महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 LIVE: 29 निगमों की 2869 सीटों का फैसला, 25 निगमों पर महायुति का कब्जा; BJP+ ने BMC छीनकर रचा इतिहास
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 में राज्य की 29 नगर निगमों की सभी 2,869 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इनमें से 25 नगर निगमों पर महायुति ने कब्जा जमा लिया है।
- महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 की काउंटिंग सुबह 10 बजे से जारी
- BMC में शुरुआती रुझानों में बीजेपी+ 25 और शिवसेना+ 19 सीटों पर आगे
- पुणे में बीजेपी+ 42 सीटों पर बढ़त, NCP+ 15 पर आगे
- नागपुर, नासिक, संभाजीनगर में भी मुकाबला रोमांचक
महाराष्ट्र में हुए नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों की तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है। शुक्रवार सुबह 10 बजे से राज्य की 29 नगर निगमों में वोटों की गिनती शुरू हुई। कुल 893 वार्डों में चुनाव हुए थे, जहां 15,931 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद थी। परिणाम आ चुके हैं, भाजपा और उसके गठबंधन दलों वाली महायुति ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए शहरी राजनीति की दिशा ही बदल दी है। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य की 29 नगर निगमों की सभी 2,869 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इनमें से 25 नगर निगमों पर महायुति ने कब्जा जमा लिया है।
इस चुनाव में अकेले BJP ने 1,425 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते हुए अपना दबदबा साबित किया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 399 सीटें, जबकि अजित पवार की नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) को 167 सीटों पर जीत मिली है। आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि शहरी मतदाताओं ने महायुति को खुला जनादेश दिया है।
BMC Election Result Live – बीएमसी पर सबकी नजर
सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर मुंबई के बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में देखने को मिला। शुक्रवार देर रात सभी 227 वार्डों के नतीजे सामने आए, जिनमें:
इन नतीजों के साथ ही BJP+ गठबंधन ने वर्षों बाद BMC पर नियंत्रण हासिल कर लिया है, जिसे लंबे समय से ठाकरे गुट का गढ़ माना जाता था। इसे महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
मुंबई के अलावा नागपुर, पुणे, ठाणे, नवी मुंबई, पिंपरी-चिंचवाड़ और नासिक जैसे बड़े नगर निगमों में भी भाजपा गठबंधन को स्पष्ट जीत मिली है। इन प्रमुख शहरी केंद्रों में महायुति की सफलता यह दर्शाती है कि राज्य के शहरों में विकास, स्थिर सरकार और प्रशासनिक भरोसे के मुद्दों पर मतदाताओं ने सत्ताधारी गठबंधन को प्राथमिकता दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं। शहरी मतदाताओं का यह रुझान न केवल सरकार के लिए बड़ा संबल है, बल्कि विपक्ष के लिए रणनीति पर दोबारा विचार करने का संकेत भी।
BMC Exit Poll – बीएमसी में बीजेपी गठबंधन को बहुमत का अनुमान
बीएमसी चुनाव से एक दिन पहले आए तीन प्रमुख एग्जिट पोल में भाजपा-शिंदे गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया था। सर्वे के मुताबिक भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 130 से 150 सीटें मिल सकती हैं। वहीं कांग्रेस और सहयोगी दलों को लगभग 60 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य के खाते में 5 से 7 सीटें जा सकती हैं।
Voting Percentage – मतदान प्रतिशत में गिरावट
अधिकारियों के अनुसार, इस बार बीएमसी चुनाव में कुल 52.94% मतदान हुआ। यह आंकड़ा 2017 के चुनावों से कम है, जब मतदान प्रतिशत 55.53% था। विशेषज्ञ मानते हैं कि शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की उदासीनता और बार-बार टलते चुनावों के कारण लोगों में उत्साह की कमी देखने को मिली।
कम मतदान का असर आमतौर पर शहरी राजनीति में बड़ा माना जाता है, क्योंकि संगठित वोट बैंक रखने वाले दलों को इसका सीधा लाभ मिलता है।
चार साल देरी से हुए चुनाव – क्या था कारण?
नगर निगम चुनाव हर पांच साल में होते हैं। बीएमसी का पिछला चुनाव 2017 में हुआ था और अगला चुनाव 2022 में होना था। लेकिन उस समय वार्ड सीमाओं के पुनर्निर्धारण और सीटों के पुनर्विन्यास की प्रक्रिया चल रही थी।
बीएमसी में वार्डों की संख्या 227 से बढ़ाकर 236 करने का प्रस्ताव रखा गया था। जब तक नए नक्शे और परिसीमन तय नहीं होते, तब तक पुराने वार्डों पर चुनाव कराना संभव नहीं था। इसी कारण चुनाव लगातार टलते रहे। हालांकि बाद में यह प्रस्ताव पास नहीं हो सका, लेकिन तब तक चार साल की देरी हो चुकी थी।
कौन किसके साथ – राजनीतिक समीकरण
बीएमसी चुनाव में कुल 227 सीटों पर मुकाबला हुआ। यहां भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा। भाजपा ने 137 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जबकि शिंदे गुट ने 90 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए।
दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) ने मनसे के साथ गठबंधन किया। UBT ने 163 सीटों पर चुनाव लड़ा और मनसे को 52 सीटें दी गईं। कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाड़ी के साथ गठबंधन किया, जिसमें कांग्रेस 143 और VBA 46 सीटों पर मैदान में उतरी। वहीं NCP (अजित पवार गुट) ने अकेले 94 सीटों पर चुनाव लड़ा।
क्यों ख़ास है BMC चुनाव?
इन नतीजों का मतलब क्या है?
नगर निगम चुनावों को अक्सर राज्य की राजनीति का सेमीफाइनल कहा जाता है। इन नतीजों से यह साफ होगा कि शहरी मतदाता किस दिशा में झुक रहा है। बीएमसी, पुणे और नागपुर जैसे बड़े शहरों के रुझान आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति तय करेंगे।
बीजेपी+ गठबंधन बड़े शहरों में मजबूत प्रदर्शन किया है, यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ महायुति गठबंधन की बड़ी जीत है। वहीं विपक्ष के लिए यह आत्ममंथन का समय है।