Good News: एमपी में पहली बार हो रहा प्रयोग, कबाड़ियों को न देकर खटारा बसों को दिया जाएगा नया लुक, इस तरह किया जाएगा इस्तेमाल

MP News: एमपी में कबाड़ बसें अब कबाड़ियों को नहीं सौंपी जाएंगी बल्कि इन्हें नया लुक देकर इनका इस्तेमाल दूसरे स्वरूप में किया जाएगा।

Update: 2023-04-24 07:00 GMT

एमपी में कबाड़ बसें अब कबाड़ियों को नहीं सौंपी जाएंगी बल्कि इन्हें नया लुक देकर इनका इस्तेमाल दूसरे स्वरूप में किया जाएगा। मध्यप्रदेश में इस तरह का प्रयोग पहली बार होने जा रहा है। इन खटारा बसों को कुछ इस तरह से बनाया जाएगा जिसे देखकर लोग सहजता से ही कह देंगे कि वाह क्या बात है। दो खटारा बसों को नया स्वरूप देकर तैयार भी कर लिया गया है। अब जल्द ही अन्य बसों को भी नए सांचे में ढाले जाने की तैयारी है।

कबाड़ बसों को मिलेगा यह स्वरूप

एमपी जबलपुर नगर निगम अब कबाड़ हो चुकी बसों को कबाड़ियों को हाथ नहीं साैंपेगा बल्कि इनका दोबारा दूसरे स्वरूप में इस्तेमाल करेगा। जबलपुर से चलने वाली तकरीबन 40 मेट्रो बस जो कि पूरी तरह खटारा हो चुकी हैं उन बसों को कुछ इस तरह से बनाया जा रहा है। इन्हें नया लुक देकर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, बर्तन बैंक, कपड़ा बैंक, बुक लाइब्रेरी, क्लास रूम सहित रेन बसेरा बनाने की तैयारी की जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत नया रूप देकर दो बसों को तैयार भी कर लिया गया है।

ऐसे आया आइडिया

कबाड़ बसों को नया रूप देने का आइडिया नगर निगम कमिश्वन स्वप्निल वानखेड़े को तब आया जब वह हाल ही में नर्मदा नदी ग्वारीघाट गए हुए थे। तब उन्होंने देखा कि महिलाओं के स्नान करने के बाद कपड़े चेंजिंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यदि बिल्डिंग का निर्माण किया जाता है तो ज्यादा लागत आएगी। तब उनके दिमाग में यह आइडिया आया कि बिल्डिंग की जगह कबाड़ हो चुकी बसों में महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बना दिया जाए। जिसके चलते कबाड़ बसों को न बेचकर कुछ अलग करने का निर्णय लिया गया। जबलपुर नगर निगम द्वारा बस के इंजन और गेयर बॉक्स तो बेच दिया गया किंतु बस की बॉडी से अलग-अलग चीजें तैयार करवाया जा रहा है।

मूव करने वाली होंगी बसें

जबलपुर नगर निगम खराब बसों को रंग रोग कर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, रेन बसेरा आदि तैयार किया जा रहा है। इस बसों की यह खासियत है कि यह पूरी तरह से मूव करने वाली होंगी। नगर निगम जबलपुर आने वाले समय में 100 खराब हो चुकी बसों को इसी तरह से नया स्वरूप देगा। अभी 40 बसों को नया रूप दिया जा रहा है। इसके बाद 2024 में बाकी बची हुई 60 बसों को भी नया रूप प्रदान किया जाएगा। इस काम के लिए एक माह की समय सीमा निर्धारित की गई है। मेले, सार्वजनिक आयोजनों तथा नर्मदा तटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम के तौर पर इनका इस्तेमाल होगा।

इनका कहना है

इस संबंध में जबलपुर नगर निगम कमिश्नर स्वप्निल वानखेड़े के मुताबिक मध्यप्रदेश में संभवतः इस तरह का पहला प्रयोग है। यहां की कबाड़ बसों को नया रूप दिया जाएगा। कबाड़ बसों का उपयोग लाइब्रेरी, संजीवनी, बच्चों का क्लास रूम, बर्तन बैंक, कपड़ा बैंक सहित अन्य रूप में किया जाएगा। दो बसों को नया रूप प्रदान कर दिया गया। अन्य कबाड़ बसों को भी जल्द ही तैयार कर लिया जाएगा।

Tags:    

Similar News