महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 LIVE: BMC में BJP+ 25 सीटों पर आगे, शिवसेना+ 19 पर; पुणे में भाजपा+ की बड़ी बढ़त
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 के लाइव नतीजे सामने आ रहे हैं। BMC, पुणे, नागपुर, नासिक और संभाजीनगर में बीजेपी+, शिवसेना, कांग्रेस और NCP की स्थिति जानिए। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
- महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 की काउंटिंग सुबह 10 बजे से जारी
- BMC में शुरुआती रुझानों में बीजेपी+ 25 और शिवसेना+ 19 सीटों पर आगे
- पुणे में बीजेपी+ 42 सीटों पर बढ़त, NCP+ 15 पर आगे
- नागपुर, नासिक, संभाजीनगर में भी मुकाबला रोमांचक
महाराष्ट्र में हुए नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों की तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है। शुक्रवार सुबह 10 बजे से राज्य की 29 नगर निगमों में वोटों की गिनती शुरू हुई। कुल 893 वार्डों में चुनाव हुए थे, जहां 15,931 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद थी। जैसे-जैसे रुझान सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे राज्य की राजनीति में हलचल तेज होती जा रही है।
BMC Election Result Live – बीएमसी पर सबकी नजर
इन सभी चुनावों में सबसे अहम मुकाबला बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का है। देश की सबसे अमीर नगर निगम मानी जाने वाली बीएमसी को मुंबई की राजनीति की रीढ़ कहा जाता है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी+ गठबंधन 25 वार्डों में आगे चल रहा है, जबकि ठाकरे गुट और NCP SCP गठबंधन 19 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस भी 2 वार्डों में आगे दिखाई दे रही है।
मुंबई को कुल 227 वार्डों में बांटा गया है और बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है। यहां 23 काउंटिंग सेंटर्स पर एक साथ मतगणना चल रही है। बीएमसी के नतीजे न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं।
Pune Nagar Nigam Result – पुणे में बीजेपी+ का दबदबा
पुणे नगर निगम में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा था, लेकिन शुरुआती आंकड़ों में बीजेपी+ गठबंधन 42 सीटों पर बढ़त बनाकर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। वहीं NCP+ 15 सीटों पर आगे चल रही है। पुणे को महाराष्ट्र का शैक्षणिक और आईटी हब कहा जाता है, इसलिए यहां का जनादेश राज्य सरकार के लिए बड़ा संकेत माना जाता है।
Nagpur, Nashik, Sambhajinagar – अन्य शहरों का हाल
नागपुर में भाजपा 7 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। संभाजीनगर में बीजेपी 8, शिवसेना 4 और शिवसेना (UBT) 3 सीटों पर आगे है। नासिक में बीजेपी 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि MVA + MNS गठबंधन 3 सीटों पर आगे नजर आ रहा है।
इन सभी शहरों के रुझान यह दिखा रहे हैं कि इस बार का नगर निगम चुनाव केवल स्थानीय सरकार बनाने का नहीं, बल्कि राज्य की सत्ता की दिशा तय करने वाला जनमत संग्रह बन चुका है।
BMC Exit Poll – बीएमसी में बीजेपी गठबंधन को बहुमत का अनुमान
बीएमसी चुनाव से एक दिन पहले आए तीन प्रमुख एग्जिट पोल में भाजपा-शिंदे गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया था। सर्वे के मुताबिक भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 130 से 150 सीटें मिल सकती हैं। वहीं कांग्रेस और सहयोगी दलों को लगभग 60 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य के खाते में 5 से 7 सीटें जा सकती हैं।
यदि ये अनुमान नतीजों में बदलते हैं, तो बीएमसी में लंबे समय बाद सत्ता परिवर्तन संभव है। पिछले कई दशकों से मुंबई की सत्ता पर शिवसेना का दबदबा रहा है, लेकिन बदले राजनीतिक समीकरणों ने मुकाबले को पूरी तरह नया रूप दे दिया है।
Voting Percentage – मतदान प्रतिशत में गिरावट
अधिकारियों के अनुसार, इस बार बीएमसी चुनाव में कुल 52.94% मतदान हुआ। यह आंकड़ा 2017 के चुनावों से कम है, जब मतदान प्रतिशत 55.53% था। विशेषज्ञ मानते हैं कि शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की उदासीनता और बार-बार टलते चुनावों के कारण लोगों में उत्साह की कमी देखने को मिली।
कम मतदान का असर आमतौर पर शहरी राजनीति में बड़ा माना जाता है, क्योंकि संगठित वोट बैंक रखने वाले दलों को इसका सीधा लाभ मिलता है।
चार साल देरी से हुए चुनाव – क्या था कारण?
नगर निगम चुनाव हर पांच साल में होते हैं। बीएमसी का पिछला चुनाव 2017 में हुआ था और अगला चुनाव 2022 में होना था। लेकिन उस समय वार्ड सीमाओं के पुनर्निर्धारण और सीटों के पुनर्विन्यास की प्रक्रिया चल रही थी।
बीएमसी में वार्डों की संख्या 227 से बढ़ाकर 236 करने का प्रस्ताव रखा गया था। जब तक नए नक्शे और परिसीमन तय नहीं होते, तब तक पुराने वार्डों पर चुनाव कराना संभव नहीं था। इसी कारण चुनाव लगातार टलते रहे। हालांकि बाद में यह प्रस्ताव पास नहीं हो सका, लेकिन तब तक चार साल की देरी हो चुकी थी।
कौन किसके साथ – राजनीतिक समीकरण
बीएमसी चुनाव में कुल 227 सीटों पर मुकाबला हुआ। यहां भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा। भाजपा ने 137 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जबकि शिंदे गुट ने 90 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए।
दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) ने मनसे के साथ गठबंधन किया। UBT ने 163 सीटों पर चुनाव लड़ा और मनसे को 52 सीटें दी गईं। कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाड़ी के साथ गठबंधन किया, जिसमें कांग्रेस 143 और VBA 46 सीटों पर मैदान में उतरी। वहीं NCP (अजित पवार गुट) ने अकेले 94 सीटों पर चुनाव लड़ा।
क्यों ख़ास है BMC चुनाव?
इन नतीजों का मतलब क्या है?
नगर निगम चुनावों को अक्सर राज्य की राजनीति का सेमीफाइनल कहा जाता है। इन नतीजों से यह साफ होगा कि शहरी मतदाता किस दिशा में झुक रहा है। बीएमसी, पुणे और नागपुर जैसे बड़े शहरों के रुझान आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति तय करेंगे।
अगर बीजेपी+ गठबंधन बड़े शहरों में मजबूत प्रदर्शन करता है, तो यह मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा नेतृत्व के लिए बड़ी राजनीतिक जीत होगी। वहीं विपक्ष के लिए यह आत्ममंथन का समय साबित हो सकता है।