विश्व

इजराइल-ईरान सीधा युद्ध: तेहरान पर हमले के बाद 400 मिसाइलें, अमेरिका-इजराइल जॉइंट एक्शन का दावा

Rewa Riyasat News
28 Feb 2026 4:49 PM IST
Updated: 2026-02-28 11:45:02
इजराइल-ईरान सीधा युद्ध: तेहरान पर हमले के बाद 400 मिसाइलें, अमेरिका-इजराइल जॉइंट एक्शन का दावा
x
इजराइल ने तेहरान समेत कई शहरों पर हमला किया, ईरान का पलटवार और खाड़ी में अमेरिकी बेस निशाने पर। परमाणु वार्ता के बीच बढ़ता संकट, वैश्विक असर की पूरी रिपोर्ट।

मुख्य बातें

  • इजराइल ने तेहरान समेत कई शहरों पर सैन्य कार्रवाई की
  • ईरान ने करीब 400 मिसाइलें दागने का दावा किया
  • खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया
  • परमाणु वार्ता के बीच अमेरिका-इजराइल जॉइंट एक्शन की चर्चा

मिडिल ईस्ट में हालात अचानक बेहद विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गए हैं। इजराइल ने शनिवार सुबह भारतीय समयानुसार ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य शहरों में सैन्य हमले किए। इसके तुरंत बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की और बड़ी संख्या में मिसाइलें दागने का दावा किया। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने की खबरों ने पूरे क्षेत्र को उच्च सतर्कता पर ला दिया है। परमाणु वार्ता के बीच यह टकराव वैश्विक सुरक्षा और तेल बाजार के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।

Related Coverage

क्या बदला समीकरण?

इजराइल ने अपने अभियान को ‘लायंस रोर’ नाम दिया है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से इसे संयुक्त सैन्य कार्रवाई बताया गया। ईरान का दावा है कि यह उसकी संप्रभुता पर सीधा हमला है और वह निर्णायक जवाब देगा।

तेहरान और रणनीतिक ठिकाने निशाने पर

ईरान के खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सुप्रीम लीडर के कार्यालय और परमाणु ऊर्जा संगठन से जुड़े परिसरों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आईं। हमलों के बाद शीर्ष नेतृत्व को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किए जाने की जानकारी दी गई। स्थानीय मीडिया ने कई इलाकों में विस्फोट और हवाई गतिविधियों की पुष्टि की।

ईरान का पलटवार और मिसाइल दावे

ईरान ने दावा किया कि उसने इजराइल की ओर सैकड़ों मिसाइलें दागीं। इसके अलावा खाड़ी में मौजूद अमेरिकी बेस, कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब के कुछ ठिकानों के पास धमाकों की खबरें आईं। दुबई को लेकर भी हमले के दावे सामने आए, हालांकि स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।

अमेरिका-इजराइल जॉइंट एक्शन?

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि यह कार्रवाई समन्वित थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर कड़ी चेतावनी दी थी। उनका कहना रहा है कि अमेरिकी सेना का उद्देश्य संभावित खतरों को निष्प्रभावी करना है।

परमाणु वार्ता और बैलिस्टिक मिसाइल विवाद

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम सबसे बड़ा मतभेद बनकर उभरा था। ईरान इसे अपनी रक्षा क्षमता का अहम हिस्सा मानता है और इसे ‘रेड लाइन’ बताता रहा है। अमेरिका और इजराइल का तर्क है कि मिसाइल क्षमता क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित करती है।

क्षेत्रीय असर और तेल बाजार

खाड़ी क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा केंद्र है। किसी भी सैन्य टकराव से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव की आशंका बढ़ जाती है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो शिपिंग रूट, बीमा लागत और ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकते हैं।

वैश्विक प्रतिक्रिया

कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है। यूरोपीय और एशियाई राजधानियों में कूटनीतिक संपर्क तेज हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र से भी तनाव कम करने की अपील की गई है।

Rewariyasat Logo

संकट की तस्वीर

  • इजराइल का ‘लायंस रोर’ अभियान
  • ईरान का मिसाइल पलटवार
  • अमेरिकी भूमिका पर चर्चा
  • परमाणु वार्ता पर अनिश्चितता
Join WhatsApp Channel Follow on Google News

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह पूर्ण युद्ध की शुरुआत है?

दोनों देशों की सीधी सैन्य कार्रवाई गंभीर संकेत देती है, हालांकि औपचारिक युद्ध घोषणा नहीं हुई है।

क्या अमेरिकी ठिकानों पर हमले की पुष्टि हुई है?

हमलों के दावे सामने आए हैं, लेकिन स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।

परमाणु वार्ता पर इसका क्या असर होगा?

तनाव बढ़ने से वार्ता प्रक्रिया पर अनिश्चितता गहरा सकती है।

तेल बाजार पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?

ऊर्जा आपूर्ति मार्ग प्रभावित होने की आशंका से कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है।

अगला कदम क्या हो सकता है?

कूटनीतिक प्रयास तेज हो सकते हैं, लेकिन सैन्य गतिविधियां भी जारी रह सकती हैं।

Rewa Riyasat News

Rewa Riyasat News

2013 में स्थापित, RewaRiyasat.Com एक विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है जो पाठकों को तेज़, सटीक और निष्पक्ष खबरें प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाओं तक की भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है।

Next Story