
Trump Tariff को US Supreme Court ने रद्द किया: ट्रम्प ने जज को देश के लिए कलंक बताया, दुनियाभर में 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान किया

मुख्य बिंदु
- US Supreme Court ने Trump के Global Tariff को 6-3 से अवैध ठहराया।
- India पर लगा 18% Indian Tariff भी निरस्त।
- कोर्ट ने कहा- टैक्स और टैरिफ का अधिकार केवल कांग्रेस को।
- ट्रम्प ने कहा - कुछ जज देश के लिए कलंक।
- ट्रम्प ने दुनिया भर में 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान किया।
- 200 अरब डॉलर वसूली पर अब रिफंड को लेकर सस्पेंस।
Washington से आई इस खबर ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा लगाए गए Global Tariff को 6-3 के बहुमत से अवैध घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद भारत पर लगाया गया 18% Indian Tariff भी कानूनी रूप से अमान्य हो गया है। यह निर्णय न केवल अमेरिकी राजनीति बल्कि वैश्विक व्यापार, खासकर India-US Trade संबंधों के लिए भी बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रेजिडेंट ट्रम्प बौखला उठें। उन्होंने न केवल कुछ जजों को देश के लिए कलंक बताया, साथ ही दुनियाभर में 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया।
Breaking: US Supreme Court Strikes Down Trump Global Tariff
In a 6-3 ruling, the US Supreme Court declared Trump’s Global Tariff unconstitutional. India’s 18% tariff also invalidated.
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सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार कांग्रेस के पास है। राष्ट्रपति IEEPA का इस्तेमाल कर व्यापक Global Tariff नहीं लगा सकते।
US Supreme Court का 6-3 फैसला
कोर्ट ने कहा कि अमेरिकी संविधान में टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार स्पष्ट रूप से कांग्रेस को दिया गया है। राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल का हवाला देकर सीमित आर्थिक कदम उठा सकते हैं, लेकिन व्यापक Global Tariff लागू करना उनकी संवैधानिक सीमा से बाहर है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर
हालिया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का वैश्विक व्यापार और शेयर बाजार पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। यह निर्णय खासतौर पर टैरिफ, निर्यात और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े मामलों में अहम माना जा रहा है।
- 1 ट्रंप के लगाए गए टैरिफ हट सकते हैं।
- 2 अमेरिका को कंपनियों को पैसा वापस करना पड़ सकता है।
- 3 दुनिया के देशों को अमेरिका में सामान बेचने में राहत मिल सकती है।
- 4 भारत, चीन और यूरोप के निर्यातकों को फायदा होगा।
- 5 कई चीजें सस्ती हो सकती हैं।
- 6 शेयर बाजारों में तेजी आ सकती है और वैश्विक व्यापार ज्यादा स्थिर हो सकता है।
ट्रम्प ने क्या कहा?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले के ठीक तीन घंटे बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनियाभर में 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। ट्रम्प ने कहा की वे आज एक आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत दुनियाभर में बेसलाइन टैरिफ के ऊपर 10% एडिशनल टैरिफ लगाया जाएगा।
ट्रम्प ने अपना गुस्सा जजों पर निकाला। उन्होंने आगे कहा कि बड़ी निराशा की बात है कि कुछ जज देश के लिए कलंक हैं। उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है। हमें उन पर शर्म आ रही है। जज कट्टर वामपंथियों के पालतू हैं। वे न तो संविधान के प्रति वफादार हैं और न ही देश भक्ति दिखा रहें हैं। वे डरपोक हैं इसलिए सही फैसला लेने की क्षमता उनमें नहीं है।
हालांकि ट्रम्प ने उन तीन कंजरवेटिव जजों की तारीफ भी की, जिंहोने इस फैसले पर असहमति जताई। जिन जजों ने टैरिफ को रद्द किया, उनकी आलोचना करते हुए ट्रम्प ने कहा, “वे हर उस चीज के खिलाफ हैं जो अमेरिका को मजबूत और फिर से महान बनाती है। वे हमारे देश के लिए शर्म की बात हैं। वे हर बार ‘ना’ कहने वाले जज हैं।”
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India पर 18% Indian Tariff क्यों था अहम?
Trump प्रशासन ने अप्रैल 2025 में रेसिप्रोकल Tariff नीति के तहत भारत सहित कई देशों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया था। भारत पर 18% Tariff को “ट्रेड बैलेंस सुधारने” और “राष्ट्रीय सुरक्षा” के नाम पर उचित ठहराया गया था। यह शुल्क भारतीय निर्यातकों के लिए चुनौती बना हुआ था, खासकर फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग सेक्टर में।
IEEPA कानून का विवाद
Trump ने 1977 के International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) का सहारा लेकर Tariff लागू किए थे। कोर्ट ने कहा कि IEEPA में “Tariff” शब्द का स्पष्ट उल्लेख नहीं है और न ही राष्ट्रपति को असीमित व्यापारिक कर लगाने की अनुमति देता है।
किन Tariff पर रोक, किन पर नहीं?
फैसले से सभी Tariff खत्म नहीं हुए हैं। स्टील और एल्युमिनियम पर लगाए गए शुल्क अलग कानूनों के तहत लागू हैं। लेकिन दो प्रमुख श्रेणियां—Reciprocal Tariff और 25% विशेष Tariff—अब अमान्य हो गई हैं। चीन पर 34% और बाकी दुनिया के लिए 10% बेसलाइन Tariff भी निरस्त हो गया है।
200 अरब डॉलर की वसूली पर सवाल
रिपोर्टों के मुताबिक Trump प्रशासन ने Tariff से 200 अरब डॉलर से अधिक की वसूली की थी। अब सवाल यह है कि क्या कंपनियों को यह राशि वापस की जाएगी। कई कंपनियों ने पहले ही कोर्ट में रिफंड के दावे दायर कर दिए हैं।
राज्यों और कारोबारियों की चुनौती
12 अमेरिकी राज्यों और छोटे कारोबारियों ने Trump प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। उनका तर्क था कि राष्ट्रपति ने कांग्रेस की मंजूरी के बिना आयात पर नए Tariff लागू कर संवैधानिक सीमा पार की। निचली अदालतों ने पहले ही Tariff को गैरकानूनी ठहराया था।
ट्रंप ने IEEPA के जरिए टैरिफ लगाया
IEEPA क्या है और इसका उपयोग कैसे होता है?
पूरा नाम
इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (International Emergency Economic Powers Act)
कब बना?
1977 में अमेरिकी संसद ने इसे पारित किया।
मकसद
अगर अमेरिका को किसी दूसरे देश से बड़ा आर्थिक या राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा हो, तो सरकार तुरंत आर्थिक कदम उठा सके।
IEEPA का इस्तेमाल कैसे होता है?
विदेशी संपत्तियों को फ्रीज करने में।
डॉलर ट्रांजेक्शन और बैंकिंग सिस्टम को नियंत्रित करने में।
इंपोर्ट-एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगाने में।
तुरंत आर्थिक फैसले लागू करने में।
80+
अब तक IEEPA का 80 से ज्यादा बार इस्तेमाल हो चुका है।
टैरिफ लगाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार इसका उपयोग किया।
India और वैश्विक असर
India के लिए यह फैसला राहत भरा है। Indian Tariff हटने से निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल सकता है। साथ ही India-US Trade वार्ताओं में नया संतुलन आ सकता है। वैश्विक स्तर पर भी बाजारों में स्थिरता की उम्मीद जताई जा रही है।
Trump की प्रतिक्रिया और राजनीतिक असर
Trump ने पहले कहा था कि अगर Tariff केस हारे तो देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा। अब यह फैसला उनकी आर्थिक नीतियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि तीन जजों—Samuel Alito, Clarence Thomas और Brett Kavanaugh—ने असहमति जताई।
Global Tariff Verdict Snapshot
- US Supreme Court का ऐतिहासिक फैसला
- Trump Tariff नीति को असंवैधानिक बताया
- India को 18% Tariff से राहत
- रिफंड और व्यापार समझौतों पर अनिश्चितता
Trump Global Tariff को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया। फैसले का India सहित वैश्विक व्यापार पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
US Supreme Court ने Trump Tariff क्यों रद्द किया?
कोर्ट ने कहा कि टैरिफ लगाने का अधिकार संविधान के तहत केवल कांग्रेस को है, राष्ट्रपति को नहीं।
India पर 18% Indian Tariff का क्या होगा?
फैसले के बाद यह टैरिफ अवैध घोषित हो गया है और लागू नहीं रहेगा।
क्या सभी Tariff खत्म हो गए?
नहीं, स्टील और एल्युमिनियम पर लगाए गए शुल्क अलग कानूनों के तहत जारी रहेंगे।
200 अरब डॉलर का क्या होगा?
रिफंड को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है, लेकिन कंपनियों ने दावे दाखिल किए हैं।
IEEPA कानून क्या है?
यह 1977 का कानून है, जो राष्ट्रीय आपात स्थिति में राष्ट्रपति को कुछ आर्थिक शक्तियां देता है।
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