Cyber Fraud: सावधान! आप भी हो सकते हैं ठगी का शिकार, एआई से परिचितों की हूबहू आवाज और वीडियो बनाकर मांग रहे पैसे

Cyber Fraud: मध्यप्रदेश में साइबर फ्रॉड अब तेजी से अपना पैर पसारने लगा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने साइबर अपराधों को और भी खतरनाक बना दिया है। विगत कुछ वर्षों की बात की जाए तो अन्य अपराधों को साइबर अपराधों ने पीछे छोड़ दिया है।

Update: 2023-08-07 12:25 GMT

Cyber Fraud: मध्यप्रदेश में साइबर फ्रॉड अब तेजी से अपना पैर पसारने लगा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने साइबर अपराधों को और भी खतरनाक बना दिया है। विगत कुछ वर्षों की बात की जाए तो अन्य सभी तरह के अपराधों को साइबर अपराधों ने पीछे छोड़ दिया है। एमपी के इंदौर में साइबर क्राइम के आंकड़े चौंकने वाले हैं। पिछले एक साल के अंदर साइबर क्राइम की 15 हजार शिकायतें आई हैं। जिनमें सर्वाधिक शिकार युवाओं को बनाया गया है।

एआई से वाइस करते हैं जनरेट

साइबर फ्रॉड के जरिए लोगों को आसानी से ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। साइबर अपराधी अब एआई का उपयोग कर वाइस जनरेट करने लगे हैं। जिसके माध्यम से वे परिचितों की आवाज में फोन करते हैं। इसके साथ ही पैसों की डिमांड करते हैं। फोन करते समय स्थिति भी गंभीर बताते हैं। जैसे कि अस्पताल में हैं तुरंत भेज दो अथवा कहीं फंस गए हैं। ऐसे में सामने वाले के पास सोचने का वक्त नहीं होता और वह आनन-फानन में पैसे ट्रांसफर कर देता है। जिसका पता उसे बाद में चलता है कि वह ठगी का शिकार हो गया है।

सर्वाधिक जॉब फ्रॉड के मामले

इन दिनों सबसे अधिक जॉब फ्रॉड के केस सामने आ रहे हैं। जिसमें अपराधियों द्वारा युवाओं को टारगेट किया जाता है। पहले स्कूल अथवा कॉलेज के छात्रों को एक टास्क दिया जाता है। इनमें यूट्यूब चैनल पर कमेंट करना, शेयर करना, किसी वेबसाइट की लिंक शेयर करना जैसे काम शामिल रहते हैं। साइबर अपराधियों द्वारा पहले छोटे-छोटे टास्क देकर विद्यार्थियों को पैसा देते हैं। इसके बाद उनको कहा जाता है कि एक बड़ा प्रोजेक्ट है जिसके आपको 10 से 20 हजार रुपए अथवा इससे भी अधिक की राशि डिपाजिट करनी होगी। जिसके माध्यम से आपको बहुत अच्छा रिटर्न प्राप्त होगा। स्टूडेंट लालच में आकर राशि जमा कर देते हैं, बाद में उन्हें फ्रॉड का पता चलता है।

बढ़ रही सोशल मीडिया हंटिंग

सोशल मीडिया हंटिंग का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के पेज हैक हो रहे हैं। हैकर पेज हैक कर अपने प्रमोशन करने लगते हैं। यदि विदेशी कंपनियों ने हैक किया है तो वह दूसरी मार्केटिंग एजेंसी अथवा कंपनियों को यह पेज बेच देते हैं। देश की कई बड़ी कंपनियों और सेलिब्रिटी के पेज पिछले कुछ दिनों में हैक हुए हैं। जिनको रिकवर करना भी आसान नहीं होता है।

एक हजार करोड़ से ज्यादा का स्कैम है इंस्टाग्राम बिटकॉइन

आपका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर बिटकाइन का प्रमोशन किया जाता है। आपकी ही फोटो निकालकर पोस्ट की जाती है कि आपके बिटकॉइन में निवेश कर लाखों रुपए कमाया है। आपकी फोटो देखकर लोग विश्वास कर लेते हैं और संबंधित प्रोफाइल पर निवेश के लिए संपर्क करते हैं। आपका अकाउंट रिकवर हो गया तब भी आके मित्र को पता नहीं चलता क्योंकि वह दूसरी प्रोफाइल पर डायवर्ट हो गया है। वह वहां निवेश करता रहता है और पैसे डूब जाते हैं। जब आपके द्वारा फ्रॉड की शिकायत की जाती है तो पैसा रिकवर भी नहीं हो पाता क्योंकि आपने उसे बिटकॉइन में निवेश किया था।

व्यापारियों को भी बना रहे शिकार

साइबर फ्रॉड करने वाले अब व्यापारियों को अपना शिकार बना रहे हैं। यह एक नए तरीके का फ्रॉड है। साइबर फ्रॉड करने वाला अब अकाउंट में पैसे आते ही एटीएम से नहीं निकलता और न ही राशि को कहीं ट्रांसफर करता है। फ्रॉड करने वाला किसी बड़े दुकानदार को अपना शिकार बनाता है। वह दुकान से सामान खरीद लेता है और वहां पर ऑनलाइन माध्यम से पेमेंट करता है। पुलिस जब जांच करती है तो दुकानदार का अकाउंट बंद कर देती है। पूछताछ के दौरान दुकानदार को साबित करना पड़ता है कि साइबर फ्रॉड करने वाले से उसका कोई ताल्लुक नहीं है।

एमपी में तेजी से बढ़ रहा साइबर फ्रॉड

मध्यप्रदेश में साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहा है। आए दिन किसी न किसी को अपना शिकार बनाने के मामले सामने आते रहते हैं। एमपी इंदौर के एसीपी साइबर निमेष देशमुख के मुताबिक प्रतिदिन औसतन 40 शिकायतें आ रही हैं। साल भर की बात की जाए तो 15 हजार से अधिक साइबर फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं। महीने भर में इनकी संख्या 1200 से अधिक है। उनका कहना है कि फ्रॉड होने की शिकायत जितनी जल्दी हो उतनी जल्दी करना चाहिए। इससे पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। शिकायत दर्ज होते ही साइबर फ्रॉड करने वाले का अकाउंट बंद कर दिया जाता है। जिससे वह पैसा नहीं निकाल पाता है। उनका कहना है कि साइबर फ्रॉड के तेजी से बढ़ रहे आंकड़े चिंताजनक हैं। पुलिस और जनता को इसके लिए मिलकर काम करना होगा।

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