आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े का खुलासा, पूर्व कर्मचारी ने बना डाले 500 नकली कार्ड हुआ गिरफ्तार

MP News: आयुष्मान योजना कार्ड बनाने में फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। पूर्व कर्मचारी द्वारा इस कारनामे को अंजाम दिया गया। जिसने लगभग 500 अपात्रों के फर्जी आयुष्मान कार्ड बना डाले।

Update: 2023-03-02 11:36 GMT

आयुष्मान योजना कार्ड बनाने में फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। पूर्व कर्मचारी द्वारा इस कारनामे को अंजाम दिया गया। जिसने लगभग 500 अपात्रों के फर्जी आयुष्मान कार्ड बना डाले। इस मामले में क्राइम ब्रांच द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। फर्जीवाड़े में शामिल उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। जिन लोगों को यह फर्जी कार्ड जारी किए गए थे उनमें से कई लोगों ने आयुष्मान के तहत अपना इलाज भी करा लिया।

40 से 100 रुपए में बनाता था फर्जी आयुष्मान कार्ड

मामला एमपी के भोपाल का बताया गया है। आरोपी अनुराग श्रीवास्तव अशोक नगर में आयुष्मान की थर्ड पार्टी एजेंसी विडाल में डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर था। इस संबंध में क्राइम ब्रांच को फर्जी आयुष्मान कार्ड जारी करने के संबंध में शिकायत मिली थी। यह कार्ड स्टेट हेल्थ एजेंसी के लॉगिन आईडी और पासवर्ड से जारी किए जा रहे थे। आरोपी द्वारा इस फर्जीवाड़े को तीन अलग-अलग लोगों के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा था। कार्ड बनाने के लिए वह लोगों से 40 रुपए से लेकर 100 रुपए तक लेता था। मामले की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने शिकायत सही पाई। आरोपी द्वारा 500 फर्जी आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। जिसके जरिए लोगों ने अपना इलाज तक करवा लिया। इससे सरकार को काफी नुकसान भी पहुंचा। इस फर्जीवाड़े को तीन लोगों ने मिलकर अंजाम दिया। जिसमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य की तलाश जारी है।

इस तरह की गड़बड़ी

विडाल थर्ड पार्टी एजेंसी है जिसके द्वारा मध्यप्रदेश आयुष्मान के लिए कार्य किया जाता है। जिसका कार्य कार्ड को एप्रूवल करने के साथ ही ट्रेक मैनेजमेंट सिस्टम के अंतर्गत कार्डधारक के होने वाले इलाज की मॉनीटरिंग करना था। आरोपी ने वर्ष 2019 से 2022 तक विडाल में कार्य किया है। रिजेक्ट आयुष्मान कार्ड बनाने के आवेदन स्टेट हेल्थ अथॉरिटी को भेजे जाते हैं। यहां पर परीक्षण के बाद अपात्र होने पर आवेदन को रिजेक्ट कर दिया जाता है। वहीं पात्र पाए जाने पर एप्रूवल दे दिया जाता है। विडाल और एक अन्य एजेंसी को स्टेट हेल्थ अथॉरिटी के पांच-पांच लॉगिन आईडी वर्ष 2022 में प्रदान किए गए थे। जिनमें से अनुराग श्रीवास्तव का नंबर भी रजिस्टर्ड था जिसमें ओटीपी आता है। ओटीपी के जरिए लॉगिन कर जानकारी चेक करने के बाद कार्ड को एप्रूव किया जाता है। स्टेट हेल्थ अथॉरिटी से विडाल का टेंडर खत्म होने के बाद अनुराग के साथ ही कई कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया था। किन्तु उसके द्वारा स्टेट हेल्थ अथॉरिटी की लॉगिन आईडी से कार्ड का एप्रूवल जारी किया जा रहा था। जिसको क्राइम ब्रांच ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है।

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