हैं, तो अब आपको हर महीने ₹80 अतिरिक्त चुकाने होंगे। वहीं, 600 यूनिट खर्च करने वाले परिवारों का बिल ₹236 तक बढ़ सकता है।

नया टैरिफ चार्ट: यूनिट के हिसाब से बदलें दाम

ऊर्जा प्रभार (Energy Charge) में प्रति यूनिट की गई वृद्धि को नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है:

यूनिट स्लैब पुराना रेट (प्रति यूनिट) नया रेट (प्रति यूनिट) वृद्धि (पैसे में)
0 से 30 यूनिट ₹3.50 ₹3.72 22 पैसे
31 से 50 यूनिट ₹4.45 ₹4.71 26 पैसे
51 से 150 यूनिट ₹5.41 ₹5.67 26 पैसे
151 से 300 यूनिट ₹6.79 ₹7.05 26 पैसे
300 से अधिक ₹6.98 ₹7.24 26 पैसे
खपत (यूनिट) बिल में बढ़ोतरी (रु.)
100 यूनिट 31 रु.
200 यूनिट 80 रु.
300 यूनिट 118 रु.
400 यूनिट 158 रु.
600 यूनिट 236 रु.

नोट: केवल यूनिट के दाम ही नहीं, बल्कि 'नियत प्रभार' (Fixed Charges) में भी वृद्धि की गई है। शहरी क्षेत्रों में 150 यूनिट तक के कनेक्शन पर फिक्स्ड चार्ज में 8% से 15% तक की बढ़ोतरी हुई है।

यूनिट पुराना टैरिफ (शहर/ग्रामीण) नया टैरिफ (शहर/ग्रामीण) वृद्धि (शहर/ग्रामीण)
0 से 50 यूनिट तक 76 / 62 81 / 67 5 / 5
51 से 150 112 / 106 134 / 111 22 / 5
151 से 300 128 / 126 130 / 128 2 / 2
300 यूनिट से अधिक 28 / 26 30 / 28 2 / 2

इन उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत

महंगाई के इस दौर में सरकार ने कुछ वर्गों को राहत भी दी है। प्रीपेड मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा प्रभार में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके अलावा, जो लोग सौर ऊर्जा (Solar Energy) का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें ऊर्जा प्रभार में 20% तक की भारी छूट दी जाएगी। वहीं, मेट्रो रेल और उच्च दाब (High Tension) वाले मौसमी उपभोक्ताओं के लिए भी टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्यों बढ़ी बिजली की कीमतें?

बिजली कंपनियों का तर्क है कि प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग और वित्तीय घाटे को कम करने के लिए यह बढ़ोतरी जरूरी थी। मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे 8 अन्य राज्यों ने भी अपने यहाँ बिजली की दरें बढ़ाई हैं। इस फैसले से प्रदेश की तीनों प्रमुख बिजली कंपनियों को हर महीने हजारों करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिसका उपयोग बिजली सप्लाई और तकनीकी ढांचे को सुधारने में किया जाएगा।

तकनीक और भविष्य की योजनाएं

आयोग ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल दाम न बढ़ाएं, बल्कि अपनी तकनीकी क्षमता और संचालन में भी सुधार करें। स्मार्ट मीटरिंग वाले क्षेत्रों में विशेष शोध (Research) करने और नए व नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के साथ-साथ एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं के लिए शुल्क में कमी की गई है, जिससे औद्योगिक क्षेत्र को कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

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