'बेशर्म मंत्री' की हद: मैहर शारदा मंदिर में भक्तों की लंबी कतार रोककर प्रभारी मंत्री राधा सिंह ने किए VIP दर्शन, प्रतिबंध के बाद भी गर्भगृह में की पूजा

'बेशर्म मंत्री'! मैहर शारदा मंदिर में 50 हजार भक्तों की कतार रोककर प्रभारी मंत्री राधा सिंह ने किए VIP दर्शन। प्रतिबंध के बाद भी गर्भगृह में प्रवेश। जानिए पूरा मामला।

Update: 2026-03-25 05:00 GMT

मैहर: मंत्री के VIP दर्शन और गर्भगृह प्रवेश पर भक्तों का आक्रोश

सतना/मैहर: राज्य के एक और मंत्री की बेशर्मी मैहर के प्रसिद्ध शारदा माता मंदिर से सामने आई है। जहाँ नवरात्रि के पावन पर्व पर आम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया। सतना जिले की प्रभारी मंत्री राधा सिंह ने मंदिर के नियमों और हजारों श्रद्धालुओं की परेशानी को ताक पर रखकर, न केवल विशेष दर्जा प्राप्त किया, बल्कि प्रतिबंध के बावजूद गर्भगृह में प्रवेश कर विशेष पूजा-अर्चना की।


नवरात्रि में 50 हजार भक्तों की फजीहत, मंत्री के लिए रेड कारपेट

मैहर की शारदा माता मंदिर विंध्य क्षेत्र की आस्था का केंद्र है। नवरात्रि के समय यहाँ प्रतिदिन 40 से 50 हजार श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुँचते हैं। मंगलवार को, जब भक्तों की किलोमीटर लंबी कतारें लगी थीं, तब प्रभारी मंत्री राधा सिंह का VIP काफिला मंदिर पहुँचा।

भक्तों की नाराजगी उस वक्त बढ़ गई जब मंत्री के दर्शन के लिए आम जनता की कतार को काफी देर तक रोक दिया गया। सीढ़ियों पर कतारबद्ध खड़े श्रद्धालु, जिनमें बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल थे, भीड़ में फंसकर परेशान होते रहे, जबकि मंत्री जी आराम से दर्शन कर रही थीं।

धक्का-मुक्की और अभद्रता: मंत्री के सुरक्षाकर्मियों का तांडव

मंत्री राधा सिंह के मंदिर परिसर में प्रवेश के दौरान, उनके सुरक्षा प्रबंधन और पार्टी नेताओं की भीड़ ने आम भक्तों के साथ कथित तौर पर अभद्रता की।

  • भक्तों के साथ धक्का-मुक्की: मंत्री के रास्ते से आम लोगों को हटाने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने भक्तों के साथ धक्का-मुक्की की।
  • लंबा इंतजार: आम श्रद्धालुओं को, जो घंटों से कतार में थे, मंत्री के 15 मिनट के गर्भगृह प्रवास के दौरान और अधिक इंतजार करने पर मजबूर किया गया।

प्रतिबंध के बाद भी गर्भगृह में प्रवेश: आस्था पर प्रहार?

भक्तों के बीच भारी आक्रोश की सबसे बड़ी वजह यह रही कि मंत्री राधा सिंह ने शारदा मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सामान्यतः नवरात्रि के दौरान भीड़ प्रबंधन के मद्देनजर गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध रहता है, ताकि सभी भक्त सुगमता से दर्शन कर सकें। लेकिन प्रभारी मंत्री ने इस नियम को तोड़ते हुए गर्भगृह में लगभग 15 मिनट तक रुककर विशेष पूजा की, जिससे आम भक्तों का दर्शन बाधित हुआ।

VIP कल्चर के खिलाफ जनता का आक्रोश

शारदा मंदिर में हुई यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर VIP संस्कृति के हावी होने की ओर इशारा करती है। एक तरफ जहाँ आम आदमी आस्था के लिए घंटों कतार में खड़ा रहता है, वहीं सत्ता में बैठे लोग नियमों को तोड़कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हैं। RewaRiyasat.com भक्तों की भावनाओं और उनकी परेशानी को प्रमुखता से उठाता है। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आस्था के द्वार पर भी वीआईपी संस्कृति को जगह मिलनी चाहिए?

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