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Facebook ने Jio की 9.9% हिस्‍सेदारी खरीदी, 3 करोड़ छोटे किराना दुकानदारों को होगा ये फायदा

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 6:20 AM GMT
Facebook ने Jio की 9.9% हिस्‍सेदारी खरीदी, 3 करोड़ छोटे किराना दुकानदारों को होगा ये फायदा
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Reliance Industries Limited (RIL), Jio Platforms Limited (JPL) और Facebook ने बुधवार को घोषणा की कि उनके बीच एक समझौता हुआ है की फेसबुक जियो

Reliance Industries Limited (RIL), Jio Platforms Limited (JPL) और Facebook ने बुधवार को घोषणा की कि उनके बीच एक समझौता हुआ है की Facebook, Jio Platforms में 43,574 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. फेसबुक के इस निवेश से जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स का Pre-Money Enterprise Value 4.62 लाख करोड़ रुपये आंका जा रहा है. फेसबुक इस निवेश के जरिये जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स में 9.9 फीसद हिस्‍सेदारी खरीद रही है.

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Reliance Industries ने कहा कि इस निवेश के साथ ही Jio Platforms, Reliance Retails और Facebook के WhatsApp के बीच Commercial Partnership Agreement हुआ है. इसके तहत जियोमार्ट प्‍लेटफॉर्म पर रिलायंस रिटेल के न्‍यू कॉमर्स बिजनेस को वॉट्सऐप के जरिये बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी. साथ ही, वॉट्सऐप पर छोटे कारोबारियों को भी मदद मिलेगी.

3 करोड़ छोटी भारतीय किराना दुकानों को डिजिटल लेन-देन में सक्षम बनाएंगे

रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के Chairman और Managing Director मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने कहा, 'Jio के विश्व स्तरीय डिजिटल कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म और भारतीय लोगों के साथ फेसबुक के करीबी संबंधों की साझा ताकत के दम पर हम, आप में से हर एक के लिए नए और इनोवेटिव सॉल्यूशन लाएंगे. निकट भविष्य में, JioMart जो कि Jio का नया डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म है और वॉट्सऐप मिलकर, लगभग 3 करोड़ छोटी भारतीय किराना दुकानों को डिजिटल लेन-देन करने में सक्षम बनाएंगे. यह दुकानदार अपने ग्राहकों से डिजिटल लेन-देन कर पाएंगे. इसका मतलब है कि आप सभी स्थानीय दुकानों से रोजाना के सामानों का ऑर्डर और उसकी डिलीवरी ले सकेंगे.

इससे छोटे किराना दुकानदारों को भी अपने व्यवसायों को विकसित करने का मौका मिलेगा. साथ ही डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग करके वे रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकते हैं.

विश्‍व का सबसे बड़ा निवेश

इस सौदे को लेकर रिलायंस इंडस्‍ट्रीज ने कहा कि किसी प्रौद्योगिकी कंपनी में अल्‍प हिस्‍सेदारी के लिए किया जाने वाला ये विश्‍व का सबसे बड़ा निवेश है, और भारत के टेक्‍नोलॉजी सेक्‍टर का सबसे बड़ा प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश (FDI) है. फेसबुक के इस निवेश के साथ ही मूल्‍य के हिसाब से जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स बाजार पूंजीकरण के लिहाज से कमर्शियल सर्विसेज शुरू करने के मात्र साढ़े तीन साल की अवधि में शीर्ष पांच सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल हो गई है.

फेसबुक के साथ साझेदारी को लेकर मुकेश अंबानी ने कहा, '2016 में जब रिलायंस ने जियो लॉन्‍च किया था तो हम भारत के डिजिटल सर्वोदय-भारत का समावेशी डिजिटल उत्‍थान का सपना लेकर चले थे. इसका उद्देश्‍य था कि भारत के प्रत्‍येक व्‍यक्ति की जीवन गुणवत्‍ता में सुधार हो भारत को विश्‍व की अग्रणी डिजिटल सोसायटी में शामिल किया जाए. रिलायंस की तरफ से हम सभी एक दीर्घावधि के साझेदार के तौर पर फेसबुक का स्‍वागत करते हैं. यह साझेदारी भारत के डिजिटल इकोसिस्‍टम में बड़ा बदलाव लाएगी और इससे सभी भारतीय को लाभ होगा.'

नियामकीय मंजूरियों के अधीन है लेन-देन

फेसबुक और जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स के बीच हुआ यह लेन-देन नियामकीय मंजूरियों के अधीन है. इस सौदे की फाइनेंशियल एडवाइजर मॉर्गन स्‍टेनली रही है. एजेडबी एंड पार्टनर्स और डेविस पोक एंड वार्डवेल इस लेन-देन की कानूनी सलाहकार रही है.

इस लेन-देन के बारे में फेसबुक ने कहा, 'यह निवेश भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है, साथ ही जियो जिस तरह से देश में अप्रत्‍याशित बदलाव लेकर आई है, उसके प्रति हमारे उत्‍साह को दर्शाता है. चार साल से भी कम समय में जियो ने 38.80 करोड़ से अधिक लोगों को ऑनलाइन लाने में बड़ी भूमिका निभाई है. हम जियो के साथ मिलकर और ज्‍यादा लोगों को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'

फेसबुक के इस निवेश से तेल से लेकर टेलिकॉम सेक्‍टर सेक्‍टर की जानी-मानी कंपनी रिलायंस इंडस्‍ट्रीज को अपना कर्ज कम करने में महत्‍वपूर्ण रूप से मदद मिलेगी.

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